फूल जैसी मुस्कान तेरी...गीत
ग्राम-हिन्दूबिनापाल, तहसील-अंतागढ, जिला उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सीता और सारिका ध्रुव एक गीत सुना रहे हैं:
फूल जैसी मुस्कान तेरी-
तू बनेगा पहचान मेरी – अम्बर के तारो को-
धरती पे लाना है-
राजा इस दुनिया का बन के दिखलाना है –
माँ की दुआए फूले पले तो-
सचाईयो को रख के चले तो-
फूल जैसी मुस्कान तेरी-
मै बनुगी पहचान तेरी...
Posted on: Aug 28, 2018. Tags: CG HINDI KANKER RAVO WADDE SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर: मक्के का पेज बनाकर पीने से गर्मी से राहत मिलती है, गाय के लिए भी बहुत उपयोगी...
ग्राम तोरखुडु, पंचायत-हनुमानपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से पांडुराम कतलामी बता रहे हैं कि वो लोग मक्का की खेती किस प्रकार करते है और उसके उपयोग के बारे में भी बता रहे है: वे कह रहे हैं कि हम लोग मक्का उगाने के लिए सबसे पहले हल चलाते है उसके बाद मक्का के बीज को बो देते है | जब मक्का थोड़ा बड़ा हो जाता है तब हम मक्के के साथ जो घास उगता है उसको उखाड़ कर फेक देते है (निदाई करते है) जब मक्का खिल जाता है (फल जाता है)तब हम मक्का के पत्ती को काट कर गाय बैल को खिलाते है इससे गाय भैंस स्वस्थ रहता है और बहुत दूध देती है हम मक्का को भूंज कर भी खाते है और उसका पेज बनाकर पीते है जिससे गर्मी के मौसम में राहत मिलती है |
Posted on: Aug 27, 2018. Tags: CG HINDI KANKER PANDURAM KATLAMI AGRICULTURE SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
नई फसल की खुशी में आदिवासी समाज नवाखाई त्यौहार मनाते हैं, जिसमें सिर्फ पुरुष जा सकते हैं...
ग्राम पंचायत-कढाईखोदरा, ग्राम-पैवारी, ब्लाक-अंतागढ़, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से जनपद पंचायत सदस्य-दयाराम दुग्गा, जिला सहकारी बैंक के संचालक- नरेन्द्र जी और साथी राजकुमार आदिवासी परंपरा नवाखाई के बारे में बता रहे हैं: नवाखाई के समय सबसे पहले गायता रखते हैं फिर उपवास के दौरान दूसरे दिन ठाकुर दाई में जाकर धान की बाली को चढाते है उसके बाद घर का मुखिया उपवास रह कर देवी देवता की पूजा-अर्चना करते हैं फिर पूरा परिवार मिल कर प्रसाद को ग्रहण करते है | नरेन्द्र जी बता रहे है कि नवाखाई का त्यौहार साल में एक बार ही होता है | राजकुमार जी का कहना है कि पूजा पाठ पुरुष ही करते है और ठाकुर दाई में पुरुष ही जा सकते है महिलाएं नहीं |
Posted on: Aug 27, 2018. Tags: CG CULTURE HINDI KANKER MOHAN YADAV SONG VICTIMS REGISTER
तिर्यार मिर्यार बारंग रोय तिर्यार मिर्यार...गोंडी गीत
ग्राम-आमाखाडा, ग्राम-पंचायत-कालेप्रस, तहसील-अंतागढ, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सुगवा और फूलबती एक गोंडी गीत सुना रहे है:
रे रे लोयो रे रे लो रे रे लोयो-
तिर्यार मिर्यार बारंग रोय-
तिर्यार मिर्यार-
दादो बारंग रोय,दादोय ले-
रे रे लो रे रे लोयो-
रे लो रे रे लो रेलोय-
तिर्यार मिर्यार नेटा रोय-
तिर्यार मिर्यार...
Posted on: Aug 20, 2018. Tags: FULBATI GONDI SONG KANKER CG SUGAVA
बोरन बारान दीपु लेया ओयना ले बरान-बरान...गोंडी छट्टी गीत-
ग्राम-बोंदो, पंचायत-बोंदो, तहसील-अंतागढ, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से बुदनी, सुमित्रा और शान्ति एक गोंडी छट्टी गीत सुना रहे है:
री री लोयो री री ला लो री री लोयो-
बोरन बारान दीपु लेया-
ओयना ले बरान-बरान-
दिपु लेयान बबू वायो -वायो ले-
री री लोयो री री ला री री लोय-
बोदे दिपने रेयती लेया वायुले-
री री लोयो री री ला री री लोय-
सिंगल दीप ने रेयती लेया वायो ले...

