जो पहना हथ कड़ी उसे पड़ा छड़ी-छड़ी...रचना-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता इस कोरोना काल में एक छोटी सी रचना सुना रहें हैं-
जो पहना हथ कड़ी उसे पड़ा छड़ी-छड़ी-
देश के आजादी के खातिर सुर वीरों में आफत पड़ी-
जो पहना हथ कड़ी उसे पड़ा छड़ी-छड़ी-
देश में जब आजादी पाई सुर वीरों में खोशी छाई-
जो पहना हथ कड़ी उसे पड़ा छड़ी-छड़ी...
Posted on: Oct 02, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
मैं 8 वीं की दृष्टिबाधित छात्र हूँ, ब्रेल तथा दृष्टिबाधित पुस्तकें सामग्री की आवश्यकता है...
ग्राम-जलपुर, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से दीननाथ (नेत्रहीन) वे बता रहें हैं वर्तमान स्थिति में कोरोना काल में पूरी दुनिया की स्कूल बंद कर दिए गये जिसे सभी छात्र- छात्रओं की पढ़ाई में बहुत ही प्रभाव पड़ा है जी की बता रहें हैं 8 वीं कक्षा का छात्र हैं पढ़ाई करने के लिए कोई भी सामग्री नही होने के कारण मेरी पढ़ाई में बहित ही प्रभवति हो रहीं है इसलिए नेत्रहीन छात्र-छात्रों को दिए जाने वाले सभी पुस्तकें सामग्री दिलाने में मदद करे इसलिए सीजीनेट सुनने वाले साथियों से अपील कर रहें हैं. संपर्क@7049485712.
Posted on: Oct 02, 2020. Tags: SONG STORY VICTIMS REGISTER
बापू हमारे स्वर्ग सी धारे...गाँधी जयंती दिवस गीत-
ग्राम-केरकेट्टा, जिला-पलामू (झारखण्ड) से अंजनी कुमारी एक गाँधी जयंती दिवस पर गीत सुना रही हैं:
बापू हमारे स्वर्ग सी धारे-
छोड़ चले बापू किस के सहारे-
जब मेरे बापू जी का जनम हुआ था-
सारी दुनिया हंसने लगी थी-
बापू हमारे स्वर्ग सी धारे-
छोड़ चले बापू किस के सहारे...
Posted on: Oct 02, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
सत्य अहिंसा का पाठ सबको पढाया था...गीत-
राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व गाँधी जयंती पर एक गीत सुना रहे हैं:
गाँधी जैसा सक्स कोई इस धरती पे आया था-
सत्य अहिंसा का पाठ सबको पढाया था-
लाठी थी लंगोटी थी सत्य को सोकी थी-
सत्य की सोपी से घोर शासन फैलाया था-
गाँधी जैसा सक्स कोई इस धरती पे आया था-
लंबा ब्रत कर कर के शक्ति उसने पायी थी...
Posted on: Oct 02, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
बस्तर इनको दे दो बस्तर मांगे आजादी...गीत-
राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व बस्तर में हो रही शांति प्रकृया पर एक गीत सुना रहे हैं:
हरी भरी होती थी बस्तर में कभी वादी-
ऐसा दिन आया क्यों छीन गयी आजादी-
त्रस्त हैं हिंसा से यहाँ के आदिवासी-
बस्तर इनको दे दो बस्तर मांगे आजादी-
वन ही जीवन है जीने का साधन है-
यहीं पे जीना यहीं पे मरना हर दिल की धड़कन है... (AR)
