छत्तीसगढ़ राज्य कि अपनी एतिहासिक...कहानी
ग्राम पंचायत-जयपुर, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से दीनानाथ पटेल एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहें है:
छत्तीसगढ़ राज्य कि अपनी एतिहासिक – सास्कृतिक पहचान कि फ़ौज मई गौरों गाथा रही-
भारतीय भू भाग अपनी प्रकृति संपदा विधित
पंथो कि धार्मिक सभावना प्रकृति के नये
नाभिराम छटाओ सुंदर सरल बोली भली-
छत्तीसगढ़ राज्य कि अपनी एतिहासिक ...(180485) GT
Posted on: Nov 01, 2020. Tags: SONG STORY VICTIMS REGISTER
छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं-
ग्राम पंचायत-अमनदुला, जिला-जांजगीर चापा (छत्तीसगढ़) से चन्द्रकांत लहरे छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दे रहें है, 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना हुआ था, सभी साथियों को और देश के किसानों को स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं| (180524) GT
Posted on: Nov 01, 2020. Tags: SONG STORY VICTIMS REGISTER
बच्चों के लिए जनरल नॉलेज-
ग्राम पंचायत-जयपुर, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से दीनानाथ पटेल जनरल नॉलेज बता रहें हैं:
नाध का अर्थ होता है- आवाज|
सुयाम का अर्थ होता है- स्वकृति|
अग्रसर का अर्थ- आगे बढ़ना|
कृपा दिरित का अर्थ होता है- दया और दृष्टी|
अनुपम का अर्थ होता है- उपमा रहित|
सुभक का अर्थ होता है- सुन्दर मनोहर...(180486) GT
Posted on: Nov 01, 2020. Tags: SONG STORY VICTIMS REGISTER
Impact :सन्देश रिकॉर्ड के पश्चात् हैंडपंप बन गया...
ग्राम-टिकाईटोला, पोस्ट-अमरौत, तहसील-कोतमा जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से अंतलाल जयसवाल हमारें गांव में पानी कि बहुत समस्या थी जिसे सीजीनेट स्वर में सन्देश रिकॉर्ड किये जिसके पश्चात् सीजीनेट सुनने वाले साथियों की मदद से समस्या से संबधित अधिकारीयों बात पर हैंडपंप बनवाने में मदद किये इसलिए सभी पद अधिकारी एंव सीजीनेट सुननें वाले साथियों को धन्यवाद कर रहें हैं. संपर्क@6261218668.(180550) GT
Posted on: Nov 01, 2020. Tags: IMPACT STORY SONG VICTIMS REGISTER
आदिमानव का कहानी बता रहें है...
ग्राम पंचायत-जयपुर, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से दीनानाथ पटेल आदिमानव का कहानी बता रहें है, आदिमानव पत्थरों एंव लकड़ी से अवोजरों से शिकारी करतें थे| कंद मुल, फल और मांस खा कर अपना जीवन बितातें थे| कुछ समय बाद उन्होंने खेती करना शुरुआत किया| और स्थाई रूप से एक जगह बसने लगें| इसके बाद सिन्धु घाटी में शहर बसे, सिन्धु घाटी के शहरोँ में अच्छे लोग रहतें थे| जैसे तांबा, कांसा धातुओं से बर्तन मूर्तियों बनया करतें थे|(180532) GT
