नरेगा आदि का पैसा लेने बैंक जाने के लिए नाला पार करना पड़ता है अधिकारी पुल नहीं बनवा रहे हैं...
हमारा मनरेगा का पैसा ग्रामीण बैंक भैंसामुंडा में मिलता है जहां जाने के लिए हम लोगों को एक नाला पर करना पड़ता है जिसमे पुल नहीं है इसलिए हम लोगों को बहुत दिक्कत होती है बता रहे हैं ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया। वे बता रहे हैं कि देवरी और दभोरा गाँव के बीच में एक नाला है उसमे पुलिया बनवाने के लिए सरपंच के पास मौखिक रूप से कई बार ग्राम सभा में आवेदन लगाए लेकिन आज तक पुलिया नहीं बनवाये है. वे सीजीनेट सुनने वाले साथियों से अनुरोध कर रहे हैं कि सरपंच@7772911742, उपसरपंच@9174990120, कलेक्टर@9425585298, S.D.M@09424166557, कृपया इन अधिकारियो से बात कर इनकी मदद करें. कैलाश@9575922217
Posted on: Feb 01, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
Impact: Got compensation for crop damage by elephants on my field, thanks...
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया बता रहे है कि उनके खेत में हाथियों ने धान मक्के को खा लिए थे पिछले साल सितंबर महीने में तो इन्होने गाँव के सिपाही के पास शिकायत किये थे और इन्होने कहीं आवेदन नहीं दिए और इन्होने सीजीनेट स्वर में सन्देश रिकॉर्ड कर दिए थे. वे समझते हैं कि सीजीनेट के साथियों की मदद से इनका मुआवजा 25 तारीख को आ गया क्योंकि इसके पहले इस तरह सिर्फ सिपाही के पास आवेदन करने से मुआवजा नहीं मिलता था. वे जाकर चेक ले आए हैं और बहुत खुश हैं इसलिए सीजीनेट के साथियों को और कलेक्टर रेंजर जैसे अधिकारियों को धन्यवाद दे रहे है.कैलाश सिंह पोया@9575922217
Posted on: Jan 29, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
मिर्ची लगी लगा मुंह जलने...जानवरों पर कविता
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर, (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया जंगली जानवरों पर आधारित एक कविता सुना रहे है:
मिर्ची लगी लगा मुंह जलने-
इधर उधर वह लगी उछलने-
याद आ गई उसको नानी-
लगी खोजने ठंडा पानी-
तब बंदर को गुस्सा आये-
उसने खरहे को दौडाये-
आगे खरह पीछे बंदर-
हुए दौड़ जंगल के अंदर-
खरह भागा बिल के भीतर-
निकला लेकर मीठा गाजर...
Posted on: Jan 28, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
तोला माठी कोडेला,तोला माठी कोडेला...शादी गीत
जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से कैलाश सिंह पोया है उनके साथ बाबूलाल नेटी है जो है एक शादी गीत सुना रहे है:
तोला माठी कोडेला,तोला माठी कोडेला-
नहीं आवेगा धीरे-धीरे अपन बहनी ले धीरे-धीरे...
Posted on: Jan 26, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
हुए दौड़ जंगल के अन्दर जंगल में एक वृक्ष खड़ा था...जंगली जानवरों पर कविता
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे है:
हुए दौड़ जंगल के अन्दर जंगल में एक वृक्ष खड़ा था-
सब वृक्षों से बहुत बड़ा था लम्बा चौड़ा छायादार-
उसके नीचे था बाजार बंदर बेच रहा था आलू-
उसको तौल रहा था भालू हिरण लिया सब्जी का ठेला-
बेच रहा था हरा केला लवकी कुमडा और पपीता-
लेकर आये बुडाल चिता खरदा हरी मिर्च ले आये-
बंदरिया को उसे चखाये लेकिन मिर्च बहुत थी तीखी...
