काले घुंघुर लम्बे बाल लालन के...ददरा गीत
ग्राम-नोनारी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से अखिलेश कुमारी एक ददरा गीत सुना रही हैं:
काले घुंघुर लम्बे बाल लालन के हैं गोरे-गोरे गाल-
मम्मी खेलामयें उनखर पापा खेलामयें-
झूमये सगल परिवार लालन के हैं गोरे-गोरे गाल-
चाचा खेलामयें उनखर चाची खेलामयें-
झूमये सगल परिवार लालन के हैं गोरे-गोरे गाल-
बुआ खेलामयें उनखर फुफा खेलामयें-
काले घुंघुर लम्बे बाल लालन के हैं गोरे-गोरे गाल...
Posted on: Mar 21, 2020. Tags: AKHILESH KUMARI MP REWA SONG VICTIMS REGISTER
चला सखी देखन चलियो रे...शादी गीत-
ग्राम-नोनारी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से कोसा देवी एक शादी गीत सुना रही हैं:
चला सखी देखन चलियो रे-
जहाँ माडा पडतु हैं-
हमारा पछि देख लोहारा ककाड़वा-
सोने ले कीड़ा मंगडौली अई हो रे-
जहाँ माड़ा पड़े-
चला सखी देखन चलियो रे-
जहाँ माडा पडतु हैं...
Posted on: Mar 20, 2020. Tags: AKHILESH KUMARI MP REWA SONG VICTIMS REGISTER
मचिया मा बैठी है सासू...सोहर गीत-
ग्राम-नोनारी, ब्लाक-जवा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) अखिलेश कुमारी एक सोहर गीत सुना रही हैं:
मचिया मा बैठी है सासू-
जो इंद्र मनवाय जो इंद्र मनावय हो-
हो इंद्र जाई के बरसय-
गोकुल बीच चली गंगा हो-
हो चली जाने हो-
केकर भिजती मटुकिया-
केकरा बीर चंदन हो...
Posted on: Mar 20, 2020. Tags: AKHILESH KUMARI MP REWA SONG VICTIMS REGISTER
शुभ घडी आई सुमंक सुनाबा...शादी गीत-
ग्राम-नोनारी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से अखिलेश कुमारी एक शादी गीत सुना रही हैं:
शुभ घडी आई सुमंक सुनाबा-
हरादिया ये की रच-रच लगाबा-
चूनर में इनके सुंदर बनाबा-
हरादिया ये की रच-रच लगाबा-
आज अपन हैं कल होईहयें पराई-
गईल पईन कर बहुत याद आई-
सईयां से मिल के फार्मूला बताईहयें-
हरादिया ये की रच-रच लगाबा-
सखी सुकुमारी हैं बहुतये मिजाजी-
हरादिया ये की रच-रच लगाबा-
शुभ घडी आई सुमंक सुनाबा-
हरादिया ये की रच-रच लगाबा...
Posted on: Mar 19, 2020. Tags: AKHILESH KUMARI MP REWA SONG VICTIMS REGISTER
बीच मा दुर्गा बिराजे बगल से गंगा बहत हैं...देवी गीत-
ग्राम-नोनारी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से अखिलेश कुमारी एक देवी गीत सुना रही हैं:
बीच मा दुर्गा बिराजे बगल से गंगा बहत हैं-
गंगा बहत हैं रामा गंगा बहत हैं-
ओही बगलिया मा मलिया का डेरा-
फूलबा चढ़ाबये दिन रात बगल से गंगा बहत है-
ओही बगलिया मा कोंहरा का डेरा-
कलशा उतारये दिन रात बगल से गंगा बहत है-
ओही बगलिया मा सोनरा का डेरा-
बिंदिया चढ़ाबये दिन रात बगल से गंगा बहत है-
बीच मा दुर्गा बिराजे बगल से गंगा बहत हैं...
