वक्त बुरा है इसीलिए तो वो घबराती है...गिरीश पंकज की कविता
मालीघाट,जिला-मुजफ्फरपुर, (बिहार) से सुनील कुमार गिरीश पंकज की एक कविता सुना रहे है:
वक्त बुरा है इसीलिए तो वो घबराती है-
रोती है माँ जब बेटी बाहर जाती है-
सुंदर थी दुनिया कितनी, अब क्या से क्या हो गई-
रोज यहाँ पर मौत हमारे सर मंडराती है-
जाने कब ऐ बारूदो से बाग उजड़ जाए-
यही सोच कर तितली रानी पास न आती है-
नन्ही सी चिड़िया बेचारी, क्या जाने धोखा-
दाना पानी देख जाल में खुद फस जाती है...
Posted on: Mar 05, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
जगा-जगा हो बचावा दादा हो, बचावा दाई हो...गोंडवाना गीत
ग्राम-देवरी, पोस्ट -चंदोरा, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से वेदप्रकाश एक गोंडवाना गीत सुना रहे है:
जगा-जगा हो, बचावा दादा हो-
बचावा दाई हो-
हमर जन्म-मह्तारी बरोबरला बचावा दाई हो-
हमर जन्म भुईंयाला बचावा दीदी हो-
गोंडवाना समाज ला बचावा दीदी ओ...
Posted on: Mar 04, 2017. Tags: SONG VEDPRAKASH SURAJPUR VICTIMS REGISTER
मोटा बोलकार हाथी की कहानी...
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार मोटा बोलकार हाथी की कहानी सुना रहे हैं | बहुत समय पहले की बात है भारत देश वन प्रदेश के नाम से जाना जाता था | सभी जीव जंतु में अनुशासन के कारण पर्यावरण आजकल से बेहतर था |बड़े-बड़े वन प्राणियों में हाथियों की चर्चा सभी जीव जगत में हुआ करती थी. हाथी साम्राज्य में चारो ओर खुशहाली थी. सभी आपस में सीखने सिखाने का कार्य करते थे और बेहतर समाज के निर्माण में लगे हुए थे, इसी कार्य में बिहार प्रदेश का मोटा बोलकार हाथी भी अपना योगदान दे रहा था| हाथी साम्राज्य में तरह-तरह के प्रयोग किये जा रहे थे| सूचना क्रांति के दस्तक देने के साथ ही बड़ा हाथी ने देश के चुने हुए हाथियों के साथ बातचीत की और नये तकनीक से परिचय करवाया...( आगे सुनिये)
Posted on: Mar 04, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
ये सुरुवय, ये सुरुवय ये मामन मियाड आतिक बाई सुरुवय...गोंडी गीत
सुमनलता आचला के साथ जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से निकेश वालको एक गोंडी गीत सुना रहे है:
ये सुरुवय, ये सुरुवय ये मामन मियाड आतिक बाई सुरुवय-
ये सुरुवय, ये सुरुवय मेटांग गूढ़-गूढ़ वातन कोय वातन बाई ले-
ये सुरुवय, ये सुरुवय निया नावा विचार आतक आतिक बाई ले-
दाड़गों पेय्सी लोकन नना लोकन बाई ले...
Posted on: Mar 04, 2017. Tags: SONG SUMANLATA ACHALA VICTIMS REGISTER
सुना सजनी हमार, दूल्हा आएन साथिन द्वार...विवाह गीत
जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से दीपू झा व्यास एक विवाह गीत सुना रहे है:
सुना सजनी हमार, दूल्हा आएन साथिन द्वार-
भीड़ लागेल छे अपार, आला डाला न लियो सवार के-
सुना सजनी हमार, दूल्हा आएन साथिन द्वार-
ऐ सखी दूल्हा नि रेखू, ना मारे ना कोई जादू ना टोना-
ऐ सखी दधि केसर लगावो इनके बाल पे-
इल्वन से सभी दोनों गाल पे...


