स्वास्थ्य स्वर: नारियल की जटा, छिल्के से बवासीर का घरेलू उपचार...
ग्राम-रेहंगी, पोस्ट-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य चन्द्र कान्त शर्मा आज बवासीर का एक घरेलू उपचार बता रहे है: सामग्री-सूखा नारियल की जटा, छिल्का जलाकर उसकी राख़ को छानकर बराबर मात्रा में उसमें शक्कर (चीनी) मिला लेंवे. एक तौला पानी के साथ प्रतिदिन सुबह खा लेंवे|बावासीर वाली जगह में दिन में 3-4 बार वही राख़ लगावे, इस प्रकार सतत 21 दिनों तक इसका प्रयोग करे खाये भी और लगाए| लाभ होगा. ऐसे ही हमारे आसपास पाए जाने वाले विभिन्न वनस्पतियों में अनेक औषधीय गुण है जिनके बारे में जानकारी होने से हमें काफी पैसे की बचत भी हो सकती है. वैद्य चन्द्र कान्त शर्मा@9893327457.
Posted on: Apr 30, 2018. Tags: CHANDRKANT SHRAMA SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर: अतिसार या पेचिश नाशक घरेलू उपचार...
मोती नगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच.डी.गाँधी आज अतिसार या पेचिश का घरेलू उपचार बता रहे है: सामग्री-सौप 100 ग्राम, सोंठ 100 ग्राम, छोटी हरड़ 100 ग्राम, बड़ी इलायची के दाने 30 ग्राम, बेल (बिलवा) गिरी का गुदा 100 ग्राम, मरौर फली 100 ग्राम और गुलाब के फूल 100 ग्राम, इन सब को साफ़ कर कूट पीसकर चूर्ण बना लेंवे एवं घी में भुनकर रख लेंवे. मात्रा-3 से 5 ग्राम चूर्ण मट्ठा, छाछ या पानी के साथ दिन में दो बार सेवन करे. इसे अनार के रस के साथ भी ले सकते है, लाभ मिलेगा| परहेज-मिर्च मशाला तेल खटाई गरिष्ट भोजन का प्रयोग ना करे. सम्पर्क वैद्य एच.डी.गाँधी@9111061399.
Posted on: Apr 30, 2018. Tags: HD GANDHI SONG VICTIMS REGISTER
भजन भगवान के कर लो, समय बीत जाती है...भजन गीत
ग्राम-सारंगपुर, पोस्ट-तातापानी, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से नन्दलाल सिंह एक भजन गीत सुना रहे है:
भजन भगवान के कर लो, समय बीत जाती है-
साल तुमने खेल में खोया, आये जवानी नींद भर सोया-
आये बुढ़ापे में नींद ले कर रोया, जवानीपन में नींद भर सोया-
भजन भगवान के कर लो, समय बीत जाती है-
आये बुढ़ापे में नींद के कर रोया, जवानीपन में नींद भर सोया-
भजन भगवान के कर लो, समय यह बीत जाती है...
Posted on: Apr 29, 2018. Tags: NANDLAL SINGH SONG VICTIMS REGISTER
हाय रे ये खलकत य धंद वातो...सरगुजिया भाषा में अंगनई गीत
ग्राम-बनौर, पंचायत-चित विश्रामपुर, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से एतवाराम सरगुजिया भाषा में एक अंगनई गीत प्रस्तुत कर रहे हैं, गीत में अकाल की स्थितियों का वर्णन है:
हाय रे ये खलकत य धंद वातो-
ई भना चित विश्राम गाँव में बहुतई कालनी बुचू-
पांच रुपइया लेके भइया गली-गली घुमई लगनी-
बनौर, चित विश्राम गाँव में नइखे मिलत मुठाभर धान...
Posted on: Apr 28, 2018. Tags: GOVIND PANDRO SONG VICTIMS REGISTER
इस धरती का स्वर्ग यहाँ पर अपनी भारत माता है...देशभक्ति गीत
ग्राम-जाबड़खाण, पोस्ट-महाराजगंज, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से आनंद कुमार मेहता एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
इस धरती का स्वर्ग यहाँ पर अपनी भारत माता है-
इस धरती पर जन्म लिया है इससे अपना नाता है-
हम भारत माँ के बच्चे हैं माँ की शान बढ़ाएंगे-
इसकी गौरव, सदाचार दुनिया को बतलाएंगे-
देश के हित जो जीता-मरता यहाँ अमर हो जाता है-
इस धरती का स्वर्ग यहाँ पर अपनी भारत माता है-
गंगा-यमुना जैसी नदियां बहती कल-कल धारा है-
स्वयं प्रभु ने अपने हाथों मानो इसे संवारा है-
तीन और से सागर इस धरती की रक्षा करता है-
इस धरती का स्वर्ग यहाँ पर अपनी भारत माता है-
इस धरती पर जन्म लिया है इससे अपना नाता है...
