चाँद की कहानी...
बहुत समय पहले भगवान भोलेनाथ कैलाश पर्वत पर बैठे थे सुबह-सुबह भक्त आये और उन्हें लगातार देख रहे थे इस पर भगवान पूछे क्या खोज रहे हो तो भक्तो ने पूछा प्रभु आपके सर में जो चाँद था कहाँ गया. भगवान ने जवाब दिया कि चन्द्रमा को मुझसे शिकायत थी कि आपके सर में जो गंगा है वो हमेशा बहते रहती है जिससे चन्द्रमा भीग जाती है और गले में सांप, हाथ में त्रिशुल, बाघ की खाल और भस्म लगाये रहते है जो मुझे अच्छा नहीं लगता इस पर भगवान ने चन्द्रमा की इच्छा पूछा इस पर चंदा ने कहा मै उड़ना चाहती हूँ आकाश में रहना चाहती हूँ तो भगवान बोले कि तुमारा तो प्रकाश नहीं है तुम तो खो जाओगी दिखोगी नहीं तब चन्द्रमा ने कहा मै कैसे भी रह लूँगी तब भगवान मान गये तब से चन्द्रमा आकाश में रहती है| सुनील@9308571702
Posted on: Mar 27, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
स्वस्थ संस्कृति का निर्माण करे : विश्व रंगमंच दिवस के अवसर पर आव्हान-
मुजफ्फरपुर बिहार से सुनील कुमार रंगकर्मी यादव चन्द्र के बारे में बता रहे है जिन्होंने प्रेमचंद की कहानी सवा शेर गेहूँ, कफन, पूस की रात का नाट्य रुपांतर किया. उन्होंने रंगमंच के साथ रंगकर्मियों को संगठित करने का कार्य किया. रंगकर्म को समाज के मुख्यधारा से जोड़ने के लिए आपातकाल में भी नुक्कड़ पर जाकर लोगो को चेतना जगाने का कार्य किया.नागार्जुन के साथी सम्मानों व पुरस्कारों से दूर रहें. श्रमजीवी जन गण के बीच उन्ही के स्तर पर घुलमिलकर रहने की सादगीपूर्ण जीवनशैली व मार्क्सवादी जीवन दर्शन को तन मन में समाने वाले सांस्कृतिक योद्धा यादव चन्द्र जहाँ कफन नाटक में घीसू की भूमिका में होते वहीं इन्कलाब जिंदाबाद नाटक में वृद्ध होने के बावजूद जोरदार अभिनय किया करते थे. सुनील@9308571702
Posted on: Mar 27, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
आदिवासी को अधिकतर रोज़गार जंगल से ही मिलता है, बरसात के समय हम खेत में काम करते हैं...
ग्राम-कुतेगाँव, तहसील-धनोरा, जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से मीना मडावी के साथ में सुखराम अटाला ग्राम-रोंडावाई, तहसील-धनोरा, जिला-गढ़चिरोली के रहने वाले है और अभी वो जिला-अनूपपुर मध्यप्रदेश में है बता रहे है कि आदिवासी समाज में किस तरह से वे अपना जीवन यापन करते है और किस तरह से रोजगार मिलता है उसके बारे में जानकारी दे रहे है, वे कह रहे हैं कि आदिवासी मूलत: जंगल पर ही अपने जीवन के लिए निर्भर होता है जहां से उसे जीवनयापन के लिए बहुत सी चीज़ें मिलती हैं. बारिश के समय में लोग मजदूरी करने लिए अपने और दूसरो के यहाँ जाकर भी खेत का काम भी करते है जैसे जोतना, बोना, निदाई करना ये उनके लिए एक रोजगार भी होता है| ऐसा वे गोंडी बता रहे है| मीना@7719930515
Posted on: Mar 26, 2017. Tags: SONG SUKHRAM ATALA Gondi VICTIMS REGISTER
Impact: Major accident averted, Water tank demolished after CGnet report...
छिन्दवाडा (मध्यप्रदेश) से सुरेश सातपुते पंचवटी वार्ड के ३२ वर्ष पूर्व बनी पानी टंकी के बारे में बता रहे है, ७० फीट ऊँची टंकी धीरे धीरे टूट कर गिर रही थी, टंकी के नीचे दुकाने थी इसी टंकी के पास शासकीय प्राथमिक कन्या शाला है स्कूल में करीबन १५० छात्र छात्राए है इस टंकी के कारण कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती थी. यह टंकी चौक पर थी जहाँ पर लोगो और वाहनों का दिनभर आना जाना रहता है कई बार इस हेतु नगर निगम, कलेक्टर, PHE, जिला शिक्षा अधिकारी को निरन्तर २०१३-१४ से लिखित शिकायत कर चुके थे लेकिन समस्या का हल नही हो रहा था फिर सीजीनेट में सन्देश रिकार्ड कराया जिसका असर २४ मार्च को दिखाई दिया जब टंकी को तोड़ दिया गया.जिसके लिए आभार व्यक्त कर रहे है. सातपुते@9713985927
Posted on: Mar 25, 2017. Tags: SONG SURESH SATPUTE VICTIMS REGISTER WATER
25 मार्च को अर्थ आवर: शाम 8:30 से 9:30 बजे के बीच गैर जरुरी बिजली बंद रख देंगे सन्देश....
अर्थ आवर यह ऐसा एक घंटा है जो संदेश देता हैं कि सभी इंसानो को बिजली के अपव्यय और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ एकजुट होने की आवश्यकता हैं .अर्थ आॅवर के माध्यम से 25 मार्च को 8:30 से 9:30 बजे के बीच सभी गैर जरुरी बत्तिया बंद रखने का संदेश दिया जाता हैं. रात एक घंटे तक अपने घरो प्रतिष्ठानों व आॅफिस की सभी गैर जरूरी बत्तियां बंद रखे.इस तरह हम ना सिर्फ थोड़ी बिजली बचा सकेंगे बल्कि यह एक घंटा बिजली के अपव्यय को निरंतर रोकने के लिए हमें प्रेरित भी करेगा. दुनिया भर के सात हजार से अधिक शहरो के लोग अर्थआवर मनाकर एकजुट होंगे .पिछले दस सालों में अर्थ आॅवर बिजली बंद रखने के एक सांकेतिक इवेंट से आगे बढ़कर संभवतः इतिहास का सबसे बड़ा स्वैच्छिक आंदोलन बन गया हैं .चूंकि जलवायु परिवर्तन के सभी रिकार्ड टूटते जा रहे हैं इसलिए इसे रोकने के लिए ज्यादा प्रतिबद्धता की आवश्यकता हैं ऐसे में अर्थ आॅवर दुनिया भर के लोगो, समूहों और संगठनो को एकजुट कर रहा है ताकि सभी लोग जलवायु परिवर्तन के खिलाफ अपने सहयोग दे सकें.इसकी शुरुआत वर्ष 2007 में सिडनी में हुई थी.सुनील कुमार@9308571702.
