चंदन है इस देश की माटी, तपोभूमि हर ग्राम है...प्रेरणा गीत-
ग्राम पंचायत-बाग़डोंगरी, जिला-नरायणपुर (छत्तीसगढ़) से लालदाई करंगा और दिनेश्वरी करंगा एक प्रेरणा गीत सुना रहे हैं :
चंदन है इस देश की माटी, तपो भूमि हर ग्राम है-
हर नारी देवी की प्रतिमा, बच्चा बच्चा राम है-
हर शरीर मंदिर सा पावन, हर मानव उपकारी है-
जहाँ सिंह बन गये खिलौने, गाय जहाँ माँ प्यारी है-
जहाँ सवेरा शंख बजाता, लोरी गाती शाम है-
हर नारी देवी की प्रतिमा बच्चा बच्चा राम है-
चंदन है इस देश की माटी, तपो भूमि हर ग्राम है...
Posted on: Dec 07, 2019. Tags: CG NARAYANPUR PRADEEP JOGI SONG VICTIMS REGISTER
हिन्द देश के निवासी सभी जन एक हैं...देशभक्ति गीत-
ग्राम-मंगुरदा, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से दशरत यादव एक देशभक्ति गीत सुना रहे हैं :
हिन्द देश के निवासी सभी जन एक हैं-
रंग रूप वेष भाषा चाहे अनेक हैं-
हिन्द देश के निवासी सभी जन एक हैं-
रंग रूप वेष भाषा चाहे अनेक हैं-
बेला गुलाब जूही चम्पा चमेली-
प्यारे-प्यारे फूल गूंथे माला में एक हैं...
Posted on: Dec 07, 2019. Tags: BILASPUR CG DASHRATH YADAV SONG VICTIMS REGISTER
बलमा मोर बलमा रे, मोर मयारू बलमा है हाय...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम-कुण्डी, जिला-नरायणपुर (छत्तीसगढ़) से घंसुराम बघेल एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
बलमा मोर बलमा रे, मोर मयारू बलमा है हाय-
ये जहुरिया खाले किरिया, माया मोरे झन भुलाबे रे-
अंधरा के आंखी चिरई के पाखी तय मोरे रानी रे-
मझधार मा डोंगा झन भुलबे नही माय मर जाहू रे-
सपना तोर मोर सपना रे, दिन रात सताथे ना-
ये जहुरिया खाले किरिया, माया मोरे झन भुलाबे रे...
Posted on: Dec 07, 2019. Tags: CG GHANSURAM BAGHEL NARAYANPUR SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : स्वास्थ्य वर्धक का घरेलू उपचार...
प्रयाग विहार, मोती नगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्द्य एच. डी. गाँधी स्वास्थ्य वर्धक का घरेलू उपचार बता रहें है.
सामग्री:- विधारा कन्द 250 ग्राम, अश्वगंधा 250 ग्राम, इन दोनों को मिलाकर चूर्ण बनाये और उसमें`100 ग्राम मिश्री मिलाकर सुरक्षित रखें, सेवन :- मात्रा दिन में 2 बार एक-एक चमच चूर्ण सुबह खाली पेट और रात में खाना खाने के बाद दूध के साथ सेवन करने से शीघ्र लाभ मिलता है. अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे. वैद्द्य एच डी गाँधी@9111061399.
Posted on: Dec 07, 2019. Tags: HD GADHI RAIPUR CG SONG VICTIMS REGISTER
फूलों से नित हँसना सीखो, भौंरों से नित गाना...कविता-
ग्राम-बाग़डोंगरी, जिला-नरायणपुर (छत्तीसगढ़) से रंजित मंडावी साथ में निधिषा एक कविता सुना रहीं है:
फूलों से नित हँसना सीखो, भौंरों से नित गाना-
तरु की झुकी डालियों, से नित, सीखो शीश झुकाना-
सीख हवा के झोंकों से लो, कोमल भाव बहाना-
दूध तथा पानी से सीखो, मिलना और मिलाना-
सूरज की किरणों से सीखो जगना और जगाना-
लता और पेड़ो से सिखों, सबकों गलें लगाना-
मछली से सिखों स्वदेश के लिए तड़प कर मरना-
फूलों से नित हँसना सीखो, भौंरों से नित गाना...
