पंख होती तो उड़ जाती रे...गीत-
सीजीनेट श्रोता ओम प्रकाश हल्दीबाड़ी, कोरिया (छत्तीसगढ़) से एक धुन सुना रहे हैं जिसके बोल है “पंख होती तो उड़ जाती रे” | यदि आप भी ऐसे संदेश रिकॉर्ड करना चाहते हैं तो 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर रिकॉर्ड कर सकते हैं| (AR)
Posted on: Oct 06, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
पाधा पाधा निसा सारे गा पा...राग-
राजनगर, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से मारतंडे सिंह राग कलावती सुना रहे हैं:
पाधा पाधा निसा सारे गा पा-
गा पादा-
गापा धानी पानी धापा-
गापा धानी धपा गपा धानी...(AR)
Posted on: Oct 06, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
राशन कार्ड जमा कर लिया गया है, राशन नहीं ले पा रहे हैं...
ग्राम पंचायत-बोड़तरा, विकासखण्ड-नवागढ़, जिला-जांजगीर चांपा (छत्तीसगढ़) से रविंद्र कुमार साहू जो नेत्रहीन हैं, बता रहे हैं, उनका राशन कार्ड सचिव द्वारा जमा कर लिये गया है और उन्हें वापस नहीं दिया गया है, जिसके कारण वे राशन नहीं ले पा रहे हैं, कोरोना काल में जीवन यापन करने में दिक्कत हो रही है इसलिये वे सीजीनेट के श्रोताओं से निवेदन कर रहे हैं कि दिये नंबरों पर संपर्क कर राशन कार्ड वापस दिलाने में मदद करें: संपर्क नंबर@6269358757. सचिव@9340026871, सरपंच@9755725144. (179183) (AR)
Posted on: Oct 06, 2020. Tags: RATION CARD PROBLEM SONG VICTIMS REGISTER
एक कोयल आम के पेंड पर बैठी थी-पंक्ति सुना रहे है...
सुरेश कुमार बडवानी मध्यप्रदेश से वाणी बदलो नाम का पंक्ति सुना रहे है-
एक कोयल आम के पेंड पर बैठी थी-
एक कौआ तेज रफ़्तार से उडकर जा रहा था-
कोयल ने पूछा भईया कहां भागे जा रहे हो-
कौया बोला भईया इस देश को छोड़ कर विदेश जा रहा हूँ-
क्युकी या मेरा कोई सामन नहीं है-
जहाँ जाकर बैठता हूँ वही से उड़ा दिया जाता है-
इस पर कोयल बोली भईया स्थान बदलने से क्या होगा-
यार तुम्हें अपने कडूवे बोली छोड़ कर मदर बोली अपनाने चाही-
स्थान परिवर्तन से कुछ नहीं होता,स्वाभाव और वाणी को बदले पर ही सामान मिल सकत है...
Posted on: Oct 06, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
जय लक्ष्मी मईया मईया जय लक्ष्मी मईया-आरती गीत...
फुल कुमार बघेल जिला-सूरजपुर, ब्लॉक-रामानुजगंज ग्राम-तलाईमुड़ा लक्ष्मी माता की आरती सुना रहें है-
जय लक्ष्मी मईया मईया जय लक्ष्मी मईया-
तुमको निशदिन सेवत हर विष्णु धारा-
ब्रह्मी रुद्राक्षी कमला तू ही जुग माता-
सूर्य चंद्रमा धैवत नारद ऋषि गाता-
दुर्गा रूप निरंजन सुख सम्पति दाता-
जो कोई तुमको धैवत अष्ट सीधी पाता-
तू ही है पटल भैरवी तू ही सुभ दाता-
करम प्रभाव प्रकाशा जुग निधि है दाता-
जिस घर तेरा वासा जाही ने गुंड आता-
कर न सके सो करले असीमित धन पाता-
तू विन्याग नहीं हुई अष्ट न हो पाता-
खान पंधान वैभव सुख बिना कुल दाता...
