जलती हुई बस्तियों के बारे में बात करना राजद्रोह सिद्ध कर दिया गया है

हद है मुझे मेरे उदार होने के लिये गाली दी जा रही है
कहा जा रहा है कि चूंकि मेरे विधर्मी अनुदार हैं
इसलिये मेरा उदार होना अब धरम विरुद्ध है
अब मेरा सारा वैज्ञानिक चिंतन
धरम विरोधी और राष्ट्र विरोधी सिद्ध किया जा रहा है
क्रूर हत्यारे और मूर्ख लफंगे
आदेश देने की हैसियत में हैं
उनकी आँखों के इशारे से हमारी फौजें
हमारी बेटियों को नंगा कर रही हैं
अब बेटियों के पक्ष में बोलना
विदेशी शक्तियों के हाथों में खेलना
घोषित कर दिया गया है
गुदगुदी गद्दियों पर पसरे हुए
मोटे थुलथुले सेठों ने
कामुक फौजियों को गंदे इशारे कर के अपने साथ मिला लिया है
सेनाएं बस्तियां जला रही हैं
और सेठ मुस्कुरा रहे हैं
अब जलती हुई बस्तियों के बारे में बात करना
राजद्रोह सिद्ध कर दिया गया है
कवियों , फकीरों और पागलों को
देश के लिये खतरा घोषित कर दिया गया है
दूर किसानों की बस्तियों में
साल भर मेहनत से उगाए अनाज को बच्चों के लिये
बचाने के वास्ते जांबाज़ नौजवान
फ़ौजी हमलों के सामने अपना सीना अडा कर खडे हो गये हैं
सरकार द्वारा उन्हें आंतरिक सुरक्षा के लिये सबसे बड़ा खतरा घोषित कर दिया गया है
लेकिन ये अन्त नहीं हो सकता
इस मुल्क के नए नए सफर का
मुझे मालूम है ये शुरुआत है
मैं गुस्से में हूं पर मायूस नहीं हूं
क्योंकि अभी लौटा हूं
दूर जली बस्ती से
जहां से जोशीले गीतों की आवाजें आ रही है
मैंने देखा है भूखे बच्चों ने
बस्ती जलाने वाले
कुछ भाड़े के फौजियों की बंदूकें छीन ली है
देश में आपत्तिकाल घोषित कर दिया गया है
मोटे सेठ , धार्मिक हत्यारे और भाड़े के फौजी घबराए हुए हैं

Posted on: Nov 27, 2012. Tags: Himanshu Kumar

No water post rain, people migrating, where did development money go?

Raju Kumar from Chatra district in Jharkhand is telling us about his district. He says my district is extremist affected. Most of the people are farmers. It has hills and forest all around but the rain water gets finished by winter and people have to no option but to migrate. He talks to an old man who is taking cattles to graze who tells him that he has 8 sons. 4 of them have gone outside in search of work and 4 work with him in the village. He asks why Govt is not able to spend development money for these people. For more Raju Ji can be reached at 07277092371

Posted on: Nov 24, 2012. Tags: RAJU KUMAR WATER

आओ कसाब को फाँसी दें ! एक कविता

आओ कसाब को फाँसी दें !

उसे चौराहे पर फाँसी दें !
बल्कि उसे उस चौराहे पर फाँसी दें
जिस पर फ्लड लाईट लगाकर
विधर्मी औरतों से बलात्कार किया गया
गाजे-बाजे के साथ
कैमरे और करतबों के साथ
लोकतंत्र की जय बोलते हुए

उसे उस पेड़ की डाल पर फाँसी दें
जिस पर कुछ देर पहले खुदकुशी कर रहा था किसान
उसे पोखरन में फाँसी दें
और मरने से पहले उसके मुंह पर
एक मुट्ठी रेडियोएक्टिव धूल मल दें

उसे जादूगोड़ा में फाँसी दें
उसे अबूझमाड़ में फाँसी दें
उसे बाटला हाउस में फाँसी दें
उसे फाँसी दें.........कश्मीर में
गुमशुदा नौजवानों की कब्रों पर

उसे एफ.सी.आई. के गोदाम में फाँसी दें
उसे कोयले की खदान में फाँसी दें.
आओ कसाब को फाँसी दें !!

उसे खैरलांजी में फाँसी दें
उसे मानेसर में फाँसी दें
उसे बाबरी मस्जिद के खंडहरों पर फाँसी दें
जिससे मजबूत हो हमारी धर्मनिरपेक्षता
कानून का राज कायम हो

उसे सरहद पर फाँसी दें
ताकि तर्पण मिल सके बंटवारे के भटकते प्रेत को

उसे खदेड़ते जाएँ माँ की कोख तक......और पूछें
जमीनों को चबाते, नस्लों को लीलते
अजीयत देने की कोठरी जैसे इन मुल्कों में
क्यों भटकता था बेटा तेरा
किस घाव का लहू चाटने ....
जाने किस ज़माने से बहतें हैं
बेकारी, बीमारी और बदनसीबी के घाव.....

सरहद की औलादों को ऐसे ही मरना होगा
चलो उसे रॉ और आई.एस.आई. के दफ्तरों पर फाँसी दें
आओ कसाब को फाँसी दें !!

यहाँ न्याय एक सामूहिक हिस्टीरिया है
आओ कसाब की फाँसी को राष्ट्रीय उत्सव बना दें

निकालें प्रभातफेरियां
शस्त्र-पूजा करें
युद्धोन्माद,
राष्ट्रोन्माद,
हर्षोन्माद
गर मिल जाए कोई पेप्सी-कोक जैसा प्रायोजक
तो राष्ट्रगान की प्रतियोगिताएं आयोजित करें
कंगलों को बाँटें भारतमाता की मूर्तियां
तैयारी करो कम्बख्तो ! फाँसी की तैयारी करो !

इस एक फाँसी से
कितने मसले होने हैं हल
निवेशकों में भरोसा जगना है
सेंसेक्स को उछलना है
ग्रोथ रेट को पहुँच जाना है दो अंको में

कितने काम बाकी हैं अभी
पंचवर्षीय योजना बनानी है
पढनी है विश्व बैंक की रपटें
करना है अमरीका के साथ संयुक्त युद्धाभ्यास
हथियारों का बजट बढ़ाना है...
आओ कसाब को फाँसी दें !

उसे गांधी की समाधि पर फाँसी दें
इस एक काम से मिट जायेंगे हमारे कितने गुनाह

हे राम ! हे राम ! हे राम !...”
—अंशु मालवीय

Posted on: Nov 23, 2012. Tags: Himanshu Kumar

Collector promised due NREGA wages from 2007, Still waiting, Pls call him...

My name is Rajkumar Yadav. I am calling from Baghelkhand Adivasi Kisan Mukti Morcha. After our agitation in first week November administration had promised that they will make due NREGA payments by 14th November. People have got some money for a week’s work but no payment has been made for dues from 2007. No work has started on the promise of Forest land under FRA. All of you are requested to call Collector at 9479479781 and SDM at 9893306032. For more Yadav Ji can be reached at 09752575538

Posted on: Nov 21, 2012. Tags: NREGA RAJKUMAR YADAV

Rich finishing stones by quarrying, None will be left for poor in days to come...

Raju Kumar from Chatra district in Jharkhand says there are so many creshers in use these days in the district that they are finishing all the stones in the area. These creshers provide stone to rich but a day is coming when no stone will be left for the poor. This needs to be changed. For more Raju can be reached at 07277092371

Posted on: Nov 18, 2012. Tags: Raju Kumar

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