फलों का राजा आम है भईया देखलो सुबह शाम...फल गीत
सुनील कुमार ग्राम-मालीघाट, जिला- मुजफ्फरपुर,बिहार से फलों के राजा आम पर आधारित एक गीत सुना रहे हैं :
फलों का राजा आम है भईया देखलो सुबह शाम-
मालदा बीजों लंगड़ा सुको कर रहे आराम-
अमीर गरीब सबके बीच नाम है इसका आम-
जैसी मर्जी खरीद लो भईया मिले सुबह शाम-
फलों का राजा आम है भईया देखलो सुबह शाम...
Posted on: Jan 29, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
सेनाओं का यहाँ वहां हमारे संग-संग है...प्रेरणा गीत
ग्राम-पिहरीद, तहसील-मालखरोदा, जिला-जांजगीर चाम्पा, (छत्तीसगढ़) से सुशील कुमार जाटवर एक गीत सुना रहे है:
सेनाओं का यहाँ वहां हमारे संग-संग है-
या खुद का परमेश्वर हमारा ऊँचा गढ़ है-
जिसने आकाश बनाया जिसने पृथ्वी बनाई-
जो सर्वशक्तिमान प्रभु है-
वो यहाँ वहां हमारे संग-संग है...
Posted on: Jan 29, 2017. Tags: SONG SUSHIL KUMAR JATWAR VICTIMS REGISTER
हे भउजी हम लेबई चुड़ीदार कंगना... जन्मदिन बधाई गीत
सुनील कुमार मालीघाट मुजफ्फरपुर (बिहार) से बच्चे के जन्म के समय गाया जाने वाला बधाई गीत भोजपुरी भाषा में सुना रहे हैं:
हे भउजी हम लेबई चुड़ीदार कंगना-
बेटा के जनम भेल मन हरसाएल-
देखी के ओकरा जीआ जुराएल-
घुमी – फिरी आएब फेर राउर अंगना, हे भउजी-
लहंगा आ साड़ी हम किच्छिओ न लेबई-
बउआ के रउआ हम छुए न देबई-
जुग-जुग जिओ लल्ला भइआ के अंगना , हे भउजी-
बिछिआ आ पाएल संग टिका हम लेबई-
नओलखा हीरा के हार हम लेबई-
तब छोरब हे भउजी राउर हम अंगना,हे भउजी-
रेडियो आ टीवी हम किच्छिओ न लेबई-
भइआ के बउआ न गोदिओ मे देबई-
झुमका के संग लेबई ,नेग जोग अंगना...
Posted on: Jan 28, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
भोजपुरी अमृतबानी, भोजपुरी अमृतबानी...भोजपुरी गीत
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक भोजपुरी गीत सुना रहे है:
भोजपुरी अमृतबानी,भोजपुरी अमृतबानी-
फुलवाह मन सरोवर के ओ-ओ-ओ-
तब हुआ गंगा के पानी भोजपुरी अमृतबानी...
Posted on: Jan 27, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
कहाँ तेह भूले रे गोंडी धरम ला तेह छोडके...गोंडी धर्म गीत
ग्राम-बाजरा, पोस्ट-पशुपतिपुर, तहसील-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर, (छत्तीसगढ़) से सुभाग राज सेवा गोंडी धर्म के बारे के एक गीत सुना रहे है:
कहाँ तेह भूले रे गोंडी धरम ला तेह छोडके-
एकर का रहे गलती नहीं असली-
अपन धरम से रहली मुहं मोड़ के-
बुल करे फिर रिवाज ला हाँ-
देखले कर्म मोरो आज ला...
