बोल-बोल-बोल भैया जिंदाबाद बोल...आंदोलन गीत

ग्राम-सरईमाल, पोस्ट-चांदवानी, जिला-डिन्डोरी (म.प्र.) से संतोष अहिरवार एक गीत सुना रहे है:
बोल-बोल-बोल भैया जिंदाबाद बोल-
एकता स्वरूप गुल क्रांति का बजे-
एकता की ताकत से नौजवान बढे-
जागो उठो देखो भैया समय है अनमोल-
सीजीनेट स्वर में सीजीनेट स्वर में जिंदाबाद बोल-
कैसा शासन कैसा नेता कैसा भ्रष्टाचारी है-
अमीरों का रोज, गरीबो का रोज-
फिर भी जनता का है राज-
फिर भी फिरती मारी-मारी है-
चोरो दलालों के खोल देंगे पोल-
बोल-बोल-बोल भैया जिंदाबाद बोल...

Posted on: Feb 22, 2018. Tags: SANTOSH AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER

हमारे विद्यालय में रिपेयर का पैसा प्रधान अध्यापक दबा कर बैठे हैं, कृपया फोन करके दबाव बनाएं...

पिरोद टोला, ग्राम-धवाठाड़, पंचायत-गायचंदा, प्रखंड-झरडीह, जिला-बोकारो (झारखण्ड) से शिवनारायण महतो बता रहे है कि विद्यालय में टूटी हुई छत के नीचे बच्चो का भोजन बनाया जाता है तथा रसोई घर के सामने वाली नाली भी टूटी हुई है और यहाँ भोजन का गन्दा पानी जमा हो जाने से विद्यालय के आसपास असहनीय बदबू फ़ैल रही है| सरकार की ओर से राशि विद्यालय को भेज दी गई है| लेकिन उक्त राशि को विद्यालय के प्रभारी प्रधान अध्यापक अपने पास ही रखे है इसलिए साथी सीजीनेट सुनने वाले साथियों से अपील कर रहे है कि इन नम्बरों में बात कर उनकी समस्या का समाधान करवाए: जिला शिक्षा अधिकारी@9431440966, शिक्षा प्रसार अधिकारी@9431742315, प्रभारी@8210447901. महतो@9939727689.

Posted on: Feb 16, 2018. Tags: SHIVNARAYAN MAHTO SONG VICTIMS REGISTER

सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भृकुटी तानी थी...कविता

जिला डिंडोरी मध्यप्रदेश से संतोष कुमार अहिरवार एक कविता सुना रहे हैं :
सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भृकुटी तानी थी – बूढ़े भारत में आई फिर से नयी जवानी थी – गुमी हुई आज़ादी की कीमत सबने पहचानी थी – दूर फिरंगी को करने की सबने मन में ठानी थी – चमक उठी सन सत्तावन में, वह तलवार पुरानी थी – बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी – खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी...

Posted on: Feb 09, 2018. Tags: SANTOSH KUMAR AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER

सुनो-सुनो सब चतुर सुजान...गीत

संतोष अहिरवार ग्राम-सरईमाल, विकासखंड-समनापुर, जिला-डिंडोरी (म.प्र.) से बोल रहे है कि आज की दुनिया डिजिटल इंडिया है अपने को परिवर्तन करना और परिवर्तन लाना आज की विशेष आवश्यकता है उसी के सम्बन्ध में एक गीत सुना रहे है:
सुनो-सुनो सब चतुर सुजान-
लईका सयान लगा के ध्यान जय गंगा-
सुनो-सुनो दुनिया के हाल-
नर नारी के बिगड़े चाल जय गंगा-
कपटी हो गए सब नर नारी...

Posted on: Feb 07, 2018. Tags: SANTOSH AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER

अपना गावं भी अब तो नहीं लगता अपना...झारखंड से कविता

बीरेंद्र कुमार महतो जिला-रांची (झारखंड) से एक स्वरचित कविता सुना रहे हैं जिसका शीर्षक है चाह :
अपना गावं भी अब तो नहीं लगता अपना-
उजाड़ औार वीरान हर तरफ-
सिर्फ बंजर पड़े हैं सारे के सारे खेत-
बूढी दादी भी अब तो नहीं सिझाति धान-
हुआ करती थी कभी वो सूने खलिहानो की शान-
खाली ढन-ढन पड़े हैं सारे के सारे बासन बर्तन-
चूल्हे पर भी नहीं दिखते ताव...

Posted on: Feb 07, 2018. Tags: Birendra Mahto SONG VICTIMS REGISTER

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