पीड़ितों का रजिस्टर ;बिना अपराध के जेल भेजा जमानत में लगे 50000 कर्जदार बन गया

ग्राम:जोन्नागुड़ा ,ब्लॉक: कोंटा,थाना: कोंटा,जिला:सुकमा,राज्य: छत्तीसगढ़ की सोडी लकमा बता रहे है की जब वह अपने गांव में था तो उसके बुआ की बेटी को पुलिस ले गई। पुहारती गांव में अपने बुआ को कबर बताने के लिए बाइक में लकमा जा रहे थे तो पुलिस ने बीच सड़क पर पकड़ लिया। पुलिस ने लकमा से रास्ता दिखाने को कहा तो उसने रास्ता बता दिया। पुलिस को लकमा ने छोड़ने को कहा तो कहा कि अपना सामान थाने ले आओ। इसलिए लकमा सामान थाने ले गया और शाम होने के कारण लक्ष्मण को थाने में सोने को कह दिया और लक्ष्मण को घर नहीं भेजा। अगले दिन लकमा को जगदलपुर ले जाकर जेल में डाल दिया गया। लक्मा ने कहा कि वह 65 दिनों तक जेल में रह चूका लकामा जब जेल गए तो सातवीं कक्षा में पढ़ रहे थे। लकमा अब दसवीं में पढ़ रहा हैं। 4 साल पहले हुई थी घटना। लकमा ने कहा कि जमानत के लिए 50 हजार रुपए खर्च किए। संपर्क संख्या: 6266246670 ——————————————————————————————————————————Village: Gonnaguda, Block: Konta, Police Station: Konta, District: Sukma, State: Chhattisgarh’s Sodi Lakma is telling that when he was in his village, his aunt’s daughter was taken away by the police. When he was going to Lakma on a bike to tell his aunt’s grave in Puharti village, the police caught him in the middle of the road. When the police asked Lakma to show the way, he showed the way. When Lakma asked the police to leave, they told them to bring their belongings to the police station. That’s why Lakma took the goods to the police station and as it was evening, asked Lakma to sleep in the police station and did not send Lakma home. The next day Lakma was taken to Jagdalpur and put in jail. Lakma said that he had been in jail for 65 days. Lakma was studying in seventh standard when he went to jail. Lakma is now studying in class X. The incident happened 4 years ago. Lakma said that 50 thousand rupees were spent for bail. Contact Number: 6266246670

Posted on: Feb 05, 2023. Tags: CG JAILED KONTA POLICE REGISTER SUKMA VICTIM

पीड़ितों का रजिस्टर: जमीन और माकन दिलाने मदद करें

ग्राम: बालीबिडा,पंचायत: गामंडी,थाना: सोनपुर जिला:.नारायणपुर........,राज्य:छत्तीसगढ़ की सद्दूराम मांडवी बता रहे है कि नक्सली उन्हें पीटने की योजना बना रहे थे। इसलिए वे 2018 में नारायणपुर आए थे। उन्होंने कि उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि वे अब किराए के मकान में रह रहे हैं। वे सरकार से आर्थिक मदद चाहते हैं। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में कैथे (मां), इरपा (पिता), उनकी पत्नी (माने), छोटी बहन और उनके बच्चे रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने पुराने गांव नहीं जाना चाहते है। उन्हें खेती के लिए जमीन भी चाहिए।इसलिए वे सीजीनेट के साथियो से अनुरोध कर रहे है की अधिकारियों से बात करके माकन और जमीन दिलवाने में मदद करें। संपर्क व्यक्ति नंबर : 7879163838

Posted on: Feb 05, 2023. Tags: AND CG DISPLACED HOUSE LAND MOIST NARAYANPUR REGISTER VICTIM

पीड़ितों का रजिस्टर: आर्थिक सहायता की मदद चाइए

ग्राम: उचाकोड , जिला: नारायणपुर, राज्य: छत्तीसगढ़ के सुकराम तालाम बता रहे है कि वह 2008 से शांतिनगर, नारायणपुर में रह रहे है। उसने कहा कि जब नक्सलियों ने उसे मारने की योजना बनाई तो वह वहा से भाग करआया। अपने परिवार में तीन लोग रह रहे हैं। शुक्राम ने कहा कि उन्होंने अपनी जमीन पुराने गांव में छोड़ दी थी और अब गांव वाले खेती कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें सरकार से कोई आर्थिक मदद नहीं मिली है। इसलिए वे सीजीनेट के साथियों से अनुरोध कर रहे है की अधिकारियों से बात करके आर्धिक मदद दिलाने में मदद करें । संपर्क नंबर: 7585271964

