रेलो रे रेलाय रलाय रालोयो रेलो रे रे लाय...गोंडी गीत
ग्राम- मर्रमपानी, ब्लाक-दुर्गुकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से सुमनलता आचला के साथ
कुछ महिलाये है जो एक गोंडी गीत सुने रहे है:
रेलो रे रेलाय रलाय रालोयो रेलो रे रे लाय-
रालोयो रेला रे रे लाय-
ओरा बोरा मरमार इन्जोरे दाई-
ओरा बोरा मरमार इन्जोरे दाई-
मरमार इन्जोरे ....
Posted on: Feb 05, 2017. Tags: SUMANLATA ACHALA
बुद्ध के समय से उत्तर बिहार के साथ-साथ नेपाल के तराई इलाको में बज्जिका भाषा बोली जाती है...
मुजफ्फरपुर, (बिहार) से सुनील कुमार बज्जिका भाषा के विषय में अपनी बात रख रहे है:
उत्तर बिहार के साथ-साथ नेपाल के तराई इलाको में भी बज्जिका भाषा बोली जाती है बज्जिका शब्द का निर्माण बज्जि शब्द में क और अ प्रत्यय के लगने से हुआ है बज्जिका के समबन्ध में स्वर्गीय श्री रामवृक्ष बेनीपुरी जी का विचार था की बज्जिका वही भाषा है जिसमे आम्रपाली ने भगवान बुद्ध से संवाद किया था सातवी सदी से लेकर नवमी सदी तक लिच्छवि वंश का शासन काल था कालांतर में चन्द्रगुप्त मौर्य के बाद लिच्छवि वंश समाप्त हो चूका था उसके समय में यह सेन परिवार बन चूका था यह भाषा चौथी सदी में उत्कर्ष में थी|पहले बुजुर्ग इसी भाषा का उपयोग करते थे.सुनील कुमार @9308571702
Posted on: Feb 04, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
हिन्दू या मुस्लिम के एहसास को मत छेडिये...कविता
मालिघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से
सुनील कुमार एक कविता सुना रहे है:
हिन्दू या मुस्लिम के एहसास को मत छेडिये-
अपनी ख़ुशी के लिए जज्बात को मत छेडिये-
हम में कोई पुन्य कोई शक कोई मंगोल है-
दफन है जो बात अब उस बात को मत छेडिये-
अपनी ख़ुशी के लिए जज्बात को मत छेडिये...
Posted on: Feb 03, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
Today's News from newspapers in Gondi : 3rd Feb 2017
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का बजट बढ़ने से दुर्गम इलाकों को जोड़ने में मिलेगी मदद-
राज्य के 97 फीसदी से अधिक गांवों तक पहुंच चुकी है बिजली-
राज्य ने की थी मापदंड बदलने की मांग-
Posted on: Feb 03, 2017. Tags: NEWS SUMANLATA ACHALA
मोहे लेले खिल सजनी ,मोरा मनवा ओ मनवा रागों...विवाह गीत
मालीघाट जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक विवाह गीत सुना रहे है:
मोहे लेले खिल सजनी मोरा मनवा ओ मनवा रागों-
के उपा उन्वा रगों सिया के सजनवा रागों – रजा केस्र्या के दुलरवा .उन्वा रागों-
अखियन में काजल कानी ...
