पढ़ा लिखा होना जरुरी नही, सामाजिक ज्ञान जरुरी है...कहानी-
एक राजा था, जिसका नाम अमर शक्ति था वह बहुत ही दानवीर और प्रतापी था, उनके तीन पुत्र थे बहुशक्ति, उग्रशक्ति, अनंतशक्ति तीनो बड़े ही मुर्ख, अशिष्ट और उद्दंड थे, तीनो घोडो पर बैठकर दिन भर जंगली पशुओं का शिकार करते थे, राजा बहुत चिंतित था, तब उनके मंत्री सुमति ने उन्हें सलाह दिया, आपके पुत्रों को आचार्य विष्णु शर्मा जी शिक्षा दे सकते हैं, राजा ने आचार्य से अपने बच्चो को शिक्षित करने के लिए विनती किया, बदले में 500 का भेट करने को कहा, जिस पर आचार्य बोले मुझे तुम्हारे धन की चाह नही है न ही पुत्रो की चिंता है, चिंता ये है कि आज के पुत्र ऐसे है तो कल का राजा कैसा होगा, और शिक्षा देने को राजी हो गए, शिक्षा के दौरान उन्होंने एक कहानी सुनाई जिसमें चार मित्र थे, तीन पढ़े लिखे थे, और एक अनपढ़ था लेकिन बुद्धिमान था, उन्हें कई विद्याएं आती थी, जिसका उन्होंने मना करने के बाद भी एक मृत शेर पर प्रयोग कर उसे जीवित कर दिया, और शेर तीनो को खा गया, और वह पेड़ में चढ़े होने के कारण बच गया, इससे सीख मिलती है, पढ़ा लिखा होना जरुरी नही है, सामाजिक ज्ञान होना जरुरी है |
Posted on: Jul 26, 2018. Tags: SONG SONU GUPTA STORY VICTIMS REGISTER
कभी हराम की रोटी नहीं खानी चाहिए, मेहनत करना चाहिए और आत्मनिर्भर रहना चाहिए...कहानी
सोनू गुप्ता दिल्ली से दो दोस्तों की एक कहानी सुना रहे हैं : राम और श्याम दोनों बहुत गहरे मित्र थे एक साथ हंसी ख़ुशी रहते थें. दोनों ने एक बार घूमने की योजना बनाई. रास्ते में दोनों एक सेठ के पास पहुंचे। सेठ ने राम को दो लाख धन दिया और श्याम को कुछ भी नहीं दिया। फिर वे दोनों वहाँ से आगे बढे रास्ते में उन्हें दूसरा सेठ मिला जो श्याम को उसके योग्यता अनुसार उसकी नौकरी लगवा दी. सब ऐसे ही चलता रहा कुछ सालों बाद राम के पैसे खत्म हो गये और श्याम अपने जीवन में व्यस्त था ओर खुशहाल था तो दोस्तों इस कहानी से दो सीख मिलती है हमें कभी हराम की रोटी नहीं खानी चाहिए और किसी पर निर्भर नही रहना चाहिए. मेहनत करना चाहिए और आत्मनिर्भर रहना चाहिए | सोनू@7800080953.
Posted on: Jul 21, 2018. Tags: DELHI SONG SONU GUPTA STORY VICTIMS REGISTER
हमारे जीवन में जो हमारी सहायता करे उसकी कभी निंदा नहीं करनी चाहिए...कहानी
सोनू गुप्ता दिल्ली से एक कहानी सुना रहे है जिसका उपदेश है कि किसी की निंदा नहीं करनी चाहिए. एक गुलमोहर का पेड़ था उसमे बहुत से फूल खिले हुए थें. फूलों को अपनी ख़ूबसूरती पर बड़ा घमंड था और वे जड को अक्सर बदसूरत कहा करते थे और उसकी बहुत निंदा करते थे एक बार क्या हुआ कि बरसात के समय पेड़ के ऊपर आकश से बिजली गिरी जिससे पेड़ गिर गया जिसमे सारे फूल झड़ गये. जड़ की मजबूती के कारण कुछ दिनों बाद वो पेड़ फिर खड़ा हो गया जिससे फूल फिर खिलने लगे इस बार फूलों को अपनी गलती पर एहसास हो गया और माफ़ी मांगी. इस लिए हमारे जीवन में जो हमारी सहायता करे उसकी कभी निंदा नहीं करनी चाहिए | सोनू@7800080953.
