छोटा सा एक गाँव है, जाकर तो देखिये...
छोटा सा एक गाँव है, जाकर तो देखिये
कितना यहाँ तनाव है, जाकर तो देखिये
बेला-गुलाब-मोंगरा, सरसों के शहर में
काटों से बिछे जाल हैं, जाकर तो देखिये
कितना यहाँ तनाव है........
पगडंडियाँ सिकुड़ गईं, अपनों में खो गईं
चलते शहर के पाँव हैं, जाकर तो देखिये
कितना यहाँ तनाव है........
आभूषणों की बात तुम, करते हो गाँव में
सूने वधू के पाँव हैं, आकर तो देखिये
कितना यहाँ तनाव है........
Posted on: Aug 01, 2014. Tags: Devi Pandey SONG VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में: वात रोगों का पारंपरिक उपचार
Chandrakant Sharma from Mungeli in Chhattisgarh is telling us about traditional method to treat Gout: Taking 10-40 ml juice of Five leaved chaste tree or taking 3-3 gms fine powder of roasted fenugreek after filtered by cotton cloth twice a day with water is useful. This can also be used in knee arthritis. Taking 20-50 ml decoction of dry ginger after adding 5-10 ml castor oil at bed time is also beneficial. Chandrakant Sharma@9893327457
Posted on: Aug 01, 2014. Tags: Chandrakant Sharma SONG VICTIMS REGISTER
हाथी आ बबुआ, हाथी आ बेटाया...मुंडारी गीत
बुधुआ मुंडा, गाँव डूमरु, प्रखंड बनगांव, जिला पश्चिम सिंहभूम (झारखण्ड) से बोल रहे हैं कि सीजीनेट पर वे हमेशा सुनते हैं कि हांथियों ने हमला कर दिया या नुकसान कर दिया. इसीलिए हाथियों पर मुंडारी भाषा में एक गीत गा रहे हैं .साथी ने गीत के माध्यम से सलाह दी है कि हांथियों और सभी जीव-जंतुओं से प्रेम करें, तो वो भी हमें अपना मित्र समझेंगे और तब हमारा किसी भी प्रकार का नुक्सान नहीं करेंगे. यही प्रकृति का नियम है:
हाथी आ बबुआ, हाथी आ बेटाया
चेले का चिलिका में सोंसू न बबुआ
चेले का चिलिका में केलोड़ी अदवा
आटा दो माटा दो, ब्रेको जा ताला रे
गेनेदाडीम केसा के, गेनेदाडीउ ट्रुर्रर्रर्रर्रर्र के तां,
गेनेदाडीम.......
Posted on: Jul 31, 2014. Tags: Budhua Munda Mundari SONG VICTIMS REGISTER
Anganwadi worker comes once a week, children get nutritious food only then...
Pradeep is visiting Chikhalkui village in Kanpur panchayat in Alirajpur district in Madhya Pradesh were villagers are complaining to him that the employee of village Anganwadi comes only once a week and children are also getting nutritious food once a week which they should be getting everyday. You are requested to call Child and Women Development officer@9406810811 and Collector@9425188061 to help. Pradeep@8085902811
Posted on: Jul 31, 2014. Tags: FOOD PRADEEP ALIRAJPUR SONG VICTIMS REGISTER
हाय-हाय के जात हाजीपुर, के जात पटना...बिहार से झरनी लोकगीत
साथी सुनील मुजफ्फरपुर, बिहार से एक झरनी लोकगीत गा रहे हैं. लोग बांस का छोटा-छोटा झाडू बनाकर समूह में इस गीत को गाते-बजाते और नाचते भी हैं:
हाय-हाय के जत हाजीपुर, के जत पटना
के जत बेतिया शहरवे हाय-हाय
हाय-हाय बाबा जत हाजीपुर, भइया जत पटना,
स्वामी जत बेतिया शहरवा, हाय-हाय
हाय-हाय के लैते सारी सुगवा, के लैते कंगना
के लैते सिर के सिंदुरवे हाय-हाय
हाय-हाय पापा लैते सारी सुगवा, भइया लैते कंगना
स्वामी लैते सिर के सिंदुरवे, हाय-हाय
हाय-हाय के पहनते सारी सुगवा, भौजी पहनते कंगना
हम पहनबे सिर के सिंदुरवा हाय-हाय
हाय-हाय अम्मा पहनते सारी सुगवा
भौजी पहनते कंगना, हम पहनबे सिर के सिंदुरवा हाय-हाय
हाय-हाय फटी जाते सारी-सुगवा
टूट जाते कंगना, रह जाते सिर के सिन्दुरवे हाय-हाय.....
हाय-हाय फटी जाते सारी-सुगवा, टूट जाते कंगना,
रह जाते सिर के सिन्दुरवे हाय-हाय
हाय-हाय फटी जाते सारी-सुगवा, टूट जाते कंगना,
रह जाते सिर के सिन्दुरवे हाय-हाय.....
