धरु से ध्यान कोई सगचो माय...हल्बी लोक गीत-
ग्राम-गढ़बेंगाल, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से उह्मता ठाकुर और मुकेश्वरी सूर्यवंसी एक हल्बी लोकगीत सुना रहे हैं :
धरु से ध्यान कोई सगचो माय-
गाऊं से गून तू जो ये धरती माय-
बसुंदरी सूचो नावा धरती माय-
शहर नगर मा बसली से घर द्वारा-
तू चो कोराने माय, तू चो कोराने आय-
बसुंदरी सूचो नावा धरती माय...
9131657196
Posted on: Aug 22, 2019. Tags: CG MUKESHVARI SURYAVANSI NARAYANPUR SONG
श्याम तुमसे मिलने का सत्संग ही बहाना है...गीत-
ग्राम-अलका, पोस्ट-चलगली, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से सुरेश कुमार अपने साथियों के साथ एक गीत सुना रहे हैं :
श्याम तुमसे मिलने का सत्संग ही बहाना है-
दुनिया वाले क्या जाने मेरा रिश्ता पुराना है-
जब से तेरी लगन लगी दिल हुआ दीवाना है-
सूरज में ढूँढा तुझे, चंदा में पाया है-
तारो की झिलमिल में मेरे श्याम का बेसरा है-
श्याम तुमसे मिलने का सत्संग ही बहाना है...
Posted on: Aug 22, 2019. Tags: BALRAMPUR CG SONG SURESH KUMAR VICTIMS REGISTER
परदेसिया के नारी सदा सुखिया परदेसिया...होली गीत-
ग्राम-मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक होली गीत सुना रहे हैं:
परदेसिया के नारी सदा सुखिया परदेसिया-
चार महिना के गर्मी लगत है-
कहिया ला सूत के डोलके बेनिया-
चार महीना बूंद परत है-
कहिया न सूत के खेला के बंगला-
चार महीना जार लगत है...
Posted on: Aug 22, 2019. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : जोंडिस या पीलिया का घरेलू उपचार-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गाँधी जोंडिस या पीलिया का घरेलू उपचार बता रहे हैं| चिरायता 50 ग्राम, नीम की छाल 50 ग्राम, बांस की पत्ती 50 ग्राम, कुटकी 50 ग्राम, गिलोय 50 ग्राम, सोंठ, काली मिर्च और छोटी पीपल को बराबर मात्रा में मिलाकर त्रिकुटा बना लें| सभी को साफ कर पीसकर चूर्ण बना लें| एक-एक चम्मच चूर्ण दिन में दो बार खाली पेट सेवन करने से लाभ हो सकता है | तरल पेय पदार्थ और गन्ने के रस का सेवन कर सकते हैं| मिर्च मसाला, तेल, खटाई, मैदा, शक्कर नमक का सेवन कम करें| नशा न करें| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : एच डी गाँधी@9111061399.
Posted on: Aug 22, 2019. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
करने को सवांद बहुत है, भरने को उन्माद बहुत है...गज़ल-
ग्राम-मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर(बिहार) से सुनील कुमार कवि महेश कटारे सुगम जी की एक गजल सुना रहे हैं :
करने को सवांद बहुत है, भरने को उन्माद बहुत है-
जीवन ये बोझिल करने को दुःख के पानी खाद बहुत हैं-
बिना जरूरत कुछ लोगो पर बड़े-बड़े परसाद बहुत है-
न्याय बना है मृग-मरीचिका करने को फरियाद बहुत है-
आम आदमी के जीवन में भरे हुए अवसाद बहुत है-
दुःख-दर्दों की भीड़-भाड में जीने का अलहाद बहुत है-
इन्कलाब जब तक ना आये अपने जिंदाबाद बहुत है-
करने को सवांद बहुत है, भरने को उन्माद बहुत है...
