देश की सुगंधवा की बिरहानु मनवा मराई गैले ना...भोजपुरी देशभक्ति गीत
ग्राम- दहेजवार जिला-बलरामपुर, (छत्तीसगढ़) से अंजली जी एक देश भक्ति गीत भोजपुरी में सुना रही हैं| यह गीत उन जवानों को समर्पित है जिन्होंने देश के लिए जान गवां दी:
देश की सुगंधवा की बिरहानु मनवा मराई गैले ना-
कि देश की जवनवा मराई गैले ना-
कितना वीरनवा की जनवा मरैले हो-
खा कर भैले ना-
सुहागिन की मांगिया धोवाइल गैले ना-
रोई- रोई कहे ली माई रे बहिनया हो-
रक्षा करहु ना...
Posted on: Jan 16, 2016. Tags: Anjli Kumari SONG VICTIMS REGISTER
आजा रे आजा रे, हमर देश के भैया रे, रात दिन हाथी आते करेते परेशान...लोकगीत
ग्राम-चंदोरा, पोस्ट-जलजली, तहसील-बलरामपुर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से संतकुमारी आयाम जी एक गीत प्रस्तुत कर रही हैं:
आजा रे आजा रे, हमर देश के भैया रे – हमर लाते कारे हमर भारत नया रे – आजा रे आजा रे हमर देश के भैया रे – रात दिन, रात दिन, हाथी आते करेते परेशान-
आजा रे आजा रे हमर देश के भैया रे – हमर लाते कारे हमर भारत नया रे...
Posted on: Jan 15, 2016. Tags: SONG Santkumari Aayaam VICTIMS REGISTER
काटों की राहों में चलना सम्हल-सम्हल के...विदाई गीत
ग्राम-दहजवार, पंचायत-सरनाडीह, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से कुमारी अंजू यादव एक विदाई गीत प्रस्तुत कर रही हैं:
काटों की राहों में चलना सम्हल-सम्हल के-
कदम थके ना शीष झुके ना सांस रुके ना-
दीप बुझे ना दीप बुझे ना-
काटों की राहों में चलना सम्हल-सम्हल के-
जब कर्म से दूर जाना हमें याद रखना-
मिले सफलता यही मंजिल है यही आपका नाम-
काटों की राहों में चलना सम्हल-सम्हल के...
Posted on: Jan 09, 2016. Tags: KUMARI ANJU YADAV SONG VICTIMS REGISTER
रोटी का सवाल है भइया रोटी का सवाल...संघर्ष गीत
जिला-मुजफ्फरपुर, बिहार से कक्षा-4 की छात्रा अदिति कुमारी एक गीत गा रही हैं:
रोटी का सवाल है भइया रोटी का सवाल-
लाखों-लाख करोड़ों भूखे-नंगो का सवाल-
ये तेरा भी सवाल है, ये मेरा भी सवाल-
तेरे घर में आधी रोटी मेरे घर में फाका-
तेरे घर में सेंध लगी तो मेरे घर में डाका-
तू भी फटेहाल है भाया मैं भी फटेहाल-
तुझको मारा खुली जगह पे मुझको गलियारों में-
तुझको मारा भिन्सारे में मुझको अंधियारों में-
जीना है मोहाल मेरा, तेरा भी मोहाल-
रोटी का सवाल हैं भइया रोटी का सवाल...
Posted on: Sep 04, 2015. Tags: Aditi Kumari SONG VICTIMS REGISTER
कन्हैया घर चलो गुईया आज खेल होरी...होली गीत
मुजफ्फरपुर, बिहार से अनीता कुमारी होली पर्व पर एक गीत प्रस्तुत कर रही है:
कन्हैया घर चलो गुईया आज खेल होरी-
आज खेर होरी गुईया, आज खेल होरी-
कन्हैया घर चलो गुईया आज खेल होरी-
अपने-अपने महल से निकसे कोई संवर कोई होरी-
एक-से-एक यौवन मदमाते सभी उमर के छोरी-
कन्हैया घर चलो गुईया आज खेल होरी-
कोई चटकत कोई मटकत आवत-
कोई नाचत गत मोरी-
चमक-चमक चपलासी चमकत-
गिरक बदन मरोड़ी-
कोरे-कोरे कलश मँगाओ, उसमे भरो रंग जी-
शाम के रंग में श्याम के संग में-
खेलूंगी मै होली कन्हैया घर चलो गुईया आज खेल होरी...
