गोंडवाना पाटा तुन केन्जाट, केन्जाट दीदी केन्जाट...गोंडी गीत ...
ग्राम-मेंडागाँव, पंचायत-छोटे बिटिया, तहसील-पखांजूर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से निलोती उसेंडी, रमसीला नुरेटी और प्रमिला गोंडी भाषा में एक गीत सुना रहे है:
रे रे लोयो रे रे ला रेला रे रे लोयो रेला –
गोंडवाना पाटा तुन केन्जाट –
केन्जाट दीदी केन्जाट-
रोय याया केन्जाट बाबा केन्जाट रोय याया – सते धर्म ते मन मंटू-
रे रे लोयो रे रे ला रेला – गोंडवाना पाटा तुन केन्जाट – केन्जाट दीदी केन्जाट – रोय याया केन्जाट बाबा केन्जाट रोय याया...
Posted on: Sep 02, 2018. Tags: CG GONDI KANKER PAKHANJUR RANO WADDE SONG
रे रेला रे रेला ला रे रेला...गोंडी गीत-
ग्राम-ताडवाही, विकासखण्ड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से ममता उइके, और सकोन एक गोंडी भाषा में गीत सुना रहे है:
रे रेला रे रेला ला रे रेला-
रे रे लोयो रे रे ला रे रे ला-
रे रे ला रेला रे रे ला रेला रे रे ला-
चुटका खरेला नना वायना-
वायेना नना वायेना रमढोली बंगला ते-
ऐन्देना नना वायेना रमदोली बंगला ते ऐन्देना-
पट्टी खरेना नना आयेना-
वायेना नना वायेना रमदोली बंगला ते-
ऐन्देना नना वायेना रमदोली बंगला ते ऐन्देना...
Posted on: Sep 02, 2018. Tags: CG GONDI KANKER KOELIBEDA SAPNA WATTI SONG
वायकी-वायकी सिलेदार अवर गोटुल ते...गोंडी गोटुल गीत...
ग्राम-ताडवाहली, विकासखण्ड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से स्कूल के बच्चे रीना, काजल और मनीषा गोटुल में गाया जाने वाला गोंडी भाषा में गीत सुना रहे है:
रे रे लोयो रे रे राला रेला रे रे ला लोयो रे रे ला राला रे रे रेला रे रे ला-
वायकी-वायकी सिलेदार अवर गोटुल ते-
निवा नावा पोलोय आयार नाड़ गोटुल ते-
वायकी-वायकी बेलोशा अवर गोटुल ते-
निवा नावा पोलोय आयार नाड़ गोटुल ते-
गुपाल मरस पेयाना वलीदायना-
इद मावा जिन्दगी रनडे दीया-
डोडाक-डोडाक दायना ऐटेग बोटेग पेयाना...
Posted on: Sep 02, 2018. Tags: CG GONDI GOTUL KANKER KOELIBEDA SAPNA WADDE SONG
वनांचल स्वर: पहले लोग कोदो, कुटकी खाते थे तंदरुस्त रहते थे, अब चावल खाकर कमज़ोर हो रहे हैं ...
ग्राम-पैयवारी, पंचायत-कढाई खुदरा, ब्लाक-अन्तागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से ग्रामीण दयाल सिंह और नरसू राम दुग्गा कृषि के बारे में बता रहे है कि, जैविक कृषि में हम लोग धान, कोदो, कुटकी, उड़द, कुल्थी का खेती करते है, जिससे हम अधिकतर लोग बेचने के लिए उगाते हैं, बेचने से जितना बचता है मुर्गियों को खिला देते हैं, जबकि ये स्वयं को खाना चाहिए, पूर्वज लोग कोदो कुटकी खाते थे और तन्दरूस्त रहते थे, हम लोग नही खा रहे हैं, हमारे अभी के लोगो में पहले के लोगों जैसा ताकत नही है, हमे भी कोदो कुटकी खाना चाहिए, जिससे शरीर में ताकत के साथ-साथ स्फूर्ति भी बना रहे, कोदो में अनेक प्रकार के बीमारियों से लड़ने की क्षमता होती है, इसलिए कोदो कुटकी लोगों को खाना चाहिए
Posted on: Sep 02, 2018. Tags: AGRICULTURE AMAR MARAVI ANTAGARH CG KANKER SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
नि वायने गोटुल तमो ले निय वायने गोटुल रो गोटुल तमो ले...गोंडी विवाह गीत
ग्राम-तोडरुर, विकासखंड-कोयलीबेड़ा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़ ) से कविता कोरचे अपनी सहेलियों के साथ गोंडी भाषा में शादी गीत सुना रहे हैं यह गीत जब लड़का और लड़की को गोटुल के मंडप में नाचते हुए ले जाया जाता है तब गाते हैं:
रे रे रे ला रे रे रे रेला रे रे लयों रे रे रेला रे रे रे रेला-
नि वायने गोटुल तमो ले निय वायने गोटुल रो गोटुल तमो ले-
सिलुड़े पलुड घुती ये सिलुड़े पलुड घुती ये घुती तमो ले-
गोटुल इमो किकी तमो ले गोटुल इमो किकी रो किकी तमो रे-
सिलुड़े पलुड घुती ये सिलुड़े पलुड घुती ये घुती तमो ले-
गोटुल खुदेम आन्दी तमो ले गोटुल खुदेम आन्दी रो आन्दी तमो ले-
सिलुड़े पलुड घुती ये सिलुड़े पलुड घुती ये घुती तमो ले ...


