झूम-झूम-झूम रेला झूम-झूम...गोंडी गीत
ग्राम पंचायत-पेयवारी, विकासखण्ड-अंतागढ, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मधुका, कुमारी दिव्यारी और सुदेशवरी हिडको एक गोंडी गीत सुना रहे हैं :
झूम-झूम-झूम रेला झूम -झूम-
झूम रेला झूम-झूम-झूम रेला-
बसके याया इन्दाना बसके बाबा इन्दाना-
याया बाबा पेन तुन जोहार कियाना-
झूम-झूम-झूम रेला झूम -झूम-
झूम रेला झूम-झूम-झूम रेला-
क से कागज इन्दाना प पेन इन्दाना-
कागज पेन पैस स्कुल दायंना-
झूम-झूम-झूम रेला झूम -झूम...
Posted on: Aug 18, 2018. Tags: GONDI SONG KANKER CG
तरी नरी नारी मोर ना नारी हो नारे मोर सुवा हो...सुवा गीत
ग्राम-तरलकट्टा, पंचायत-गोडबिनापाल, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से शांति एक सुवा गीत सुना रहें है:
तरी नरी नारी मोर ना नारी हो नारे मोर सुवा हो-
हाथे धरे लवडी खंधखोरी धरे कवड़ी नारे सुवा हो-
चलो सखी दवरी बाजार दवरी बाजार-
ले मोर किया-किया शवदा नारे-
लल भाजी गोंदी ना चउखाना नही पायों-
तरी नरी नारी मोर ना नारी हो नारे मोर सुवा हो...
Posted on: Aug 17, 2018. Tags: KANKER CG SHANTI SONG SUVA SONG VICTIMS REGISTER
गोंड आदिवासी के गोटुल में सेमर के पेड़ का महत्त्व (गोंडी भाषा में)
ग्राम-वरचे, पंचायत-बैसगाँव, ब्लाक-अंतागढ़, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से उत्तम आतला के साथ अंकलु पोटाई (पटेल) गोंडी भाषा में बता रहे है कि जो सेमर का पेड़ आप देख रहे है उसको युवक युवतियों द्वारा काटा जाता है उसके बाद गाँव के पटेल गायता (पुजारी) के हाथो से नेंग दस्तूर(नियम के अनुसार) करके लगाया जाता है और वैसे ही कोलांग उत्सव है जो उस परम्परा से ही जुडी हुई है| कोलांग नाचने के कुछ दिन पश्चात् युवक युवतियों द्वारा सेमर पेड़ काटा जाता है और उसको गोटुल के स्थान पर लगाया जाता है| इसमें जो छोटा पड़े दिख रहा है वो युवतियों के द्वारा लगाया गया है और जो बड़ा पेड़ लगा है वो युवको द्वारा लगाया गया है| उत्तम आतला@94049 84750.
Posted on: Aug 17, 2018. Tags: ANKLU POTAI GONDI KANKER CG
ओडिग-ओडिग बारंग रोय बेलोसा बाई...गोंडी विवाह गीत
ग्राम-आमाखाडा, पंचायत-कलेप्रस, तहसील-अंतागढ, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से पार्वती और रजय एक गोंडी विवाह गीत सुना रहे हैं :
रे रे लोयो रे रे लो रेलों राला रे रे लोयो रे लाय-
रे रे लोयो रे रे लो रेलों राला रे रे लोयो रे लाय-
ओडिग-ओडिग बारंग रोय बेलोसा बाई-
ओडिग-ओडिग बारंग-
रे रे लोयो रे रे लो रेलों राला रे रे लोयो रे लाय-
ओडिग-ओडिग दुकान रोय बेलोसा बाई-
ओडिग-ओडिग दुकान-
रे रे लोयो रे रे लो रेलों राला रे रे लोयो रे लाय...
Posted on: Aug 17, 2018. Tags: GONDI SONG KANKER CG PARWATI RAJAY
फूलों से नित हँसना सीखो, भौरों से नित गाना...कविता
ग्राम-सालकट्टा, पंचायत-गोंडदिनापाल, विकासखण्ड-अंतागढ, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से फातिमा विनीता एक कविता सुना रही हैं:
फूलों से नित हँसना सीखो, भौरों से नित गाना-
तरु की झुकी डालियों से नित सीखो-
शीश झुकाना, सीख हवा के झोको से लो-
कोमल भाव बहाना, दूध तथा पानी से सीखो-
मिलना ओर मिलाना,सूरज की किरणों-
से सीखो जगना ओर जगाना-
लता और पेड़ो से सीखो सबको गले लगाना...

