दुनिया में होवथ है गोहर,जय सेवा बड़ादेव हो...गोंडी धर्म गीत
ग्राम पंचायत-देवरी, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश पोया एक बड़ादेव का सुमिरन गीत सुना रहा है:
दुनिया में होवथ है गोहर,जय सेवा बड़ादेव हो-
दुनिया में होवथ है गोहर,जय सेवा बड़ादेव हो-
मन में धरा,मन में धरा ओखर विचार-
दुनिया में होवथय गोहर,जय सेवा बड़ादेव हो-
मन मने सबे कोनो,धरा विचार-
जय सेवा नारा दुनिया म रे-
दुनिया में होवथय गोहर,जय सेवा बड़ादेव हो...
Posted on: Jun 22, 2018. Tags: KAILASH SINGH POYA SURAJPUR SONG VICTIMS REGISTER
सूरजपुर में महान नदी के तट पर शिवरात्रि का मेला लगता है, जहां दूर दूर से लोग आते हैं...
महान नदी की पावन भूमि सरो सरोहर जो पंचायत चन्द्रमेडा, ब्लाक ओड़गी, जिला सूरजपुर (छत्तीसगढ़) में है वहां से गाँव के रामलाल सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा के साथी बाबूलाल नेटी को बता रहें है कि महाशिवरात्रि में इस स्थल पर मेला लगता है जिसमे लोग काफी दूर-दूर से दर्शन करने आते हैं| यहां पर भगवान राम मंदिर, शंकर भोले मंदिर, माँ दुर्गा मंदिर, हनुमान जी की मंदिर और सतलोकी देवी का भी मंदिर है| ये चारो तरफ पहाड़ों से घिरा हुआ एक अत्यंत सुन्दर दर्शनीय स्थल है जिसमें सभी जाति धर्म से सम्बंधित लोग अपनी-अपनी मनोकामनाएँ लेकर आते है| बाबूलाल नेटी@9399532575.
Posted on: Jun 22, 2018. Tags: RAMLAL SURAJPUR SONG VICTIMS REGISTER
शिवा गुरु बिना जिन्दगी वीरान ये जीवन बीत रहा...भजन गीत
ग्राम-अलका, थाना-चलगली, तहसील-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से सुरेश कुमार पोया एक भजन गीत सुना रहे हैं:
शिवा गुरु बिना जिन्दगी वीरान ये जीवन बीत रहा-
ये सुखी कामेश्वर दे तुझे गले लगाना दुःख हो तो कोई ना आवे-
शिवा गुरु बिना जिन्दगी वीरान ये जीवन बीत रहा-
माता पिता भाई और बहना माने गा नही तेरा कहना-
भईया हरीन्द्र आन्दन गोसाई कहे हो तुम भाई भाई-
शिवा गुरु बिना जिन्दगी वीरान ये जीवन बीत रहा...
Posted on: Jun 20, 2018. Tags: SONG SURESH KUMAR POYA VICTIMS REGISTER
जम मग ज्योति जले बूढ़ादेव के आरती होए...आरती गीत
ग्राम-देवरी, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक बडादेव की आरती गीत सुना रहे है:
जम मग ज्योति जले बूढ़ादेव के आरती होए-
ज्योति जले हो भईया ज्योति जले-
कोने तो गहावे अउ कोने हर बजावे-
लिंगो तो गावे पारी कुपारी बजावे-
संग साथी आरती गावे बूढ़ादेव के आरती होए-
जम मग ज्योति जले बूढ़ादेव के आरती होए...
Posted on: Jun 19, 2018. Tags: KAILASH SINGH POYA SURAJPUR SONG VICTIMS REGISTER
हमारे अलवरखुर्द गांव से कैसे दूसरा गांव अलवरकला बना...एक गाँव की कहानी
ग्राम-अलवरखुर्द, पंचायत-सोनेकान्हार, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सुखलाल सलाम बता रहे हैं कि पहले अलवरखुर्द और अलवर कला एक ही गांव था लेकिन बाद में दोनों को अलग कर दो गांव बना दिया गया उनका कहना है कि 1945 से पहले वहां मुस्लिम परिवार रहता था इन लोगो ने उस जगह का नाम अलवर खुर्द रखा था, लेकिन फिर वे चले गए, और अब वहां पूरी आदिवासी बस्ती है. कई वर्ष पूर्व गांव के एक व्यक्ति ने अपनी बेटी की शादी की और गांव को अलग कर अपनी बेटी को दहेज़ में दिया जिसका नाम अलवरकला पड़ा तब से वहां दो गांव है| अंकित पडवार@9993697650.
