फूलों से नित हँसना सीखो, भौरों से नित गाना...कविता
ग्राम-सालकट्टा, पंचायत-गोंडदिनापाल, विकासखण्ड-अंतागढ, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से फातिमा विनीता एक कविता सुना रही हैं:
फूलों से नित हँसना सीखो, भौरों से नित गाना-
तरु की झुकी डालियों से नित सीखो-
शीश झुकाना, सीख हवा के झोको से लो-
कोमल भाव बहाना, दूध तथा पानी से सीखो-
मिलना ओर मिलाना,सूरज की किरणों-
से सीखो जगना ओर जगाना-
लता और पेड़ो से सीखो सबको गले लगाना...
Posted on: Aug 17, 2018. Tags: FATIMA HINDI POEM KANKER CG SONG VICTIMS REGISTER VINEETA
मुझे एक साल से राशन नहीं मिल रहा है बोलने पर कोई अधिकारी ध्यान नहीं देते है, कृपया मदद करें...
ग्राम पंचायत-पासल, पोस्ट+थाना-बिहारपुर, ब्लाक-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मुकेश सिंह आयाम के साथ में महेंद्र सिंह बता रहे है कि उनको 1 साल हो गया राशन नही मिल रहा है 2-4 बार बीच-बीच में मिला उसके बाद से नहीं मिल रहा है उसके लिए उन्होंने सचिव सरपंच को आवेदन किये थे तो बोले कि कोटेदार के पास जाओ और कोटेदार बोलते है कि आपका चावल नही आता है इसलिए साथी सीजीनेट सुनने वाले सांथियो से अपील कर रहे हैं कि दिए गए नंबरो पर अधिकारियों से बात कर उनको राशन दिलवाने में मदद करें:
कोटेदार@9753939249, सरपंच@7909453088, सचिव@9669593566, कलेक्टर@9826443377. मुकेश सिंह आयाम@7970225710.
Posted on: Aug 17, 2018. Tags: FOOD MUKESH SINGH AYAM SONG SURAJPUR CG VICTIMS REGISTER
राजी रायली बुलो लो देव से देव से बुला लो रे राम...शादी गीत
ग्राम-जनावल, प्रखण्ड-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखण्ड) से फुल्मिना कुजूर और बिर्जत कुजूर एक शादी गीत सुना रहे है गीत का अर्थ है शादी के लिए लड़की ढून्ढ रहे है और लड़की नही मिल रही है:
राजी रायली बुलो लो-
देव से देव से बुला लो रे राम-
आयो नही मिले बईया-
आरोऊ रोजो रे सानिया-
यो रे दनी मिले रे बईया-
राव रोजो रे कनिया – राजी रायली बुलो लो-
देव से देव से बुला लो रे राम...
Posted on: Aug 16, 2018. Tags: BIRJAT KUJUR FULMINA KUJUR GUMLA HINDI SONG JHARKHAND SONG VICTIMS REGISTER
बेला फूले आधी रात की माला किसके गले डालूं...गीत
चांदनी बिहारपुर, ग्राम-नवगई, तहसील-ओड्गी, जिला-सूरजपुर, (छत्तीसगढ़) से शुभम जैसवाल एक गीत सुना रही है:
बेला फूले आधी रात की माला किसके गले डालूं-
राम गले डालूं की सीता गले डालूं-
वो तो गये बनवास की माला किसके गले डालूं-
शिव गले डालूं कि पार्वती गले डालूं-
वो तो गये कैलाश की माला किसके गले डालूं-
राधा गले डालूं की कृष्ण गले डालूं-
वो तो गये मथुरा की माला किसके डालूं...
Posted on: Aug 16, 2018. Tags: CHHATTISGARH HINDI SONG SHUBHAM JAISWAL SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर: हल्दी वनों में पाई जाती है और घरो में भी लोग लगाते हैं, यह भोजन भी है और दवाई भी -
सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा आज ग्राम-बईहा सालेभाट, तहसील-अंतागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां बस्तीराम नागवंशी गाँव के गजेन्द्र सिंह वट्टी से बात कर रहे हैं जो उनको हल्दी के बारे में बता रहे हैं जो उनकी बाड़ी में लगा हुआ है वे बता रहे हैं कि हल्दी के पौधे को वे लोग जुलाई माह में लगाते हैं, और जब उसका पौधा सूख जाता है तो उसका कंद निकालते हैं, वही हल्दी है इस हल्दी का उपयोग खांसी होने पर दूध के साथ सेवन करते हैं, शादी में इसका लेप दूल्हा-दुल्हन के शरीर पर लगाते हैं, भोजन में भी उसका उपयोग होता है, चेहरे की फुंसिया दूर करने में भी उपयोग करते है, ये जंगल में पाया जाता है और लोग घरो में भी लगाते हैं |


