कहानी : स्वाभाव और वाणी को बदलने से सम्मान मिल सकता है...

एक कौआ तेजी से उड़ते हुये जा रहा था| पेड़ पर बैठे कोयल ने पूछा| कहां जा रहे हो? कौआ बोला, जगह छोड़कर जा रहा हूँ, यहाँ मेरा सम्मान कोई नहीं करता, आवाज सुनकर भगा देते हैं| कोयल बोली स्थान बदलने से कुछ नहीं होता, स्वाभाव और वाणी को बदलने से सम्मान मिल सकता है| (AR)

Posted on: Dec 13, 2020. Tags: SONG STORY VICTIMS REGISTER

तिनका कबहुँ ना निन्दिये...दोहा-

राजनांद (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र गंधर्व कबीर दास के दोहे के माध्यम से संदेस दे रहे हैं कि हमें किसी को छोटा नहीं समझना चाहिये| छोटे से तिनके की भी कभी निंदा नहीं करनी चाहिये| जो तुम्हारे पांवों के नीचे दब जाता है। यदि वह तिनका उड़कर आँख में आ गिरे तो कितनी गहरी पीड़ा होती है|
तिनका कबहुँ ना निन्दिये, जो पाँवन तर होय-
कबहुँ उड़ी आँखिन पड़े, तो पीर घनेरी होय...(AR)

Posted on: Dec 13, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER

दुर्गा मईया चलली शेर पर सबार...देवी गीत-

जिला-पुर्णियां (बिहार) से भक्त प्रहलाद एक देवी गीत सुना रहे हैं:
ओ,ओ आरे दुर्गा मईया-
चलली शेर पर सबार-
भक्त के आंसू बहन जाये-
भरे नैनन में आंसू-
सिर पे शोभे लाल चुनरी बालरूप...(AR)

Posted on: Dec 13, 2020. Tags: BHAKTI SONG SONG VICTIMS REGISTER

हम करे राष्ट्र आराधन...राष्ट्रीय गीत-

ग्राम-सूरजपुर खेलु फरस,जिला-जशपुर,राज्य-छतीसगढ़ से शशिकला तिग्गा
राष्ट्रीय गीत सुना रही है:
हम करे राष्ट्र आराधन-
तन से मन से तन मन धन जीवन से-
हम तरसे मुकु से कृति से-
निशण हो निर्मल मति से-
सदा कि मा सकालती से-
हम करे राष्ट्र अभिवादन...ID(182612)RM

Posted on: Dec 13, 2020. Tags: BHAKTI SONG SONG VICTIMS REGISTER

करें भगत हो आरती मैया दो बेरिया...भजन गीत-

ग्राम-डोटमा,जिला-जांजगीर चापा, (छत्तीसगढ़) से देवेन्द्र यादव गीत सुना रहे है:
करें भगत हो आरती मैया दो बेरिया-
माँ दो बेरिया मैया दो बेरिया-
आरती माई दोई बेरिया-
दोई बेरिया माई दोई बेरिया-
सोने के लोटा गंगा जल पानी माई-
करें भगत हो आरती मैया दो बेरिया...(182649) GM

Posted on: Dec 13, 2020. Tags: BHAJAN SONG SONG VICTIMS REGISTER

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