ओस की एक बूँद सी होती हैं बेटियां...कविता
ग्राम-रामपुर, ब्लॉक-भीमड़खेड़ा, जिला-कटनी, मध्यप्रदेश से सोनाली राजपूत एक कविता प्रस्तुत कर रही हैं:
ओस की एक बूँद सी होती हैं बेटियां-
स्पर्श खुरदुरा हो तो रोती हैं बेटियां-
रोशन करेगा बेटा तो बस एक ही कुल को-
दो-दो कुलों की लाज को ढोती हैं बेटियां-
कोई नहीं है दोस्तों एक-दूसरे से कम-
हीरा अगर है बेटा तो मोती हैं बेटियां-
विधि का यही विधान है दुनिया की रश्म है-
एक मुट्ठीभर नीर सी होती हैं बेटियां....
Posted on: Mar 23, 2016. Tags: SONALI RAJPUT SONG VICTIMS REGISTER
गुरू निंदा जो करते हैं कभी वो तर नहीं पाते...गीत
ग्राम-रामपुर, जिला-कटनी, मध्यप्रदेश से सोनाली राजपूत एक गीत गा रही हैं:
भटकना जिनकी आदत है कभी वो घर नहीं पाते-
कि गूंगे गीत जिस तरह कभी वो स्वर नहीं पाते-
लिखा इतिहास में भगवान से बढ़कर गुरू होते-
गुरू निंदा जो करते हैं कभी वो तर नहीं पाते...
Posted on: Mar 18, 2016. Tags: SONALI RAJPUT SONG VICTIMS REGISTER
जेवो माटी रे बहे रे गंगा, सेही आकाशे ओडे तिरंगा...ओडिया देशभक्ति गीत
ग्राम-उल्भा, पंचायत-आग्रिम, तहसील-कोमना, जिला-नुआपाड़ा, ओडिशा के पूर्ण चन्द्र सोनाली ओड़िया में एक गीत गा रहे हैं. गीत के माध्यम से यह कहा जा रहा है कि- हमारी धरती बहुत ममतामयी है, यहाँ गंगा-जमुना जैसी नदियां बहती हैं और हजारों-लाखों लोग धर्म और रीति रिवाजों को मानने वाले हैं:
जेवो माटी रे बहे रे गंगा, सेही आकाशे ओडे तिरंगा-
ममतामयी शांतिमयी शक्तिमयी भारत-
जहार गिरी चरण चूमे, धरौ न जाए रे गीतम-
नीड सश्य श्यामला धारण, नीड अहिन्सार धर्मं पालन-
नाही किछी भेदभाब, एथि नाही रे किछी अभाब-
तेई देसर आमी संतान, आमी राखिबो ताहार नाम-
आसो करीबा तार जयगान, आमे देई रे आम जीबन...
