या बबा माया छड़ी इस पूली ढेरवा लेठे कू रे बबा छड़ी...दमकच विवाह गीत
ग्राम-बनौर, पंचायत-चित विश्रामपुर, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से कुलवंती देवी एक दमकच गीत प्रस्तुत कर रही हैं, जिसे शादी के समय गाया जाता है:
या बबा माया छड़ी इस पूली ढेरवा लेठे कू रे बबा छड़ी-
सुपुली धुर्वे रो ठोकुर कराछु ले माय की ले मया छोडूं...
Posted on: Jan 24, 2016. Tags: MONIKA MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
रे घड़ के पानी मा हो रवी...उरांव आदिवासियों का विवाह गीत
ग्राम-सागरपुर, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से लुकमनियां व अन्य ग्रामीण महिलाएं कुडुक भाषा में एक गीत प्रस्तुत कर रही हैं, यह विवाह गीत है जो मुख्य रूप से मंगनी के समय गाया जाता है:
रे घड़ के पानी मा हो रवी-
रे घड़ के पानी मा हो रवी...
Posted on: Jan 07, 2016. Tags: MONIKA MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
ये समूह हमारी, ये समूह हमारी...स्व सहायता समूह गीत
ग्राम-भैंसामुंडा, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से जयंती पाण्डेय व अन्य महिलाएं स्व सहायता समूह पर एक गीत प्रस्तुत कर रही हैं:
ये समूह हमारी, ये समूह हमारी-
अच्छा हो बुरा हो हम सबकी जिम्मेदारी-
घर के परिवार जैसे ममता से रहेंगे-
गाड़ी के चक्के जैसे एक साथ चलेंगे-
गरीबों को एकता से मजबूती मिलेगी...
Posted on: Dec 18, 2015. Tags: MONIKA MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
हो जाओ तैयार साथियों ! हो जाओ तैयार...अभियान गीत
ग्राम-झल्पी, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से अमरदीप गुप्ता एक देश भक्ति गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
हो जाओ तैयार साथियों ! हो जाओ तैयार-
अगर देश के काम ना आए तो जीवन बेकार-
अर्पित कर दो तन-मन-धन, मांग रहा बलिदान वतन-
उठे हुए माथे के सम्मुख ठहर न पाती हार-
हो जाओ तैयार साथियों ! हो जाओ तैयार-
सोचने का समय गया, उठो लिखो इतिहास नया-
वंशी फेंको और उठा लो हाथों में तलवार-
हो जाओ तैयार साथियों ! हो जाओ तैयार...
Posted on: Dec 16, 2015. Tags: MONIKA MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
अपनो को तो सभी करते हैं प्यार, यही दुनिया की रिवाज....प्रेरक गीत
कन्या हाई स्कूल, बलरामपुर छत्तीसगढ़ से सुषमा एक्का व मोहंती वड़ा एक गीत प्रस्तुत कर रही हैं:
अपनो को तो सभी करते हैं प्यार, यही दुनिया की रिवाज-
लेकिन इशू कहता है कर लो प्यार, जीते ना दुश्मनी गहरा-
आजमा लो उनकी संदिशा, जो है सबसे निराला-
चलना सीखो उनकी राहों पर, जिन्दगी प्यार से भर जाएगा-
किसी के चोट के बदले में, तुम भी चोट ना देना-
हर जखम दिलों में मरहम लगा देना-
एक गाल पे मारे तो दूसरा गाल भी दे देना-
बिछाए जो कांटे राहों पर, तुम फूलों से भर देना-
अपनो को तो सभी करते हैं प्यार, यही दुनिया की रिवाज...
