कहां मेर होथे अचानकपुर गाँव...गीत-
खैरागढ़, जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से जया मुंडे एक गीत सुना रही हैं :
कहां मेर होथे अचानकपुर गाँव-
तोला पूछत आहूं रे-
मुंगेली शहर देवी गंगा के मेला घुमे ला अहूँ ओ-
थाना मुंगेली मोर जिला बिलासपुर-
अचानकपुर मोर गांव-
देवी चौरा पीपर के छईया-
सेवी मरन मोर नाव...
Posted on: Jan 18, 2020. Tags: CG JAYA MUNDE RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER
छेर छेरा त्यौहार की शुरुआत...कहानी-
जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र गंधर्व छेर छेरा त्यौहार के विषय में जानकारी दे रहे हैं, छेर छेरा पर्व की शुरुआत उस समय हुई थी, जब देश में अकाल की स्थिति हुई और बड़े जमीदार ने अन्न को अपने गोदाम में दबाकर रखते थे गरीबो को खाने को नहीं मिलता था, उस समय अकाल ने अमीरो की ही कमर तोड़ दी उन्हें कमजोर कर दिया, तब उन्हें सलाह दी गयी वे गरीबो को अन्न बांटे, तब उन्होंने अपने अन्न भंडार का द्वार गरीबो के लिये खोल दिया, तब से इस पर्व की शुरुआत हुई और तब सभी आमिर गरीब मिलकर इस पर्व को मानाने लगे और मिलजुलकर रहने लगे | इस तरह इस दिन सभी भेद भाव को मिटाकर घर घर अन्न मांगते है और मिलकर खाते हैं|
Posted on: Jan 16, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHA
क्रिकेट में विकेट का और मोबाईल में सीजीनेट का...कविता-
जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र गंधर्व एक कविता सुना रहे हैं :
राईस में प्लेट का बैठने में मेज का-
क्रिकेट में विकेट का और मोबाईल में सीजीनेट का-
बड़ा ही महत्व है-
दुनिया में अंबर का मोबाईल में नंबर का – बड़ा ही महत्व है-
सबको खुस रखे साल दो हजार बीस-
मेरा मोबाईल नंबर है 9098921436…
Posted on: Jan 15, 2020. Tags: CG POEM RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV
अभिलाषा है अभिलाषा है...गीत-
अभिलाषा विद्यालय राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र गंधर्व जो एक नेत्रहीन विद्यालय के शिक्षक है एक गीत सुना रहे हैं :
अभिलाषा है अभिलाषा है सबके सुख की अभिलाषा-
अभिलाषा है संग रहने की, मिल जुलकर सुख दुःख सहने की-
कुछ सुनने की कुछ कहने की-
अभिलाषा है अभिलाषा है हमें प्रेम की भाषा पढ़ने की-
हमें नील गगन पर चढने की-
नूतन इतिहास को गढ़ने की अभिलाषा है अभिलाषा है...
Posted on: Jan 08, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV
किसान स्वर : हम लोगो ने कोदो उगाना शुरू किया है, अच्छा दाम मिलेगा तो बेचना चाहेंगे...
ग्राम-करमोता, जिला-राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से बिरोहिन बता रही है कि वे गांव में महिला समूह और एकता परिषद समूह के माध्यम से कोदो की खेती करती हैं, परंपरागत खेती में जो बीजें लुप्त होती जा रही है, उसे बचाने के लिए ज्यादा से ज्यादा फसल उगाते हैं, वहां पर खेती कम होती है, इसलिए वे लोगो को खेती के लिए प्रेरित करते है, वे 2 साल से अच्छी फसल उगा रहे हैं, ये शुगर की बीमारी में काम आता है, पहले लोग कोदो की खेती करते थे लेकिन आज हाइब्रिड खेती करते हैं, वे लोगो प्रेरित करते हैं जिससे अब लोग धीरे-धीरे समझ रहे हैं, और कोदो की खेती के लिए आगे आ रहे हैं, यदि उन्हें अच्छा दाम मिले तो बेच भी सकते हैं: संपर्क@9406436426.

