छत्तीसगढ़ी गीत : छोटे-छोटे कगदी कर बड़े-बड़े बाना...

ग्राम-कोट्या, थाना-प्रतापपुर, जिला-सुरजपुर (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहें है:
छोटे-छोटे कगदी कर बड़े-बड़े बाना-
सरई ला बलावा सगा खेले बरें गाना-
ओही में मेरचई गाछी कोली में जगाई-
ओह रे मोर नान भौजी मोहनी लगायें-
छोटे-छोटे कगदी कर बड़े-बड़े बाना...

Posted on: Nov 10, 2019. Tags: MEWALAL DEVANGAN SURAJPUR CG SONG VICTIMS REGISTER

गोंडवाना गीत : ले ले जय सेवा सगाजन ले ले जय सेवा ना...

ग्राम पोस्ट-जजावल, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सुरजपुर (छत्तीसगढ़) से विजयप्रताप पोया एक गोंडवाना गीत सुना रहें है:
ले ले जय सेवा सगाजन ले ले जय सेवा ना-
ले ले जय सेवा कोयाजन तोर गवई ले ले जय सेवा-
भईया बहनी ला सेवा सेवा दादा दाई ला सेवा सेवा ना-
ले ले जय सेवा सगाजन ले ले जय सेवा ना-
सगा समाज के सेवा सेवा जमो दीदी देवता ला सेवा ले ले-
ले ले जय सेवा सगाजन ले ले जय सेवा ना....

Posted on: Nov 09, 2019. Tags: SONG SURAJPUR CG VICTIMS REGISTER VIJAY PRATAP POYA

छत्तीसगढ़ी गीत : रण बना रण बना हो...

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से जयंती आयाम छत्तीसगढ़ी गीत सुना रही हैं :
रण बना रण बना हो-
मोर खेलें दुलरवा-
रण बना रण बना हो-
एक जोड़ा बाणा मांगे-
मोर खेलें दुलरवा-
रण बना रण बना हो-
एक जोड़ा त्रिशूल मांगे-
मोर खेलें दुलरवा-
रण बना रण बना हो-
एक जोड़ा चुनरी मांगे-
मोर खेलें दुलरवा-
रण बना रण बना हो...

Posted on: Nov 09, 2019. Tags: JAYNTI AAYAM SONG SURAJPUR CG VICTIMS REGISTER

छत्तीसगढ़ी गीत : तोला कैसे छोड़े मेहा मया के जोड़ी दार...

ग्राम-कोट्या, थाना-प्रतापपुर, जिला-सुरजपुर (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहें है:
तोला कैसे छोड़े मेहा मया के जोड़ी दार-
तोला बलाथो जेतहली बाजार-
नवा लूगा तोर बर लेहूँ मया के जोड़ी दार
तोला कैसे छोड़े मेहा मया के जोड़ी दार...

Posted on: Nov 09, 2019. Tags: MEWALAL DEVANGAN SONG SURAJPUR CG VICTIMS REGISTER

छत्तीसगढ़ी कविता : चऊ मास के पानी परागे, जाना माना आकाश हर...

ग्राम-देवरी, जिला-सुरजपुर (छतीसगढ़) से मोनू सिंह कश्यप एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहा हैं :
चऊ मास के पानी परागे, जाना माना आकाश हर-
चाउर सही छरा गे-
जग-जग ले अब चंदा उगथे, बादल भईगे फरिहर-
चारों खुट ले पृथ्वी माता दिखथे हरियर-हरियर-
रिगबिग ले अन्पुरना हर खेतन खेत मा छा गे-
नदियाँ अउ तरिया पानी कमती होयें लागीस-
रद्दा के चउ मॉस के चिखला झंझट्टा हा भगीस-
बने पेट भर पृथ्वी हर आज अघागे-
लक्ष्मी ला लौटाए खातिर, जब देवता अगुवाईस-
जब-जब ले पुराइन पाना, के डसना दसाइअन-
रिगबिग फेर कमल फुल हर, तरिया भर छतरा गे-
चारों खुट गे चारुन फुल, फूदक थे चिरय-चिरगुन...

Posted on: Nov 09, 2019. Tags: MONU SINGH KASHYAP SONG SURAJPUR CG VICTIMS REGISTER

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