Impact : संदेश रिकॉर्ड करने के बाद आंगनवाड़ी की समस्या हल हो गयी...
ग्राम-मरकानार, पंचायत-तुडपारास, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से मदनलाल बता रहे हैं, उनकी पत्नी भुनेश्वरी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं वे आंगनवाड़ी की समस्या को लेकर आवेदन दिये थे लेकिन उनका काम नहीं हो पा रहा था तब उन्होंने 12 नवंबर 2017 को सीजीनेट में अपनी समस्या को रिकॉर्ड किया, जिसके बाद उनकी समस्या हल हो गयी है आंगनवाड़ी का काम हो गया है इसलिये वे मदद करने वाले सभी श्रोताओं और संबंधित अधिकारियों को धन्यवाद दे रहे हैं |
Posted on: Jan 17, 2020. Tags: CG IMPACT STORY MADANLAL NARAYANPUR SONG VICTIMS REGISTER
Impact : स्कूल की स्थिति ख़राब थी अब सुधार कार्य शुरू हो गया है...
ग्राम-तेरदुल, पंचायत-देवगांव, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से ललित कुमार बता रहे हैं कि उनके गाँव में 4 साल से स्कूल की स्थिति ख़राब थी जिसके सुधार के लिये पैसा आ चुका था लेकिन काम नहीं हो रहा था, तब उन्होंने सीजीनेट में रिकॉर्ड किया जिसके बाद अब सुधार का काम शुरू हो गया है इसलिये वे मदद करने वाले सभी श्रोताओ और संबंधित अधिकारियों को धन्यवाद दे रहे हैं : संपर्क नंबर@8234826635.
Posted on: Jan 16, 2020. Tags: CG IMPACT STORY LALIT KUMAR NARAYANPUR SONG VICTIMS REGISTER
Impact : हैण्डपंप बन जाने से पानी की समस्या हल हो गयी...
भुरवा, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से परमिला बता रही हैं, उनके पारा में हैण्डपंप ख़राब था जिसके कारण पानी समस्या हो रही थी, उन्हें दूर दूसरे हैण्डपंप से पानी लाना पड़ता था, तब उन्होंने एक माह पहले अपनी समस्या को सीजीनेट में रिकॉर्ड किया जिसके बाद कर्मचारी हैण्डपंप का सुधार कर दिये जिससे पानी की समस्या हल हो गयी इसलिये वे मदद करने वाले सभी श्रोताओ और संबंधित अधिकारियों को धन्यवाद दे रहे हैं : संपर्क नंबर@7587788351.
Posted on: Jan 15, 2020. Tags: CG IMPACT STORY NARAYANPUR PARMILA SONG VICTIMS REGISTER
आलू का चालू बेटा कहा गये थे...कविता-
ग्राम पंचायत-नेलवाड़, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से महेश कुमार एक कविता सुना रहे हैं :
आलू का चालू बेटा कहाँ गये थे-
सब्जी के टोकरी में सो रहे थे-
बैगन ने मारा दिया रो रहे थे-
गाजर ने प्यार किया हस रहे थे...
Posted on: Jan 13, 2020. Tags: CG NARAYANPUR POEM RANJIT MANDAVI SONG VICTIMS REGISTER
12 जनवरी राष्ट्रिय युवा दिवश...
12 जनवरी हो प्रत्येक वर्ष स्वामी विवेकानंद का जन्मदिन या जयंतीी, राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाते हैं। उनका जन्मदिन राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाए जाने का प्रमु्ख कारण उनका दर्शन, सिद्धांत, अलौकिक विचार और उनके आदर्श हैं, जिनका उन्होंने स्वयं पालन किया और भारत के साथ-साथ अन्य देशों में भी उन्हें स्थापित किया। उनके ये विचार और आदर्श युवाओं में नई शक्ति और ऊर्जा का संचार कर सकते हैं। उनके लिए प्रेरणा का एक उम्दा स्त्रोत साबित हो सकते हैं।
‘उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक मंजिल प्राप्त न हो जाए’ का संदेश देने वाले युवाओं के प्रेरणास्त्रोत, समाज सुधारक युवा युग-पुरुष ‘स्वामी विवेकानंद’ का जन्म 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता (वर्तमान में कोलकाता) में हुआ। इनके जन्मदिन को ही राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है।
किसी भी देश के युवा उसका भविष्य होते हैं। उन्हीं के हाथों में देश की उन्नति की बागडोर होती है। आज के पारिदृश्य में जहां चहुं ओर भ्रष्टाचार, बुराई, अपराध का बोलबाला है जो घुन बनकर देश को अंदर ही अंदर खाए जा रहे हैं। ऐसे में देश की युवा शक्ति को जागृत करना और उन्हें देश के प्रति कर्तव्यों का बोध कराना अत्यंत आवश्यक है। विवेकानंद जी के विचारों में वह क्रांति और तेज है जो सारे युवाओं को नई चेतना से भर दे। उनके दिलों को भेद दे। उनमें नई ऊर्जा और सकारात्कमता का संचार कर दे...
