भ्रष्ट हवे जमाना भ्रष्ट होवे राज... छत्तीसगढ़ी व्यंग्य कविता
राजेन्द्र गुप्ता ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, छत्तीसगढ़ से छत्तीसगढ़ी भाषा में व्यंग्य कविता सुना रहे है:
भ्रष्ट हवे जमाना भ्रष्ट होवे राज-
बिपक्ष विद्रोही दिखाए ब रोगी नाज-
धन्य है हमर छत्तीसगढ़ के बात-
एखर आधा ठन महेतारी आधा ठन बाप-
भ्रष्ट हवे जमाना भ्रष्ट होवे राज...
Posted on: Nov 27, 2016. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : पीपल का घरेलू उपचार में उपयोग
आदिवासी बहुल विकासखंड तमनार जिला रायगढ़ छत्तीसगढ़ से राजेंद्र गुप्ता पीपल के पेड़ के गुण और उससे हम कैसे रोगों से लड़ने में मदद ले सकते हैं उसके बारे में बता रहे हैं । वे कहते हैं अथर्व वेद में यह लिखा हुआ है कि हे पीपल हमारे सभी शत्रुओं को दूर भगाने में हमारी मदद कर । वे बताते हैं कि पीपल के जड़ के छिलके, कोमल पत्ते और फल इन सभी को सामान मात्रा में मिलाये और कूट-कूटकर पावडर बनाये और खड़ा मिश्री के साथ मिलाये तथा सुबह-शाम दूध के साथ एक-एक चम्मच सेवन करने से सभी प्रकार के शारीरिक रोगों से लाभ मिलता है । शास्त्रों के अनुसार यह लाख रोगों की एक दवा है । इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप राजेन्द्र गुप्ता से 9993891275 पर संपर्क कर सकते हैं ।
Posted on: Nov 24, 2016. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
दर्शन दो घनश्याम नाथ, मोरी अखियाँ प्यासी रे...भजन
ग्राम कोचईलटी, विकासखंड तमनार, जिला रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता तबला वादन के साथ भजन सुना रहे हैं :
दर्शन दो घनश्याम नाथ, मोरी अखियाँ प्यासी रे-
द्वारा दया की जब तुम खोले, पंचम स्वर में गूंगा-
अँधा देख लंगड़ा चलकर, पहुचें गाँधी देश-
दर्शन दो घनश्याम नाथ, मोरी आखियाँ प्यासी रे...
Posted on: Nov 22, 2016. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
अग्दुम बग्दुम गढ़धूम साके...बंगला भाषा में गीत
ग्राम-शीशा, जिला-पुरुलिया, पश्चिम बंगाल से राजेंद्र गुप्ता बंगाल की छोटी जगह में लगने वाले छोटे छोटे बाजार जो प्रति सप्ताह थोड़े समय के लिए लगते हैं और कुछ ही समय में ख़त्म हो जाते हैं, उस पर आधारित बंगला भाषा में एक गीत सुना रहे हैं :
अग्दुम बग्दुम गढ़धूम साके-
टार मिंगर झांजर वागे-
देत्य देत्य एलो डोली-
एलो डोली कमला फूली-
कमला फूली लिए जय-
हाय रंग रंग हटे जाये-
कमला फूली लिए जाये-
हाय रंग रंग हटे जाये...
Posted on: Nov 18, 2016. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
कोऊ कहे लाल बत्ती जलत वे...बघेलखंडी लोकगीत
ग्राम-पोस्ट-उलहिखुद, तहसील-मनगवां, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से रमेश कुमार गुप्ता एक गीत सुना रहे हैं,इस गीत में वे ये बताना चाहते हैं कि सन दो हजार आठ में मुंह नचवा की कहानी फैलाई गयी थी जो बिलकुल झूठ थी वे इसके बारे में गीत के माध्यम से बता रहे हैं:
कोऊ कहे लाल बत्ती जलत वे-
मोहू खाए लिहिस मोहू नचाओ मोहुस बै ना दे-
मोऊ नचवावो आँसों के साल जैसे दुर्गा बिराजन-
हाँ तबसे नहीं आबा मोहू नचवाओ-
मोहे खाए लिहिस मोहों नचवाओ-
हो बुढ़व लाठी लेके ईतिन-
अब कभाऊ ना आई मोहू नचवाओ-
मोहू खाए लिहिस मोंहू नचवाओ-
हाँ ठाकुर का ठकुराइन खाइन-
अरे सुबचा सबको लिसोचवाओ-
मोहों खाए लिहिस मोंहों नचवाओ...
