मीडिया कहे, प्रेस कहे, बदलाव को हम तैयार...प्रेस दिवस पर गीत
जिला-मुजफ्फरपुर, बिहार से सुनील कुमार प्रेस दिवस के अवसर पर एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है सबको स्वीकार-
मीडिया कहे-प्रेस कहे, बदलाव को हम तैयार-
चुप रहना नहीं सीखा हमने, समाज को देखा हमने-
दिखाने को तैयार-
मीडिया कहे-प्रेस कहे, बदलाव को हम तैयार-
विकास को देखा हमने, तानाशाही हटाया हमने-
मर मिटने को तैयार-
मीडिया कहे-प्रेस कहे, बदलाव को हम तैयार-
लाचारों को शक्ति देना, अंधभक्ति को दूर भगाना-
स्वतंत्रता हमें स्वीकार-
मीडिया कहे-प्रेस कहे, बदलाव को हम तैयार...
Posted on: Nov 16, 2015. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
Worked for making Govt buildings, officers making us go round, no payment...
Surendra Netam is calling from Bagwahi village under Ghothiya panchayat in Bhanupratappur tehsil of Kanker district in Chhattisgarh and talking to villagers who tell him that many of them worked in building construction for Govt but are still waiting for wages. The due amount is Rs 18,500. Officials are not paying attention. Please call Sarpanch@9589315262, Engineer@7587250821, SDO@7587336236, CEO@9424131079 to help.Surendra@9907171950.
Posted on: Nov 16, 2015. Tags: SONG SURENDRA KUMAR NETAM VICTIMS REGISTER
बिरसा तूने दिया है जो हिम्मत, वो भुलाने के काबिल नहीं है...बिरसा मुंडा जयंती पर
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर, बिहार से सुनील कुमार ‘बिरसा मुंडा’ के 140 वीं जयंती के अवसर पर एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
बिरसा तूने दिया है जो हिम्मत, वो भुलाने के काबिल नहीं है-
बिरसा तूने दिया है जो इज्जत, वो भुलाने के काबिल नहीं है-
वो भुलाने के काबिल नहीं है, चुप रहने के काबिल नहीं है-
आदिवासी का मान बढ़ाया, उसको हक़ के लिए लड़ना सिखाया-
जुल्मों को तूने किया बहिष्कार, ना किया तूने गुलामी स्वीकार-
बिरसा तूने दिया है जो हिम्मत, वो भुलाने के काबिल नहीं है-
कोया को तू लड़ना सिखाया, कमान-तीर चलाना सिखाया-
तू आदिवासी का है लोकनायक, तू संस्कृति का है परिचायक-
बिरसा तूने दिया है जो हिम्मत, वो भुलाने के काबिल नहीं है...
Posted on: Nov 15, 2015. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
कंगन लेवो ये बबुआ के बधइया...बिहार से पवरिया गीत
जिला-मुजफ्फरपुर, बिहार से सुनील कुमार एक ‘पवरिया’ गीत प्रस्तुत कर रहे हैं. यह गीत उत्तर भारत में बच्चों के जन्म के समय गाया जाता है:
कंगन लेवो ये बबुआ के बधइया-
बबुआ के मामी दुआरा तू खोला-
करि ला मेल-जोल तानी मुखहू से बोला-
लुटाई देतु मामी आज गड़ल रुपइया-
बहुतै दिनन से आस लगवनी-
आस पूजल दरबार में अइनी-
कि कौशल्या कोखी में हैं जन्में रघुरइया-
कंगन लेवो ये बबुआ के बधइया...
Posted on: Nov 14, 2015. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
आओ ! इक ऐसा दीप जलाएं...जागरूकता गीत
ग्राम-मालेघाट, जिला-मुजफ्फरपुर, बिहार से सुनील कुमार एक जागरूकता गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
आओ ! इक ऐसा दीप जलाएं-
शिक्षा के अधिकार को हम, जन-जन तक पहुंचाएं-
फर्क मिटे बढ़िया-घटिया का, ऐसी शिक्षा पाएं-
करनी है निगरानी हमको, सूरत बदली जाए-
ज्ञान की गंगा-यमुना को, हम सभी पार कर जाएं-
बस्ती-बस्ती गोता खाकर, मानिक मोती पाएं-
कितने बच्चे पुरे देश में, फांक रहे हैं धूल-
सहमे-सहमे डरे-डरे, मुरझा रहे हैं फूल-
धन वाले ही शिक्षा पाएं, है ये सबकी भूल-
निर्धन बच्चे पढ़े-लिखे हों, बेला है अनुकूल-
ओ ! इक ऐसा दीप जलाएं...