Posted on: Feb 04, 2023. Tags: CG DISPLACED FINANCIAL MOIST NARAYANPUR REGISTER SUPPORT VICTIM

पीड़ितों का रजिस्टर:जमीन और माकन दिलाने में मदद करें

ग्राम:कन्दाडी ,पंचायत: कोत्तूर मेट्टा,थाना:नारायणपुर,ब्लॉक: नारायनपुर,जिला:नारायणपुर,राज्य: छत्तीसगढ़ की शर्वन भागेल(पिता का नाम: मानसिंह भगेल) बता रहे है की उनके परिवार में उनके तीन छोटे भाई हैं, जिनमें से सभी की शादी हो चुकी है और उनके बच्चे भी हैं। उन्होंने कहा कि अब उनके माता, पिता, पत्नी और बच्चे रह रहे हैं। वे दो कमरे की झोपड़ी में रह रहे हैं। उसके पास राशन कार्ड है और कोई बस पास नहीं है। नक्सलियों ने उसके गांव में स्कूल ट्रांसपोर्ट बंद कर दिया। उसके पिता के पुलिस में होने के शक में नक्सलियों ने उसे कई बार पीटा। नक्सलियों ने उसके पिता को मारने की योजना बनाई थी, वे अपना गाँव कंडली छोड़कर नारायणपुर के पास आ गए।शरवन बघेल ने कहा कि अब उन्हें जमीन चाहिए। अब वे अपने पुराने गांव जाएंगे तो नक्सली मार डालेंगे, इसलिए नहीं जा सकते।इसलिए वे सीजीनेट के साथियों से अनुरोध कर रहे है की अधिकारियों से बात करके जमीन और माकन दिलाने में मदद करें। संपर्क नंबर: 9406801475———————————————————————————————————————-Village :Kandadi, Panchayat: Kottur Metta, Police Station:Narayanpur, Block:Narayanpur, District: Narayanpur, State: Chattisagarh, Sharvan Bhagel (father’s name: Mansingh Bhagel) of is telling that he has three younger brothers in his family, all of whom are married and have children. He said that now his mother, father, wife and children are living. They are living in a two room hut. He has a ration card and no bus pass. Naxalites stopped school transport in his village. Suspecting that his father was in the police, the Naxalites beat him several times. Naxalites had planned to kill his father, they left their village Kandli and came near Narayanpur. Sharvan Baghel said that now they want land. Now if he goes to his old village Naxalites will kill him, so he can’t go. That’s why he is requesting CGNET colleagues to talk to the authorities and help him get land and house. Contact number: 9406801475

Posted on: Feb 04, 2023. Tags: CG DISPLACED HOUSE LAND MOIST NARAYANPUR REGISTER VICTIM

पीड़ितों का रजिस्टर:सरकारी नौकरी दिलवाने में मदद करें

ग्राम:चिन्नारी,पंचायत:चिन्नरी,थाना:जारा घाटी ,जिला: नारायणपुर,राज्य: छत्तीसगढ़ की बिरसा पोतायी (पिता जी का नाम: गुत्सान) बता रहे है की वे 2014 में नारायणपुर आए थे। उन्होंने कहा कि उनके छोटे भाई को नक्सलियों ने मार डाला। बिरसा पोथाई ने कहा कि जब बिरसा पोथाई काम कर रहे थे तो पुलिस ने उन्हें लाकर 4 महीने तक थाने में रखा, जिसके चलते उनके छोटे भाई को नक्सलियों ने मार डाला।इसलिए वे नारायणपुर आ गए। उन्हें मुआवजे के तौर पर 5 लाख रुपये मिले। सरकारी नौकरी नहीं मिलती। बिरसा पोथाई ने 8वीं तक पढ़ाई की। उन्होंने कहा कि उनके परिवार में कुल चार छोटी बहनें, मां और वह खुद हैं। बिरसा के पिता की मृत्यु हो गई। उनके पास राशन कार्ड है। बस पास के लिए आवेदन किया लेकिन अभी तक बस पास नहीं मिला। बिरसा पोथाई ने कहा कि उन्हें सरकार से घर की जमीन मिली और उसी जमीन पर अपना घर बनाया। उन्होंने कहा कि उनके चाचा के बेटे को दो महीने पहले नक्सलियों ने मार डाले थे इसलिए वे अपने पुराने गांव नहीं जाना चाहता था। उन्होंने कहा कि नक्सलियों का अभी भी डर है और इसलिए वे अपने पुराने गांव नहीं जाना चाहते हैं। बिरसा पोताई अपने परिवार का समर्थन करने के लिए सरकारी नौकरी करना चाहता है, इसलिए बिरसा पोटाई सिगिनेट के सहयोगियों से अनुरोध कर रहा है की अधिकारियों से बात करके उसे सरकारी नौकरी दिलवाने में मदद करें।

संपर्क व्यक्ति नंबर:9301409699.

Posted on: Feb 03, 2023. Tags: CG JOB KILLED MOIST NARAYANPUR ORCHHA REGISTER VICTIM

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