स्वास्थ्य स्वर : खून की कमी होने का घरेलू उपचार-

प्रयाग बिहार,रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच.डी गाँधी खून की कमी होने पर घरेलू उपचार बता रहे हैं, इसके लक्षण पहचान कर सकते हैं चमड़े का पीला पड़ना,साँस जल्दी फूलना और चक्कर आना मिट्टी और बर्फ खाने की इक्षा होना थकान महसूस करना तनाव
महसूस होना ये पांच चीजे होने पर खून की कमी होने के लक्षण दिखाई देते हैं, चुकंदर खाना खाने के बाद दिन में तीन बार तीन-तीन फल सेवन करने से लाभ होता है धीरे-धीरे शरीर में खून बनने लगता है लगातार आप इसको तीन माह तक प्रयोग कर सकते हैं,परहेज ठंठी चीजों से बचें खट्टी चीजों से बचें मिर्च मसाला तेल खटाई गरिष्ट भोजन का प्रयोग न करें|अधिक जानकारी के लिये दिये नंबर @9111O61399 पर संपर्क कर सकते हैं (AR)

Posted on: Oct 08, 2021. Tags: CG HD GANDHI HELTH RAIPUR

ठाकुर भजो ठाकुर भजो ओ मेरे मनवा...भजन-

ग्राम-सारंगपुर, पोस्ट-तातापानी, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से नंदलाल सिंह एक भजन सुना रहे हैं:
ठाकुर भजो ठाकुर भजो ओ मेरे मनवा-
मन में शांति मिलेगी दिलबा में चैयनवा-
नाम जपो नाम जपो ओ मेरे मनवा-
मन में शांति मिलेगी दिलबा में चैयनवा-
ठाकुर भजो ठाकुर भजो ओ मेरे मनवा...

Posted on: Oct 08, 2021. Tags: BALRAMPUR BHAJAN SONG CG NANDLAL SINGH

जे याद मेरी आई वे...गीत-

लुधियाना, पंजाब से निकेतन शर्मा एक गीत सुना रहे हैं, गीत के बोल हैं, “जे याद मेरी आई वे”| अपने संदेश रिकॉर्ड करने के लिये 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर सकते हैं|

Posted on: Oct 08, 2021. Tags: LUDHIANA NIKETAN SHARMA PUNJAB SONG

रोड की समस्या है, आने जाने में दिक्कत होती है...

ग्राम-एरंडवाल, जिला-बस्तर, छत्तीसगढ़ से सुरेश कश्यप बता रहे हैं, गाँव में रोड की समस्या है, कच्ची सड़क है, आने जाने में दिक्कत होती है, बरसात के दिनों में कीचड़ हो जाता है| वाहन नहीं निकल पाते हैं, इसलिये निवासी सीजीनेट के श्रोताओं से निवेदन कर रहे हैं कि दिये नंबरों पर संपर्क कर समस्या का निराकरण कराने में मदद करें| संपर्क नंबर@8756197876. CEO@8889251366, कलेक्टर@8458956694.

Posted on: Oct 07, 2021. Tags: BASTAR PROBLEM CG LOHANDIGUDA ROAD SURESH KASHYAP

पंचामृत का महत्व...

जिला-छिंदवाडा, मध्यप्रदेश से आचार्य संजय पंचामृत का महत्व और बनाने का तरीका बता रहे हैं| पंचामृत का सेवन लाभदायक होता है, इसका उपयोग पूजा पाठ के समय प्रसाद के रूप में किया जाता है| यह सुपाच्य होता है| आयुर्वेद के अनुसार जब किसी रोगी को भोजन नहीं पचता तब उसे दवा के रूप में पंचामृत दिया जाता है| पंचामृत बनाने के लिये 5 चीजे उपयोग में लायी जाती है| गाय का घी, शहद, शक्कर, दूध, तुलसी पत्र, गंगा जल लिया जाता है| इसके लिये सभी को आवश्यकता अनुसार लिया जा सकता है|

Posted on: Oct 07, 2021. Tags: ACHARYA SANJAY CHHINDWARA MP

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