हे ते नाना मोर नानो रे, नानी न मोर नान हो...गोंडी पूजा गीत-
ग्राम-तोडहुर, तहसील-पखांजूर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से कविता कोरचा, सुस्मय कतलामी और सुंदरी दुग्गा एक गोंडी गीत सुना रहे हैं ये गीत पूजा के समय गाया जाता है :
हे ते नाना मोर नानो रे, नानी न मोर नान हो-
ती नाना मोर नानो रे, न नीना मोर नान-
दंतेश्वरी दाई ला काईन पूजा लागे हो-
दंतेश्वरी दाई ला दया दरकर लागे हो-
दंतेश्वरी दाई ला जोड़ा नरियर लागे-
सारुक लागे हो, साथ में तो नारियल दारु सेवा कारूक लागे...
Posted on: Aug 26, 2018. Tags: CHHATTISGARH GONDI SONG KANKER KAVITA KORCHA SONG VICTIMS REGISTER
ये मोदी के महिमा महान...छत्तीसगढ़ी गीत
ग्राम-शाही, पोस्ट-चांदाली, जिला-डिंडोरी (मध्यप्रदेश) से संतोष कुमार अहिरवार छत्तीसगढ़ी भाषा में एक गीत सुना रहे हैं :
ये मोदी के महिमा महान-
की दुनिया जानेय सखी सब दुनिया जानेय जी-
नरेद्र मोदी के महिमा महान-
पैसा ला बदाल के संगी हा-
सब ला सबक दिखाईस-
ऊच नीच अऊ बड़े छोटे के –
याद घलो दिलवाईस...
Posted on: Aug 26, 2018. Tags: CHHATTISGARHI SONG DINDORI MP KUMAR AHIRWAR SANTOSH SONG VICTIMS REGISTER
Impact: Our school hand pump got repaired after report on CGnet, thanks...
ग्राम-सिंगपुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से हेमसिंह मरकाम बता रहे हैं कि सिंगपुर गाँव के प्राथमिक शाला के पास में एक हैण्डपंप है जो ख़राब हो गया था जिसके कारण स्कूल में पढने वाले बच्चों को मध्यान्ह भोजन खाने के बाद थाली धोने के लिए दूर जाना पड़ता था इसकी शिकायत गाँव वालों ने बहुत बार किया था पर पी.एच.ई. विभाग में कोई सुनवाई नहीं हो रही थी फिर दो महीने पहले उन्होंने सीजीनेट स्वर में इस समस्या को रिकॉर्ड करवाया तो अब पी.एच.ई. विभाग के लोग आकर हैण्डपम्प को सुधार दिए हैं और बच्चे उसका उपयोग कर पा रहे है इसलिए सीजीनेट के सभी साथियों, पी.एच.ई. विभाग, सीईओ, सरपंच, सचिव को धन्यवाद दे रहे है |हेमसिंह मरकाम@9575248234
Posted on: Aug 26, 2018. Tags: CG CHHATTISGARHI EDUCATION HEM SINGH IMPACT KABIRDHAM SONG VICTIMS REGISTER
आजाबे-आजाबे आ जाबे ओ...छत्तीसगढ़ी गीत
ग्राम-मनोरा, पोस्ट-गुरसी, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से राजवीर एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे है:
आजाबे-आजाबे आ जाबे ओ-
आजाबे-आजाबे आ जाबे ओ ना-
दिले जानी गोरी मोर-
गोरी सुरता ला जन भुलाबे-
आजाबे-आजाबे आ जाबे ओ-
आजाबे-आजाबे आ जाबे ओ ना-
दिले जानी गोरी मोर-
आही केयके घर ला सजाव-
घर के दुवार्या मा दीया जलाव...
Posted on: Aug 26, 2018. Tags: CHHATTISGARHI MP RAJVEER SONG VICTIMS REGISTER
हम जब सावन, कुँवार और चैत के महीने में नशा, मांस में परहेज रह सकते है तो पूरे साल क्यों नहीं?
हेम सिंह मरकाम, ग्राम-सिंगपुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से छत्तीसगढ़ी भाषा में बोल रहे है कि जिस प्रकार से लोग एक महीना सावन के महीने में, पन्द्रह दिन चैत के महीने और पंद्रह दिन कुवार में भी खासकर दारु और मांस के सेवन से धार्मिक कारणों से परहेज कर अपने स्वास्थ्य और पैसे दोनों की बचत करते है उसी प्रकार से बांकी साल भर क्यों नहीं करते ? यदि किया जाये तो हमारा देश और प्रदेश नशा मुक्त हो सकता है हम भी अपने सेहत और धन की बचत कर सकते हैं और अपने देश को बेहतर बनाने में अपना योगदान दे सकते हैं. उनका आव्हान है कि आइये हम सब मिलकर इस मुहिम का हिस्सा बने | इस काम को कैसे किया जाए इसके लिए कृपया सुझाव दीजिये | हेम सिंह मरकाम@9575248234


