सेरसा के खुटी डाटी आलू तरकारी हाय रे...सरगुजिहा शादी गीत
केनापारा, पंचायत-लांजित, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सोन्हारो बाई सरगुजिया भाषा में एक शादी गीत सुना रही हैं :
सेरसा के खुटी डाटी आलू तरकारी हाय रे-
बिछिया कर भारी हो धीरे चल धीरे-
ये दो संगी हल रे, धीरे चल धीरे-
ये सेरसा के खुटी डाटी आलू तरकारी हाय रे-
पैर एकर भारी हो धीरे चल धीरे...
Posted on: May 02, 2018. Tags: AMAR MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
इसी जनम में, इस जीवन में, हमको तुमको मान मिलेगा...कविता
मालीघाट, जिला-मुजफ्फपुर (बिहार) से रवि वर्मा केदारनाथ अग्रवाल की रचित एक कविता सुना रहे हैं :
इसी जनम में, इस जीवन में, हमको तुमको मान मिलेगा-
गीतों की खेती करने को, पूरा हिन्दुस्तान मिलेगा-
क्लेश जहाँ है, फूल खिलेगा, हमको तुमको प्रान मिलेगा-
फूलों की खेती करने को, पूरा हिन्दुस्तान मिलेगा-
दीप बुझे हैं जिन आँखों के, उन आँखों को ज्ञान मिलेगा-
विद्या की खेती करने को, पूरा हिन्दुस्तान मिलेगा-
मैं कहता हूँ, फिर कहता हूँ, हमको तुमको प्राण मिलेगा-
मोरों-सा नर्तन करने को, पूरा हिन्दुस्तान मिलेगा...
Posted on: May 02, 2018. Tags: RAVI VERMA SONG VICTIMS REGISTER
राम बर रामायण लाने लछुमन बर पतरा...सुगा गीत
ग्राम-केनापारा, पंचायत-लांजित, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सोन्हारो बाई एक सुगा गीत सुना रहे हैं :
राम बार रामायन लाने लक्षुमन बर पतरा-
सीता जी बर लुगा लेहे, अची धरे अचरा ला-
रमे हो सुगा, अची धरे आचार ला-
अची धरे आचार ला-
घाड़ा घडईता मुहड़ा सकेता भाभी कर पेट भतीजा गढ़ी दे-
रमेहो हो सुगा भाभी कर पेट भतीजा गढ़ी दे...
Posted on: May 02, 2018. Tags: AMAR MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
गोंडवाना में उठा तूफ़ान, आज मचला है गोंड जवान...परिवर्तन गीत
ग्राम-बरपटिया, ब्लॉक- प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर, छत्तीसगढ़ से धनसाय मरावी एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
गोंडवाना में उठा तूफ़ान, आज मचला है गोंड जवान-
मेहनत हमारी पूंजी तुम्हारी, नहीं चलेगी ये कल्ला बजारी-
ये लूटेरों की होगी पहचान रे, आज मचला है गोंड जवान-
पूंजी लूटी समझी लूटी अस्मत लूटा रे किस्मत लूटी-
हे रे बहुत किया हलकान रे आज मचला है गोंड किसान...
Posted on: May 01, 2018. Tags: DHANSAI MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
जागेगा इंसान ज़माना देखेगा, नवयुग का निर्माण ज़माना देखेगा...जागृति गीत
ग्राम-झल्पी, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से अमरदीप गुप्ता एक जागृति गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
जागेगा इंसान ज़माना देखेगा, नवयुग का निर्माण ज़माना देखेगा-
देवता बनेंगे मेरे धरती के प्यारे, हम सुधरे तो जग को सुधारें-
जागेगा इंसान ज़माना देखेगा, नवयुग का निर्माण ज़माना देखेगा-
चमकेगा देश हमारा मेरे साथी रे, आँखों में कल का नजारा मेरे साथी रे-
धरती पर भगवान ज़माना देखेगा, नवयुग का निर्माण ज़माना देखेगा-
मिलजुलकर होंगे सारे खुशियों के मेले, कोई ना रो पाएगा दुःख में अकेले-
जागेगा देश हमारा मेरे साथी रे, आँखों में कल का नजारा मेरे साथी रे-
कल का हिन्तुस्तान ज़माना देखेगा, नवयुग का निर्माण ज़माना देखेगा...


