बिना विचारे जो करे सो पाछे पछताय...कबूतर और बाज की कहानी
बहुत समय पहले की बात है एक बाज कबूतरो का पीछा कर रहा था वो पीछा करता रहा करता रहा करता रहा मगर एक भी कबूतर पकड़ पाने में सफलता नहीं मिली तब उसने कबूतरो को धोखा देने की सोची और वो कबुतरो के दरबो के बीच एक पेड़ पर जा बैठा और उनसे कहने लगा कि वह उनकी सेवा करना चाहता है उसके पास तो कोई काम काज नहीं है और उसने कबूतरो से कहा की वो उनसे बहुत प्यार करता है मुझे अपने दड़बे में आ जाने दो मुझे अपना यार बना लो और तब मैं तुम्हार सेवक बन कर रहूँगा और मैं तुम्हारे साथ कोई बुराई नहीं करूँगा बल्कि किसी दुसरे को भी तुम्हारे साथ ज्यादती नही करने दूंगा|कबूतर राजी हो गए और उन्होंने बाज को अपने दड़बे में शामिल होने दिया दरबे में आ जाने के बाद दूसरी ही बोली बोलने लगा मैं तुम्हारा यार हूँ तुम्हे मेरी हर बात माननी चाहिए सबसे पहली बात तो यह है की मुझे अपने खाने के लिए हर दिन एक कबूतर चाहिए और वह हर दिन एक कबूतर खाने लगा कबूतर बेहद दुखी होकर सोंचने लगे वे क्या करे लेकिन देर बहुत हो चुकी थी इसे तो दरबे में आने ही नहीं देना था लेकिन अब क्या हो सकता है | सुनील कुमार@9308571702
Posted on: Dec 05, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
कैसे कही घरवा के परेशानी जी, मड़वा में चुहवा थे पानी जी...बिहार से गीत
जन आन्दोलनो के राष्ट्रीय समन्वय का 11 वां वार्षिक सम्मलेन दिनांक 2 से 4 दिसम्बर 2016 पटना बिहार में हो रहा है वहां सुनील कुमार के साथ उपस्थित हैं कैमूर जिला के साथी रामलाल जो एक गीत सुना रहे हैं:
कैसे कही घरवा के परेशानी जी, मड़वा में चुहवा थे पानी जी-
कैसे कही घरवा के परेशानी जी, मड़वा में चुहवा थे पानी जी-
खाए के नई ये ना पिए के बाचे पानी, झारा-झारा लोर चुहे इहेव बरिबे का कहानी-
कैसे कही घरवा के परेशानी जी, मड़वा में चुहवा थे पानी जी...
Posted on: Dec 04, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
आखें खोलो समय आ गया भारत की महिलाओं...महिला जागृति गीत
ग्राम-मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर बिहार से सुनील कुमार एक महिला जागृति गीत सुना रहे हैं :
आखें खोलो समय आ गया भारत की महिलाओ-
अपने जौहर अपने कौशल दुनिया को दिखलाओ-
आँखे खोलो...
गोरे पर चढ़ गयी युद्ध में रानी लक्ष्मी बाई-
दुर्गा देवी ने भी लड़ते लड़ते जान गंवाई-
रणचंडी बन के तुम भी युद्ध भूमि में आओ-
आखें खोलो समय आ गया भारत की महिलाओं...
Posted on: Dec 04, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : चुकंदर कांदा के औषधीय गुण
ग्राम-कड़हर, पोस्ट-ढकरा, थाना-सुहागी, तहसील त्यौथर, जिला- रीवा मध्यप्रदेश से उमेश कुमार पाल चुकंदर कांदा के औषधीय गुणों के बारे में बता रहे हैं | वे बताते हैं कि जमीन के अन्दर पाए जाने वाले कंद चुकंदर कांड में सोडियम, पोटेसियम, फास्फोरस, कैलिसियम के साथ साथ विटामिन D1, विटामिन D2, विटामिन C तथा सिल्का नामक खनिज भी भरपूर मात्रा में रहता है| चुकन्दर का उपयोग सलाद, दूध, सब्जी तथा अचार के साथ किया जाता है । चुकंदर खाने से कैलसियम की मात्रा बढती है तथा यह हड्डियों को भी मजबूत बनाती है और खून को भी शुद्ध करता है | चुकंदर ठंड के मौसम में खाने से विशेष लाभ होता है | उमेश कुमार पाल@7470807423
Posted on: Dec 04, 2016. Tags: SONG UMESH KUMAR PAL VICTIMS REGISTER
रब ने नवाजा हमें जिंदगी देकर...कविता...
ग्राम मालीघाट मुज्जफरपुर बिहार से सुनील कुमार हरिवंश राय बच्चन की कविता सुना रहे हैं :
रब ने नवाजा हमें जिन्दगी दे कर-
रब ने नवाजा हमें जिन्दगी दे कर-
और हम शोहरत मांगते रह गये-
जिन्दगी गुजर दी शोहरत के पीछे-
फिर जीने की मोहलत मांगते रह गये
जो सामने है उसे बुरा कहते हैं
जिसे देखा नहीं उसे खुदा कहते हैं...
