आवाज़ पेड़ों की...प्रकृति कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे है:
पेड़ों की झुरमुटों से आती है पैगाम-
मै शान्ति की प्रतीक हूँ-
मुझसे ही तो माँ-
मुझसे तुम हो, तुमसे मैं नहीं-
मै तो प्राकृति की देन हूँ-
पवन मुझे सुलाती है, पवन हमे उठाती है-
पवन की झोकों से बिखर कर अपने आप उग आती हूँ...

Posted on: Sep 01, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

फिर देश को बचाने वाले कौन महापुरुष आएंगे...व्यंग्य कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल पडियारी एक व्यंग्य कविता सुना रहे हैं:
देशवासियों पकौड़ा छानो-
खाने वाले ग्राहक न मिले तो कुत्तों को खिलाना-
कुत्ता भी न खाए तो पशुओं को खिलाना-
पशु भी न खाए तो नेताओं को खिलना-
नेता भी न खाए तो विदेशियों को बुलाना-
विदेशी को पकौड़ा खाते-खाते देश को खा जायेंगे-
फिर देश को बचाने वाले कौन महापुरुष आएंगे-
बड़ी मुश्किलों से आजादी मिली है-
आजादी के बेडी से ऊब गये हो तो-
स्वतन्त्रता की बेडी पहनो-
मेरे देश वासियों पकौड़ा छानो...

Posted on: Sep 01, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

मैना पडकी बारी धरी कबुत्तर छानी उप्पर...छत्तीसगढ़ी कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल पडियारी छत्तीसगढ़ी भाषा में एक कविता सुना रहे हैं :
मैना पडकी बारी धरी कबुत्तर छानी उप्पर-
जंगल मा मोर नाचे दिखे अडबड सुग्घर-
कौआ करे काँव-काँव कोयल कुहके कूहु-कूहु-
तीतुर खोजे आपन छाँव देख तो गा दाऊ बडकु-
सुआ हर पिंजडा में डोला थे मिट्ठू-मिट्ठू दे थय पतूरु-
बड़े भौजी बोला थे कुकरी ला बड़े भौजी कहथे कुरु-कुरु...

Posted on: Aug 31, 2018. Tags: CG CHHATTISGARHI KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

बेटी ओ बेटी ओ तैय मोर कोरा के बेटी, तोला 10 महीना पेट मा धर...बेटी पर छत्तीसगढ़ी कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी बेटी के उपर एक कविता सुना रहे हैं: मोर कोरा के बेटी-
बेटी ओ बेटी तैय मोर कोरा के बेटी-
तोला 10 महीना पेट मा धर-
तोला जन्म दे के बेटी मैं हा दुसर जन्म पाए ओं-
मोर कोरा मा धरी के तोला-
मोरच गोरस पियाए ओं-
छोटे ले बड़े करके तोला-
स्कूल कालेज भेजवाए हो ...

Posted on: Aug 30, 2018. Tags: CG CHHATTISGARHI CHILD GIRL KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

नेताओं की गोद में खेल रहा भारत महान...व्यंग्य कविता

कन्हैयालाल पड़ीयारी, ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से एक राजनैतिक व्यंग्य कविता सुना रहे हैं :
नेताओं की गोद में खेल रहा भारत महान-
जनता मूर्ख देख कर भी कर रहा उनका सम्मान-
खून की होली खेल रहे हो रहा कत्लेआम-
चीर हरण हो रहे यहाँ देखो खुले आम ....

Posted on: Aug 19, 2018. Tags: HINDI POEM KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH CG SONG VICTIMS REGISTER

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