हाय रे-हाय रे सुगा मया में झन भूलो भाई...कर्मा गीत
ग्राम-देवरी, जिला-सुरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कर्मा गीत सुना रहे है:
हाय रे-हाय रे सुगा मया में झन भूलो भाई-
मया फास गला ला फसाई रे मया में झन भूलो भाई-
येही समाया में भाई खेली कूदी लेबे रे-
मया फास गला ला फसाई रे मया में झन भूलो भाई-
नाने पाने खेल गवाया जवानी में सोहे-
मया फास गला ला फसाई रे-
हायरे-हायरे सुगा मया में झन भूलो भाई...
Posted on: Aug 14, 2018. Tags: CG KAILASH SINGH POYA KARMA SONG SONG SURAJPUR SURGUJIHA VICTIMS REGISTER
इंसान से नफरत करते हो, भगवान को तुम क्या पाओगे...कविता-
ग्राम-रिमारी, जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से लालजी वैश्य एक कविता सुना रहे हैं :
इंसान से नफरत करते हो भगवान को तुम क्या पाओगे-
इंसान को तुन अपना ना सके भगवान को क्या पाओगे-
इंसान प्रभु का बंदा है नफरत ही नरक का फंदा है-
इन्सान को धोखा देकर के भगवान को तुम झुठलाओगे-
इंसान की इज्जत करना ही भगवान की पूजा होती है-
इंसान को अपमानित करते, प्रभु को न मान दे पाओगे-
खुद अपने दोष छुपाते हो, औरो को दोष लगाते हो...
Posted on: Aug 13, 2018. Tags: LALJI VAISHYA POEM SIDHI MADHYA PRADESH SONG VICTIMS REGISTER
येही समय हा में कमावे जवानी सुग्घर जान मारे...कर्मा गीत-
ग्राम-देवरी, थाना-चंदौरा, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ) से कैलाश सिंह पोया एक कर्मा गीत सुना रहे हैं :
हाय रे हाय हा जवानी हर जान मारे-
येही समय हा में कमावे जवानी सुग्घर जान मारे – पिए खवाई में जीवन बितावे भईया, जवानी हर तोर जान मारे-
कब समय हा तै कमाबे जवानी हर तोर जान मारे-
लडिकपन में खेल गवाय, जवानी में सोवे जवानी हर तोर जान मारे-
बुढ़ापा में मूड धरी रोए जवानी सुग्घर जान मारे...
Posted on: Aug 12, 2018. Tags: KAILASH POYA KARMA SONG SURAJPUR CHHATTISGARH SURGUJIHA VICTIMS REGISTER
झिरा-मीठा, झिरा-मीठा पानी बारिश हाय रे हो...सरगुजिहा भाषा में वर्षा गीत-
कडचोलापारा, ग्राम-धुमाडांड, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से गीता सरगुजिहा भाषा में एक वर्षा गीत सुना रही है:
झिरा-मीठा, झिरा-मीठा पानी बारिश हाय रे हो-
सावारो बढ़नी लोर जा हाय रे हो-
आज भरे सावरो रही बसी लेबर हाय रे हो-
काल लेहेन करब नदी पार-
झिरा-मीठा, झिरा-मीठा पानी बारिश हाय रे...
Posted on: Aug 10, 2018. Tags: CG GEETA TEKAM SONG SURAJPUR SURGUJIHA SONG VICTIMS REGISTER
जिसकी सांसे और पसीना जन हित में लग जाए, वही वीर मेरी राखी बंधवाने हाथ बढाए...राखी गीत-
ग्राम पंचायत-रिमारी, जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से लालजी वैश्य रक्षाबंधन के अवसर पर एक देशभक्ति कविता सुना रहे हैं:
जिसकी सांसे और पसीना जन हित में लग जाएं-
वही वीर मेरी राखी बंधवाने हाथ बढाए-
जो युग की पीड़ा को समझे और जरूरत जाने-
फिर उठ के अनुरूप जगत को गति देने की ठाने-
जिसका जीवन नवल कुजनकी, आज्ञा हित बन जाए-
जो अपने कामो से जोड़े, जिसकी लिखी लकीरें...
