वनांचल स्वर: पहले लोग कोदो, कुटकी खाते थे तंदरुस्त रहते थे, अब चावल खाकर कमज़ोर हो रहे हैं ...
ग्राम-पैयवारी, पंचायत-कढाई खुदरा, ब्लाक-अन्तागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से ग्रामीण दयाल सिंह और नरसू राम दुग्गा कृषि के बारे में बता रहे है कि, जैविक कृषि में हम लोग धान, कोदो, कुटकी, उड़द, कुल्थी का खेती करते है, जिससे हम अधिकतर लोग बेचने के लिए उगाते हैं, बेचने से जितना बचता है मुर्गियों को खिला देते हैं, जबकि ये स्वयं को खाना चाहिए, पूर्वज लोग कोदो कुटकी खाते थे और तन्दरूस्त रहते थे, हम लोग नही खा रहे हैं, हमारे अभी के लोगो में पहले के लोगों जैसा ताकत नही है, हमे भी कोदो कुटकी खाना चाहिए, जिससे शरीर में ताकत के साथ-साथ स्फूर्ति भी बना रहे, कोदो में अनेक प्रकार के बीमारियों से लड़ने की क्षमता होती है, इसलिए कोदो कुटकी लोगों को खाना चाहिए
Posted on: Sep 02, 2018. Tags: AGRICULTURE AMAR MARAVI ANTAGARH CG KANKER SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
हे माँ श्रद्धा के जोत जले, पूजा में फूल चढ़े...भक्ति गीत
ग्राम-हिन्दू बिनापाल, तहसील-अंतागढ, जिला उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सारिका ध्रुव और रिंकी एक भक्ति गीत सुना रहे हैं :
हे माँ श्रद्धा के जोत जले,पूजा में फूल चढ़े-
इस जगत में पापी है कितने-
सबको गले से लगा आ-आ-
आरती होने लगी-
हे माँ श्रद्धा के जोत जले, पूजा में फूल चढ़े-
हंस के सवारी, सबको है न्यारी-
हाथो में वीणा धरे ऐ-ऐ-
पूजा में फूल चढ़े...
Posted on: Sep 01, 2018. Tags: ANTAGARH CG KANKER NILAWATI WADDE SONG VICTIMS REGISTER
तिमा नामोर नानोरे नानो रे तिमा नामोर नानो रे...गोंडी हुलकी गीत -
ग्राम-आमगाव, तहसील-अंतागढ, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मंगलदाई और गंगाबाई एक गोंडी हुलकी गीत सुना रहे हैं :
तिमा नामोर नानोरे नानो रे तिमा नामोर नानो रे – गायतन लोनी वेहट रा पेकोरिट – गायतन लोनी वेहट रा लेयोर-
पुनवा मिह्नेक आयो रा लेयोरिट – पुनवान पूछे मायतोरोम पेकोरिट – अदे गायतन लोनु रा लेयोरिट – तेद्का तेदोर इनता रा लेयोरिट...
Posted on: Aug 31, 2018. Tags: ANTAGARH BASTIRAM CG GONDI HULKI KANKER SONG
वनांचल स्वर: पहले महुआ, टोरी, सरई का तेल खाते थे अब वह ख़तम है, सब बाज़ार से तेल लाते हैं...
ग्राम पंचायत-अंतागढ़, ब्लॉक-अंतागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से रानो वड्डे के साथ में एक समाज सेवी संतोषी गावड़े जी है जो जंगल अभी कैसा है पहले कैसा था इसके बारे में गोंडी भाषा में बता रही हैं | वे कह रही हैं पहले जो जंगल पहाड़ो में मिलता था जैसे महुआ, टोरा, चार, सराई, तेंदू ये सब के फल पहले खूब हुआ करता था अभी धीरे-धीरे लुप्त हो रहा हैं जंगल भी साफ़ हो रहे है पल के वृक्ष भी कटाई करने से कम हो रहे है टोरा, सराई, चार ये सब पेड़ों के फल के बीजो का तेल निकाला करते थे और गाँव के लोग खाने में उपयोग करते रहे हैं अब सभी गाँव देहात में भी बाजारों का तेल खाने में उपयोग कर रहे हैं | जल जंगल पानी सब विलुप्त होने की कगार पर हैं |
Posted on: Aug 30, 2018. Tags: ANTAGARH CG FOREST GONDI KANKER RANO WADDE VANANCHAL SWARA
हमारे गाँव के स्कूल की शिक्षिका समय पर नहीं आती, शौचालय और बाउंड्रीवाल भी नहीं है...
ग्राम-लामपुरी, पोस्ट-कोडगाँव, थाना-अंतागढ़, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से मनसाराम बता रहे है कि उनके गाँव की शिक्षिका समय पर स्कूल नहीं आती.वो बच्चो को अच्छे से नहीं पढ़ाती है.स्कूल में शौचालय और बाउंड्रीवाल भी नहीं है. स्कूल जंगल के किनारे है वहां पर जानवरों का भी खतरा रहता है| गाँव के लोगो ने शिकायत किया है पर कोई ध्यान नहीं दे रहे है. उन लोगो की मांग है कि स्कूल में एक पुरुष शिक्षक हो और शौचालय और बाउंड्रीवाल बने जिससे बच्चे सुरक्षित रह सके| कृपया इस नम्बर में बात कर शिक्षक,शौचालय और बाउंड्रीवाल की व्यवस्था करें: अंतागढ़ CEO@9953924884. अधिक जानकारी के लिए संपर्क@9755218992, 9516855168.

