जय लक्ष्मी मईया मईया जय लक्ष्मी मईया-आरती गीत...
फुल कुमार बघेल जिला-सूरजपुर, ब्लॉक-रामानुजगंज ग्राम-तलाईमुड़ा लक्ष्मी माता की आरती सुना रहें है-
जय लक्ष्मी मईया मईया जय लक्ष्मी मईया-
तुमको निशदिन सेवत हर विष्णु धारा-
ब्रह्मी रुद्राक्षी कमला तू ही जुग माता-
सूर्य चंद्रमा धैवत नारद ऋषि गाता-
दुर्गा रूप निरंजन सुख सम्पति दाता-
जो कोई तुमको धैवत अष्ट सीधी पाता-
तू ही है पटल भैरवी तू ही सुभ दाता-
करम प्रभाव प्रकाशा जुग निधि है दाता-
जिस घर तेरा वासा जाही ने गुंड आता-
कर न सके सो करले असीमित धन पाता-
तू विन्याग नहीं हुई अष्ट न हो पाता-
खान पंधान वैभव सुख बिना कुल दाता...
Posted on: Oct 06, 2020. Tags: BHAKTI SONG SONG VICTIMS REGISTER
6 माह से पेंशन नहीं मिला है, सचिव का कहना है पैसा खाते में आ चुका है...
ग्राम पंचायत-बोड़तरा, विकासखण्ड-नवागढ़, जिला-जांजगीर चांपा (छत्तीसगढ़) से रविंद्र कुमार साहू जो नेत्रहीन हैं, बता रहे हैं कि उनको 6 माह से विकलांग पेंशन नहीं मिल रहा है| सचिव का कहना है पैसा खाते में आ गया है लेकिन जांच कराने से पर जानकारी मिली कि खाते में पैसा नहीं आया है| इसलिये वे सीजीनेट के श्रोताओं से अपील कर रहे हैं कि दिये नंबरों पर संपर्क कर 6 माह से रुका विकलांग पेंशन दिलाने में मदद करें: संपर्क नंबर@6269358757. सचिव@9340026871. (179185) (AR)
Posted on: Oct 06, 2020. Tags: PENSION PROBLEM SONG VICTIMS REGISTER
बात ही बात में बदनगुमा हो गये...गज़ल-
राजनगर, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से मारतंडे सिंह एक गज़ल सुना रहे हैं:
बात ही बात में बदनुमा हो गये-
महरबा ही तो थे महरबा हो गये-
बात ही बात में बदनुमा हो गये-
होने वाला था कोई बड़ा हादसा-
ओ तो कहिये कि आसू रवा हो गये-
बात ही बात में बदनगुमा हो गये-
क्यों न दुनिया सुनेगी हमें गौर से-
अब हम आपके दासता हो गये... (AR)
Posted on: Oct 06, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
बच्चो के लिये कहानी...
राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से उमेश कुमार निषाद एक कहानी सुना रहे हैं, सीता जी की कहानी है| यदि आप एसी कहानी जानते हैं और रिकॉर्ड करना चाहते हैं 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर रिकॉर्ड कर सकते हैं| (AR)
Posted on: Oct 06, 2020. Tags: SONG STORY VICTIMS REGISTER
सखिया री आज पिया बिना...गीत-
राजनगर, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से मारतंडे सिंह राग कलावती सुना रहे हैं:
अखिय री आज पिया बिना-
करना पडत मोरे घटी पलछिन-
सखिया री आज पिया बिना-
जब से पिया परदेश गवन-
कीनो रतिया कटत मोर तारे गिन गिन...(AR)
