दर्द आखिर तक छिपाया तुम करो, हौसले भी आजमाया तुम करो...गजल गीत

जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) मालीघाट से सुनील कुमार एक गजल सुना रहे हैं:
दर्द आखिर तक छिपाया तुम करो, हौसले भी आजमाया तुम करो-
जिन्दगी की रौनक बदल जाएगी यु कभी खुद को हंसाया तुम करो-
गम जदा को यू लुभाना पलक में मुस्कान दिल का खुदाया तुम करो-
चाँद जैसे यू डुबो दे इश्क में दिलों को सजाया तुम करो-
राहें गुजर जाएगी बगल से राज नीशा यू डिहाया तुम करो...

Posted on: Feb 17, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

दोस्त अब थकने लगे हैं, किसी का पेट निकल आया है, किसी के बाल पकने लगे हैं...कविता

मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक कविता सुना रहे हैं:
दोस्त अब थकने लगे हैं किसी का पेट निकल आया है किसी के बाल पकने लगे हैं-
सब पर भारी जिम्मेदारी है सबको छोटी-मोटी कोई बीमारी है-
दिन भर जो भागते दौड़ते थे वो अब चलते-चलते रुकने लगे हैं-
पर ये हकीकत है सब दोस्त थकने लगे हैं-
किसी को लोन की फ़िक्र है किसी को हेल्थ टेस्ट का जिक्र है-
फुर्सत की सबको कमी है आँखों में अजीब सी नमी है-
कल प्यार के ख़त लिखते थे आज बीमें के फार्म भरने लगे है...

Posted on: Feb 15, 2018. Tags: KUMAR SONG SUNIL VICTIMS REGISTER

रोज-रोज बतिया हम जोहरी तोहार हो नौजवान भइया...बिहारी विकास गीत

पंचायत चुनाव प्रचार के दौरान मुजफ्फरपुर (बिहार) से अज्म शाहनी एक विकास गीत सुना रहे हैं :
रोज-रोज बतिया हम जोहरी तोहार हो नौजवान भइया-
पंचायत के तुहि करनधार हो नौजवान भइया-
कहिया ले चारो ओर एकता बनइब हो-
कहिया ले जुलमिन के जुलम मिटइब हो-
कहिया ले देबा नया युग के विचार हो-
नौजवान भइया...
कहिया ले जाइ अपने गावं से बेकारी-
कहिया ले छूटी भूख पेट की बीमारी हो-
कहिया ले सहल जाई महँगी के मार हो-
नौजवान भइया...
कहिया ले होइ हमनि के सुनवाई हो-
कहिया ले धना के गो लागे लेके जाई हो-
तोहरे पर लगल बाटेअसरा हमार हो-
नौजवान भइया...
तुहि कुछ सोचवा त तुहि कउनो रहो
तुहि कुछ करवा त होइ कउनो छाहो
तोहरे पर लगल बाटे असरा हमार हो
नौजवान भइया...

Posted on: Feb 14, 2018. Tags: SONG Sunil Kumar VICTIMS REGISTER

जिन्दगी का एक और वर्ष कम हो चला...रचना

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार नए वर्ष की बधाई देते हुए संतोना भारती की एक रचना सुना रहे हैं:
जिन्दगी का एक और वर्ष कम हो चला-
कुछ पुरानी यादें पीछे छोड़ चला-
कुछ ख्वाइशें दिल में रह जाती है-
कुछ बिन मांगे मिल जाती हैं-
कुछ छोड़ कर चले गये-
कुछ नये जुड़ेंगे इस सफर में-
कुछ मुझसे बहुत खफा हैं-
कुछ मुझसे बहुत खुश हैं-
कुछ मुझे मिल के भूल गये-
कुछ मुझे आज भी याद करते हैं-
कुछ शायद अनजान हैं-
कुछ बहुत परेशान हैं-
कुछ को मेरा इंतजार हैं-
कुछ का मुझे इंतजार है-
कुछ सही है कुछ गलत भी है-
कोई गलती तो माफ कीजिये-
कुछ अच्छा लगे तो याद कीजिये...

Posted on: Feb 10, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

गोल-गोल लाल पियर पात के ऊपर बड़ा रसदार... मुजफ्फरपुर के लीची पर गीत

सुनील कुमार मुजफ्फरपुर (बिहार) से लीची फल पर एक गीत गए रहे हैं:
गोल-गोल लाल पियर पात के ऊपर बड़ा रसदार-
मुजफ्फरपुर के लीचिया खिलहिया मोरे यार-
बैशाख जेठ में मिले गूदा के ऊपर छिलके पतले खाए ये रसदार-
मुजफ्फरपुर के...
शाही के बा आया माजा चैना नियन कोई न दूजा-
थोही के डिंड के लाहो फल रसदार-
मुजफ्फरपुर के...

Posted on: Feb 07, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

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