रे रे रे लायो रे रे रेला रेला रे रे...बस्तर का घोटुल गीत
रामलाल मण्डावी अंतागढ़ जिला कांकेर छत्तीसगढ़ से है इन्होने गोंडी भाषा में एक घोटुल गीत गाया है गीत का बोल है
रे रे रे लायो रे रे रेला रेला रे रे
ला ढोड़ख ढ़ोडख दयाना एट बोटेक पोयाना
वेली दयाना इद मावा जिन्दगी रन्ड दियोना
इस्क घुपा पोयाना वेली दयाना
इद मावा जिन्दगी रन्ड दियोना
इस्क घुपा पोयाना वेली दयाना
इद मावा जिन्दगी रन्ड दियोना
रे रे रे लायो रे रे रेला रल रे रे रे रेला।
अधिक जानकारी के लिए मंडावी जी से 09406402804 पर संपर्क करें
Posted on: Oct 16, 2013. Tags: Ramlal Mandavi
Give more rights to Van Panchayats in Uttarakhand to save environment...
रामलाल जी केदारघाटी उत्तराखंड से पर्यावरण को बचाने के लिए वन पंचायत को और अधिकार दिए जाने की मांग करते हुए लकड़ी की उपयोगिता पर एक गीत भी गा रहे हैं :
जीती लकड़ी मरती लकड़ी देख तमाशा लकड़ी का
दुनिया बालो तुम्हे बताये ये जग सारा लकड़ी का
जनम हुआ जब तेरा बन्दे पलंग बिछाया लकड़ी का
तुझे झूलने को बनबाया वो था पालना लकड़ी का
खेल खिलोने थे लकड़ी के हाथी घोडा लकड़ी का
तुझे झूलने को बनबाया वो था पालना लकड़ी का
खतम हुये दुनिया के झगडे तोता जाला मकड़ी का
युद्धहुआ जब चालन लगया लिया सहारा लकड़ी का
अंत समय यम द्वार चला तू डोला सजाया लकड़ी का
कंचन सी तेरी काया फुकदी ढेर लगाकर लकड़ी का
