हर आदमी को आदमी से प्यार होना चाहिए...एक गीत
छोटी छोटी बातों पे विचार होना चहिये
हर आदमी को आदमी से प्यार होना चाहिए
झूटी मूटी बातों पर विचार होना चाहिए
हर आदमी को आदमी से प्यार होना चाहिए
वोट लूटते है , बस्तियां जलाते है
ऐसे दानव से होशियार होना चाहिए
हर आदमी को आदमी से प्यार होना चाहिए!!
रोटी है न कपडा है , मकान है न काम है
डाकू बने राजा ने किया आदमी को गुलाम है
सच जानने का अधिकार होना चाहिए
हर आदमी को आदमी से प्यार होना चाहिए !!
खेत खलियानों का आज भी यह हाल है,
चारों ओर फैला परेशानियों का जाल है
साज़िशों का जाल तार तार होना चाहिए
हर आदमी को आदमी से प्यार होना चाहिए !!
Posted on: Oct 25, 2013. Tags: Karelal Devaria
Baiga Adivasi from Mandla Madhya Pradesh sings a Karma song...
Karelal Devaria a Baiga tribal from Mandla district in Madhya Pradesh is singing a Karma song. In the song he describes about culture and tradition of Baiga adivasis. For more on the song please contact Karelal Ji at 09691738235
Posted on: Oct 22, 2013. Tags: KARELAL DEVARIA MANDLA
रे रे रे लायो रे रे रेला रेला रे रे...बस्तर का घोटुल गीत
रामलाल मण्डावी अंतागढ़ जिला कांकेर छत्तीसगढ़ से है इन्होने गोंडी भाषा में एक घोटुल गीत गाया है गीत का बोल है
रे रे रे लायो रे रे रेला रेला रे रे
ला ढोड़ख ढ़ोडख दयाना एट बोटेक पोयाना
वेली दयाना इद मावा जिन्दगी रन्ड दियोना
इस्क घुपा पोयाना वेली दयाना
इद मावा जिन्दगी रन्ड दियोना
इस्क घुपा पोयाना वेली दयाना
इद मावा जिन्दगी रन्ड दियोना
रे रे रे लायो रे रे रेला रल रे रे रे रेला।
अधिक जानकारी के लिए मंडावी जी से 09406402804 पर संपर्क करें
Posted on: Oct 15, 2013. Tags: Ramlal Mandavi
धरती माँ का क़र्ज़ चुकाना है...
धरती माँ का क़र्ज़ चुकाना है
जल जंगल जमीन को बचाना है
ये हवा ये गगन ये पवन
धरती माता जल बरसाता है
धरती माता सबको अन्न दिलाता है
ये रे संदेसा बात बहुत पुराना है
जल जंगल जमीन को बचाना है
धरती माँ का क़र्ज़ चुकाना है
Posted on: Sep 23, 2013. Tags: Ruplal Marawi
Give more rights to Van Panchayats in Uttarakhand to save environment...
रामलाल जी केदारघाटी उत्तराखंड से पर्यावरण को बचाने के लिए वन पंचायत को और अधिकार दिए जाने की मांग करते हुए लकड़ी की उपयोगिता पर एक गीत भी गा रहे हैं :
जीती लकड़ी मरती लकड़ी देख तमाशा लकड़ी का
दुनिया बालो तुम्हे बताये ये जग सारा लकड़ी का
जनम हुआ जब तेरा बन्दे पलंग बिछाया लकड़ी का
तुझे झूलने को बनबाया वो था पालना लकड़ी का
खेल खिलोने थे लकड़ी के हाथी घोडा लकड़ी का
तुझे झूलने को बनबाया वो था पालना लकड़ी का
खतम हुये दुनिया के झगडे तोता जाला मकड़ी का
युद्धहुआ जब चालन लगया लिया सहारा लकड़ी का
अंत समय यम द्वार चला तू डोला सजाया लकड़ी का
कंचन सी तेरी काया फुकदी ढेर लगाकर लकड़ी का
