आदिवासी विवाह गीत गोंडी में...
ग्राम-भाडरीमुह, पंचायत-केकाल , जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से सोमू कश्यप और गंगाराम एक गीत सुना रहे हैं, जो गोंडी बोली में है शादी में इस गीत को गया जाता है, ऐसे संदेसो को रिकॉर्ड करने के लिये 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर रिकॉर्ड कर सकते हैं| (AR)
Posted on: Aug 11, 2020. Tags: GONDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
अले नानो केलायो अले नानो केलायो...गोंडी गीत-
कन्डोली पटेल पारा, ब्लाक-बास्तानार, जिला-बस्तर राज्य छत्तीसगढ़ से कोपे पोयामी कुमारी मंजली कुमारी बुधरी कुमारी आसमती गोंडी में सामुहिक गीत सुना रहे है:
अले नानो केलायो अले नानो केलायो-
अले नानो केलायो ला ला केला ला आयो-
निमा नानो निमा यो निमा नानो निमा ये ला ला ओ-
नानो केला नानो केला यो नानो ला ला ओ-
अले नानो केलायो अले नानो केलायो-
नानो केला निमा यो निमा नानो निमा ला ला लो...
Posted on: Aug 10, 2020. Tags: GONDI SONG
नानोड़ा नानोडा अले वायले वयो...गोंडी गीत-
कन्डोली पटेल पारा, ब्लाक-बास्तानार जिला-बस्तर राज्य छत्तीसगढ़ से कोपे पोयामी व मंजली पोयामी सामुहिक गोंडी गीत सुना रहे है:
नानोड़ा नानोड़ा अले वायके वयो-
केडा जफ ना फुंगार जफ-
नानोड़ा नानोड़ा मिट बानक अतिर-
केडा जफ ना फुंगार जफ-
नानोड़ा नानो पाटा पुनेला ले-
केडा जफ ना फुंगार जफ...
Posted on: Aug 10, 2020. Tags: GONDI SONG
बस्तर में आदिवासी समाज में म्रत्यु होने पर पत्थर गाढ़ने की परम्परा...
ग्राम-कोंडली, ब्लाक-बास्तानार, जिला-बस्तर, छत्तीसगढ़ से रमेश कुंजाम के साथ गाँव के साथी बुधुराम पोडियाम गोंडी में बता रहे है कि उनके पूर्वज जिनकी म्रत्यु हो जाती है उनके नाम से पत्थर गाढ़ा जाता है | इसलिए उसका नाम पथलगढ़ी रखा गया है | यह परम्परा 1975 के दशक से चलते आ रहा है | हर गोत्र के लोगो का अलग-अलग जगह होता है जो जिस गोत्र होता है उस नाम से पत्थर गाढ़ा जाता है | संपर्क नम्बर@ 8302391209.
Posted on: Aug 10, 2020. Tags: GONDI CULTURE
महुआ लड्डू बनाने की विधि और महुआ लड्डू और मंद से फायदा और नुकसान...
ग्राम पंचायत-नेलवाड़, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल केवट और उनके साथ है ग्रामवासी राम शाह बता रहे है कि महुआ (फूल) की उपयोगिता इस महुआ फूल मंद तथा लड्डू बनाकर सेवन करते है, इसे शरीर के लिए लाभकारी होता है. बताया जा रहा है, महुआ के मंद पीने से शरीर कमजोर और ढीला पढ़ जाता है, महुआ लड्डू बना कर खाने से शरीर तन्दरुस्त रहता है| महुआ लड्डू बनाने की विधि : सबसे पहले महुआ को अच्छे से सुखा लेते है, और कुछ दिनों तक बोरी में भर कर रखते है, जिसके पश्चात उसे एक सरई (हंडी) में उबालते है और उसे लड्डू बनाते है और उसे खाया जा सकता है यह कार्य लगभग 50 वर्षों से करते आ रहे है. संपर्क @8234826635.

