निमट गोंडी भाषा करिलाय इगा वाटू दादा रा...गोंडी गीत
ग्राम-चाचड़, ब्लाक-दुर्गकोंदल, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) उमेश्वरी दुग्गा कंचन वड्डे और मनीषा दुगा एक गोंडी गीत सुना रहे है:
रे रे लोयो रेला रेला रेला रेला रे लोयो रेला रेला-
निमट गोंडी भाषा करिलाय इगा वाटू दादा रा-
इद गोंडी भाषा ते मावा गोंडी भाषा ते-
रे रे लोयो रेला रेला रे रेला लोयो रे रेला-
इगा उदीस केंजा मावा-
शिक्षा केंद्र गोटूल दादा रोय मावा-
गोंडी भाषा ते मावा कोया भाषा ते-
रे रे लोयो रेला रेला रे रेला रेला...
Posted on: Jul 08, 2018. Tags: GONDI SONG KANCHAN WADDE MANISHA DUGGA UMESHWARI DUGGA
महुआ रे महुआ सुबह पतई झर गेले...महुआ गीत
आश्रित ग्राम -मनातु, ग्राम-पंचायत-बमदा, प्रखंड-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखंड) से हेमा और बुधमनिया उराव आदिवासियों की भाषा में एक महुआ गीत सुना रहे है:
महुआ रे महुआ सुबह पतई झर गेले
डैन्ड़ो उपर पतरो नइयों पतनो उपर फूला रे-
फूला गिरे डारा आधा राति सो मन-
फूला डोरी रे डोरी तो फोरी जोरे तहा-
डैन्ड़ो उपर पतरो नइयों पतनो उपर फूला रे-
महुआ रे महुआ सुबह पतई झर गेले...
Posted on: Jul 07, 2018. Tags: BUDHMANIYA HEMA SONG VICTIMS REGISTER
धूम मुडिया मडिया हल्बा रंग-रंग न जाति...गोंडी गीत
ग्राम-चाचड़ से उमेश्वरी दुग्गा, मनीषा दुग्गा, कंचन वड्डे तहसील-दुर्गकोंदल, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से एक गोंडी गीत सुना रहे है:
साय रेला रे रे रेला साय रेला रे रे रेला-
धूम मुडिया मडिया हल्बा रंग-रंग न जाति-
खूब सुन्दर रूप मस्त आदिवासी-
वरा इन्कट हुलकी इन्कट कुश खोला इनता-
तुना लेया कोना लेया मिले मासी इन्कट-
साय रेला रे रे रेला साय रेला रे रे रेला...
Posted on: Jul 04, 2018. Tags: GONDI SONG KANCHAN WADDE MANISHA DUGGA UMESHWARI DUGGA
प्रेम की बारे में रोपे गाये हम,प्रेम की बारे में...विवाह गीत
मनीषा कुमारी, अनिता और नीलम एक्का जो ग्राम-घरगट्टी, तहसील-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखंड) से है वे लोग एक विवाह गीत सुना रहे है:
प्रेम की बारे में रोपे गाये हम प्रेम की बारे में-
प्रेम की बारे में रोपे गाये हम, प्रेम की बारे में-
दीदी ने दादा से प्रेम किया,हा हा हा हा-
प्रेम की बारे में रोपे गए हम प्रेम की बारे में...
Posted on: Jul 02, 2018. Tags: ANITA MANISHA KUMARI NILAM EKKA SONG VICTIMS REGISTER
हमारे पारा में हैंडपंप नहीं है आधा किलोमीटर दूर से पानी लाते हैं, बहुत समय लग जाता है...
अमर कुमार पोर्ते ग्राम-बबनी पारा, पंचायत-कोटराही, तहसील-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से बता रहे है कि उनके पारा में 6-7 महीने से आधा किलोमीटर दूर कुएं से पानी लाकर पीते है | पानी लाने में बहुत समय लग जाता है उससे काम भी प्रभावित होता है| उनके पारे की आबादी 110 है. उसके लिए उन्होंने लोक सुराज में आवेदन भी दिए फिर भी कोई ध्यान नहीं दे रहे है | इसलिए साथी सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की मांग कर रहे है कि इन नम्बरों में बात करके कृपया हमारी मदद करें : सचिव@9981725918, P.H.E.@8878359171, C.E.O.@8989509777. अमर कुमार पोर्ते@7697588257.

