Today's News from newspapers in Gondi: 4th September 2018 -
आदिवासी बहुल इलाकों में दस हजार एकल स्कूलों के संचालन की जरूरत-
दैनिक भास्कर-
आदिवासियों का हक कोई छीन नहीं सकता- दैनिक भास्कर-
जय आदिवासी केंद्रीय परिषद का गठन, मोती बने अध्यक्ष- दैनिक भास्कर-
आदिवासियों के बच्चों को पहले गोंडी में बातचीत कर पढ़ना सिखाया, फिर दिखा दी स्कूल की राह– दैनिक भास्कर-
Posted on: Sep 04, 2018. Tags: DINESH WATTI GONDI NEWS
ढोलक के साथ बांसुरी की धुन...
ग्राम-उटनूर, जिला-आदिलाबाद (तेलंगाना) से दिनेश वट्टी के साथ काड़मा और रमेश गोंडी भाषा में बात कर रहे हैं और ढोलक के साथ बांसुरी की धुन सुना रहे है:
Posted on: Sep 03, 2018. Tags: ADILABAAD DINESH WATTI SONG TELANGANA TRADITIONALINSTRUMENTAL SONG VICTIMS REGISTER
हम 14 घर के बैगा आदिवासी नदी में गड्ढा खोदकर गन्दा पानी लाकर पीते है, एक भी हैंडपंप नहीं है...
ग्राम-भैसाडबरा, पंचायत-डालामहुआ, विकासखण्ड-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से सुख सिंह बैगा मिथलेश मानिकपुरी को बता रहे है कि उनके मोहल्ले में 5 साल से पानी की बहुत समस्या है | उनके मोहल्ले में भी एक भी हैण्डपम्प नहीं है वे लोग नदी में झिरिया खोदकर गंदा पानी लाकर पीते है 14 घर का बस्ती है उसके लिए उन्होंने सचिव, सरपंच के पास आवेदन किये थे लेकिन आज तक कोई सुनवाई नही हुई | इसलिए साथी सीजीनेट के साथियों से मदद की मांग कर रहे है कि इन नम्बरों में बात कर एक हैण्डपम्प लगवाने में मदद करें: सरपंच@9893472740, P.H.E@9893883154. मिथलेश मानिकपुरी@8964973228
Posted on: Sep 02, 2018. Tags: CG CHHATTISGARH KABIRDHAM SONG SUKHSINGH BAIGA VICTIMS REGISTER WATER
हमर जन्म भुईया ला बचावा दादा रे, गोंडवाना भुईयां ला बचावा दादा जी...गीत
गांव जेल्हा पारा, पंचायत-पासल, पोस्ट-बिहारपुर,ब्लॉक-ओड्गी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से जियन सिह एक गीत सुना रहें है:
बचावा दादा रे, बचावा भैया ओ-
गोंडवाना भुईयां ला बचावा दादा जी – हमर जन्म भुईया ला बचावा दादा रे-
बचावा दीदी वो बचावा भैया वो बनावा दादा जी-
गोंडवाना राज्य लौटावा भईया रे-
बचावा बैया वो बचावा बाबू वो बचावा दादा रे-
जनम-वनम भुइयां ला बनावा दादा रे...
Posted on: Sep 02, 2018. Tags: CG JIYAN SINGH PRATAPPUR SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर: गूमा (द्रोण पुष्पी) के पौधे के औषधीय गुण...
जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय आज हम सभी को गूमा या द्रोण पुष्पी के पौधे के औषधीय गुण बता रहे हैं: गूमा (द्रोण पुष्पी) का यह औषधीय पौधा हमारे प्राकृतिक वातावरण में ही हमारे आसपास पाया जाता है, यह औषधि आधे सिर दर्द होने पर (यह दर्द प्रातः काल से शुरू होकर दिन ढलने तक होता है) में काफी उपयोगी है यह तकलीफ होने पर गूमा के पत्ते के कर्क (काढ़ा) बनाकर कपाल (माथा) लेप करने से आराम मिलता है| इसके अतिरिक्त गूमा के पत्तों के रस को 1-1 बूंद नासिका में डालने से भी लाभ मिलता है, यह सरल एवं सुखद घरेलु उपचार है जो सभी कर सकते हैं बहुत प्रभावकारी होता है:वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय@9424759941.


