तरी हरी नाना मोर नाना...पुन्नी गीत-

ग्राम-सतरागुडा, ब्लाक-लोहंडीगुडा, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से रीना मंडावी पुन्नी गीत सुना रही हैं-
तरी हरी नाना मोर नाना-
मैया के करवा-
मैया के घर जाना-
मोर राम घर जाना-
मोर राम नही हैं आओ रे आओ-
अब सीता ला लंका से ले आओ-
मैया के करवा मै के घर जाना...

Posted on: Oct 20, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER

प्रार्थना गीत- तेरी पनाह में हमें रखना...

ग्राम पंचायत सिलकझोडी ब्लाक बास्तानार जिला बस्तर राज्य छत्तीसगढ़ से राजू राम सोडी जी गीत सुना रहें हैं-
तेरी पनाह हमें, हमें रखना-
सीखे हम नेक राह पर चलना-
कपट करम चोरी बेईमानी-
और हिंसा से हमे बचाना-
नाली का बन जाऊ ना पानी-
निर्मल गंगा जल ही बनना-
अपनी निगाह में हमें रखना-
सीखें हम नेक राह पर चलना...

Posted on: Oct 20, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER

मेरा भोले बाबा को अनाड़ी मत समझो...गीत-

जिला-सतना (मध्यप्रदेश) से संतोष संदीप कुसवाहा एक गीत सुना रहे हैं:
मेरा भोले बाबा को-
अनाड़ी मत समझो-
वो है त्रिपुरारी, मदारी मत समझो-
मेरे भोले बाबा के गले सर्प माला-
सर्पो को देख के सपेरा मत समझो-
मेरा भोले बाबा को अनाड़ी मत समझो... (AR)

Posted on: Oct 20, 2020. Tags: BHAJAN SONG SONG VICTIMS REGISTER

कहानी : 'होशियार चिड़िया" फुर्र हो गई...

बड़वानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक कहानी सुना रहे है- कहानी का शीर्षक है ‘होशियार चिड़िया” एक चिड़िया थी वह डबरे में पानी पीने गई और कीचड़ में फंस गई, इतने में उधर से गाय वाला निकला, चिड़िया बोली गाय वाले भाई गाय वाले भाई मुझे कीचड़ से निकालो, उसने कहा नहीं मेरी गाय भाग जाएगी, फिर बाद में भैस वाला निकला, चिड़िया भैस वाले से बोली भैस वाले भाई भैस वाले भाई मुझे कीचड़ से निकालो, भैस वाले ने कहा मेरी भैस भाग जाएगी, इतने में एक बिल्ली निकली चिड़िया बोली बिल्ली बहन मुझे निकाल, वह बोली निकालू तो सही लेकिन मै तुझे खा जाउंगी, फिर चिड़िया ने कहा पहले मुझे निकाल फिर नदी में धो फिर धुप में सुखा उसके बाद खा, बिल्ली उसे कीचड़ से निकालकर नदी में धोने के बाद धुप में सूखने को रखती है और पंख खुलते ही चिड़िया फुर्र से उड़ जाती है और बिल्ली देखती रह जाती है.

Posted on: Oct 20, 2020. Tags: SONG STORY VICTIMS REGISTER

हिंदी साहित्य काव्य : रस किसे कहते हैं?

संदीप कुमार कुशवाहा, ग्राम-धनहा, जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से रस किसे कहते हैं जिसे बता रहे है: किसी काव्य साहित्य को पढने, सुनने अथवा देखने से पाठक श्रोता अथवा दर्शकों को जो आनंद आता है उसे रस कहते हैं-
रस कहते है रस के चार अंग है-
1. स्थाई भाव| 2. विभाव|
3. अनुभाव| 4.संचारी भाव|

Posted on: Oct 20, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER

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