आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में: लकवे का पारंपरिक उपचार
Cook 5 nos Multi-colored Rainbow Gaudy grasshoppers (An insect often found in Crown flower plant) in Mahua (Madhuca longifolia) seed oil, it is an underutilized non-edible vegetable oil, which is available in large quantities in India. Cook these insects until it becomes paste & filter this paste using cotton cloth. Massaging paralysis affected area of body by this paste is effective. Similarly, this can also be used for massaging crick affected body parts. Vaidya Santram Painkra@8103776706 from Korba Chhattisgarh
Posted on: Nov 16, 2016. Tags: SONG Santram Painkra VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में: सिरदर्द और माईग्रेन का पारंपरिक उपचार
Dropping prickly chaff flower’s juice in nostrils or sniffing powder of Reetha (Fruit of Soap nut tree) is beneficial in headache. Taking decoction of Aloe vera pulp, Giloy or Guduchi (Tinospora cordifolia) & Chiraita (Swertia chirata) in equal quantities is also useful in headache. Grind fresh root of Bharangi (Blue fountain bush) in warm water & applying this on forehead is useful. Applying fresh leaves paste of Dronpushpi (Leucas cephalotes) on forehead at early morning is useful to get rid of migraine. Drinking decoction of harad, baheda, amla, chiraita, haldi, neem chhal & giloy in equal quantities after adding jaggery is useful. Ramphal@9412318880
Posted on: Nov 15, 2016. Tags: Ramfal Patel SONG VICTIMS REGISTER
पागल कहे ला ना रे लोगवा...धर्म गीत
ग्राम-जामपानी, तहसील-दुद्धी, जिला-सोनभद्र उत्तर प्रदेश से रामजीत भारतीय भोजपुरी में एक धर्म गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
पागल कहे ला ना रे लोगवा – पागल कहे ला ना – हंसा यीशु मशीह के सेवक रे लोगवा – पागल कहे ला ना – तीर्थ मथुरा हम नही जाइयेबे-
ना हम गंगा नहाइबे – यीशु चरनिया गंगा बिराजे-
उभुक चुभुक हम नहाइबे रे लोगवा-
पागल कहे ला ना-
हंसा यीशु मसीह के सेवक रे लोगवा-
पागल कहे ला ना-
पागल कहे ला ना रे लोगवा, पागल कहे ला ना...
Posted on: Nov 09, 2016. Tags: RAMJEET BHARTI SONG VICTIMS REGISTER
जिला मुख्यालय से १० किमी दूर के आदिवासी गाँव में हैण्डपम्प नहीं है नदी का गंदा पानी पी रहे हैं...
जिला मुख्यालय से १० किमी दूर के आदिवासी गाँव में कोई हैण्डपम्प नहीं है बता रहे हैं रामायण प्रसाद यादव । वे आज ग्राम-परसवार-चेकेटरी, थाना-जैतहरी, जनपद-जैतहरी, जिला-अनुपपुर (म.प्र.) में कोल भील जनजाति के 10 परिवारों के बीच में हैं जो 20 सालों से उस गाँव में रह रहे हैं पर इस गाँव के लोगों के पास में पानी पीने के लिए एक भी कुआ या बोरिंग नहीं हैं और पानी की बहुत दिक्कत होती है ये लोग नदी का पानी पीते है और नदी का गंदा पानी पीने के कारण हमेशा इन्हें कोई न कोई बीमारी होती रहती हैं । वे सीजीनेट के साथियों से मदद की अपील कर रहे हैं कि कृपया उपसरपंच@8889563968, S.D.O.@9424334678 को फोन कर दबाव डालें । रामायण प्रसाद यादव@7772969371
Posted on: Nov 08, 2016. Tags: RAMAYAN PRASAD YADAV SONG VICTIMS REGISTER
अन्य जिलों की तरह रायगढ़ जिले में पहाड़ी कोरवा समुदाय को पीटीजी का दर्जा नहीं दिया गया है...
ग्राम सलखेता, पोस्ट कुमर्ता, विकासखंड धरमजयगढ़, जिला रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से जीतनराम पहाड़ी कोरवा बोल रहे हैं कि विकासखंड धरमजयगढ़ में 21 गाँव बसा हैं जहाँ पहाड़ी कोरवा जनजाति समुदाय रहते है पर जिन्हें उन सरकारी सुविधाओं का लाभ नही दे रहे है जो कि अन्य जिलो में बसे पहाड़ी कोरवा जनजाति समुदाय को मिल रहा है जैसे जशपुर, कोरबा, सरगुजा | इस जिले में पहाड़ी कोरवा को प्रिमिटिव ट्रायबल ग्रुप (पीटीजी) का दर्जा नहीं दिया गया है अत: इस समस्या का समाधान हेतु सीजीनेट स्वर सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे हैं |जिला कलेक्टर @07662222123, मुख्य कार्यपालन अधिकारी@08120309000 S.D.M@07666266252 को कृपया फोन करें । जीतन@8959289653
