आज जनकपुर में माँ बड सुहावन लागे...भोजपुरी विवाह लोकगीत
जिला पूर्वी चम्पारण बिहार से कुंदन कुमार एक भोजपुरी विवाह लोकगीत सुना रहे हैं:-
आज जनकपुर में माँ बड सुहावन लागे-
हरे-हरे बसवा के मडवा छ्वया चाचा-
छ्हू मुख दिया न जा रे ला बड सुहावन लागे...
Posted on: Mar 15, 2018. Tags: SONG Sunil Kumar VICTIMS REGISTER
किदा रूप कितने तनिक सजी अ रूप देले बा...नशा मुक्ति गीत
जिला मुजफ्फरपुर (बिहार) से राजीव कुमार राय एक नशा मुक्ति गीत सुना रहे हैं:-
किदा रूप कितने तनिक सजी अ रूप देले बा-
दारू बिकत नहीं नित सजी अ रूप देले बा-
पूरा बदलल बिहार पियल रोक देले बा-
चार चौथा फाइल पढल रहनिया कगार में...
Posted on: Mar 14, 2018. Tags: SONG Sunil Kumar VICTIMS REGISTER
अरे फागुन में होली है फागुन में होली है...छत्तीसगढ़ी होली गीत
ग्राम-रमकोला, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सुनीता सिंह मरकाम अपने सांथियों के सांथ एक होली गीत सुना रही हैं :
अरे फागुन में होली है, फागुन में होली है-
रास लीला करो सरगुजिया, फागुन में होली है-
परसा के डाली के फूल आमा के मौरे हे मौर-
कोयली के कुहुक बोली अबड मीठ लागे-
कोने लगावाथे रंग गुलाल कोने लगाये पिचकारी-
कान्हा धरे रंग गुलाल राधा धरे पिचकारी...
Posted on: Mar 13, 2018. Tags: SONG SUNEETA SINGH MARKAM VICTIMS REGISTER
खेल लजर लजर रे आमा को ना आमा पाए...डोमकच्छ गीत
ग्राम-रमकोला, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सुनीता सिंह मरकाम अपने सांथी पिंकी सरुता के सांथ एक डोमकच्छ गीत सुना रही हैं :
खेल लजर लजर रे आमा को ना आमा पाए-
के डूमर को ना डूमर पाई के हो रे-
लुगा का से करे नोनी जाम करिया-
काका डरादे भईया पीपर पा जो हो रे-
खेल लजर लजर रे आमा को ना आम पाए...
Posted on: Mar 13, 2018. Tags: SONG SUNITA SINGH MARKAM VICTIMS REGISTER
ऐ धरती के रहने वालो धरती को स्वर्ग बनाना है...प्रेरणा गीत
जिला-बड़वानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक कविता सुना रहे हैं:
ऐ धरती के रहने वालो धरती को स्वर्ग बनाना है-
ये स्वर्ग कही यदि उपर तो, उसको इस भू पर लाना है-
हे स्वर्ग लोक इस धरती पर, ऊपर अथवा अन्यत्र नही-
तुम उसको यहीं तलाश करो, जाओ न ढूंढने ओर कहीं-
अपने पुरुषार्थ रत्नों से कर दो उसका निर्माण यहीं-
यह आशा का सन्देश तुम्हे इस भू मंडल पर फैलाना है-
पिता-पुत्र, पति-पत्नी, भाई-बहन में हो प्यार जहाँ...
