वनांचल स्वर : मिर्गी का घरेलू उपचार
मोतीनगर रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच.डी. गांधी मिर्गी बीमारी का एक घरेलू औषधीय उपचार बता रहे हैं, वे बता रहे हैं कि जिन सांथियो को मिर्गी की समस्या हो वे बेल की तीन पत्तियों वाले 12 सेट और 10 नग काली मिर्च को मिलाकर एक कप पानी में पीस कर जूस बना लें, बेल का पेड़ आम तौर पर गाँव और शहर में भी मिल जाता है जिसका धार्मिक उपयोग भी होता है और सुबह-शाम खाली पेट में एक-एक कप सेवन करे इससे लाभ होता है तीन महीने तक लगातार उपयोग कर सकते हैं, जिससे इस रोग पर काम खर्च में और बगैर किसी साइड अफेक्ट के उपचार हो सकता है. तेल, खाटाई मिर्च, मसाला का सेवन कम करे,नशा न करें और नींद पूरी करें| एच.डी.गांधी@9111061399.
Posted on: Mar 19, 2018. Tags: HD GANDHI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
ज्ञान दवैया वीणा बजैया महिमा तोर महान...एक गीत
ग्राम-लुढू टोला, पंचायत-दमगढ़, थाना-कुकदुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम,(छत्तीसगढ़) से राजेश पन्द्राम और प्रमिला पन्द्राम एक सरस्वती वंदना गीत सुना रहे हैं:
ज्ञान दवैया वीणा बजैया महिमा तोर महान-
सरस्वती वो दाई हम ला देना तय ज्ञान-
अंखि के मै अँधा हो गयों कान के हो गयों भैरा-
दिखय न सुनावय नही डोंगा फसे अति गहरा-
डोंगा फसे अति गहरा दाई...
Posted on: Mar 17, 2018. Tags: RAJESH PANDRAM PRAMIL PANDRAM SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर: सिकलसेल एनिमिया का घरेलू उपचार...
वैद्य एच.डी.गांधी सिकलिंग के उपचार बता रहे हैं -पानी उबालकर ठण्डा कर ज्यादा से ज्यादा पानी पिए, संतुलित आहार ले, एक मुट्ठी चने,मूंग,मोठ, गेहू अंकुरित कर इसका सेवन करे, गवारपाटे का रस, 1 लीटर, गुड़ 250gm, मक्कड़ तेंदू फल का पाउडर 250gm,सदाबहार फुल की जड़ 250gm, इन सभी को साफ कर कूटकर,पीसकर चूर्ण बना लेवे, और 1 लीटर गवारपाटे के रस में 4 लीटर पानी के साथ सभी औषधियों को मिलाकर उबालकर,जब शेष एक लीटर बच जाये तब ठन्डा कर छानकर सुरक्षित रख लेवे, मात्रा 6 चम्मच दवा, 6 चम्मच पानी दिन में खाना खाने के बाद 2 बार सेवन करे लाभ होगा, लोह तत्व से बचे-जैसे पालक,मूंग, इमली की खटाई,आम की खटाई,अनार आदि वर्जित है| एच.डी.गाँधी@9111061399
Posted on: Mar 17, 2018. Tags: HD GANDHI SONG VICTIMS REGISTER
सखी बिछुड़े श्याम मिले कैसे, पानी जो गिरे वो छत में गिरे...स्वरचित गीत
ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से मंदाकनी मिश्रा एक स्वरचित गीत सुना रही हैं :
सखी बिछुड़े श्याम मिले कैसे, पानी जो गिरे वो छत में गिरे-
आकाश गिरे तो थमे कैसे, सखी बिछड़े श्याम मिले कैसे-
कपड़ा जो फटे दर्जी ने सीले, सखी मन जो फटे सिले कैसे-
कपड़ा जो धुले साबुन से धुलें, सखी मन की मैल धुले कैसे-
परदेश गए हों तो आश करूँ, दुनियां से गए तो मिले कैसे-
सखी बिछूड़े श्याम मिले कैसे...
Posted on: Mar 17, 2018. Tags: MANDAKANI MISHRA SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : शीघ्रपतन से बचने और शक्तिवर्धन के लिए घरेलू औषधि
मोतीनगर रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच.डी. गांधी आज हमें शीघ्रपतन से बचने और शक्तिवर्धन करने के लिए घरेलू ईलाज बता रहे हैं वे बता रहे हैं कि जो व्यक्ति इस समस्या से परेशान हैं वे जंगली सफेद मुसली, जंगली काली मुसली, जंगली सतावर, जंगली कोंच के बीज, जंगली बाल सेमर के कंद और मिश्री सभी को 250-250 ग्राम मिलाकर पीस लें और चूर्ण बनाकर सुरक्षित रख लें, उसके बाद एक-एक चम्मच चूर्ण दूध के सांथ दिन में दो बार सुबह-शाम सेवन करें, सेवन करने से 3 दिन पूर्व हल्का भोजन करे, खाने में तेल मसला, मिर्च, खटाई, गरिष्ठ भोजन का प्रायोग कम करें, नशा का सेवन न करें| अधिक जानकारी के लिए वैद्य एच.डी. गांधी@9111061399.
