मुँह सी के अब जी ना पाऊँगी, जरा सबसे ये कह दो...
बिलासपुर, छत्तीसगढ़ से निर्मला साहूजी महिला सशक्तिकरण पर एक कविता प्रस्तुत कर रही हैं:
मुँह सी के अब जी ना पाऊँगी-
जरा सबसे ये कह दो-
बाबा कहें, बिटिया पढ़ने न जाना-
अपना मैं ज्ञान बढ़ाउंगी-
जरा सबसे ये कह दो...
अम्मा कहें, बिटिया शीष झुकाना-
सिर को मैं ऊँचा उठाउंगी-
जरा सबसे ये कह दो-
भाई कहे, बहना चौखट न लांघना-
अब ना गुलामी सह पाऊँगी-
जरा सबसे ये कह दो-
दुनियां कहे, मुनियाँ मन की ना करना-
अपने मैं सपने सजाऊँगी-
जरा सबसे ये कह दो-
मुँह सी के अब जी न पाऊँगी-
जरा सब से ये कह दो !
Posted on: Dec 16, 2014. Tags: Nirmala Sahu SONG VICTIMS REGISTER
45 of us worked for forest dept in June, No payment yet, Please call officers...
Bhajan Bhalavi is visiting Sirukhapa village in Jamaniya panchayat of Ghansor block and tehsil of Seoni district in Madhya Pradesh where villagers tell him that in the month of June earlier this year 45 of them worked for plantation work under forest dept but are still waiting for their wages. They have complained to forest officers many times but no one listens. You are requested to call Forest officer@9424794181 to help them.Bhajan Bhalavi@9617163985
Posted on: Dec 15, 2014. Tags: BHAJAN BHALAVI FOREST SONG VICTIMS REGISTER
हम भारत के वीर सिपाही, हम बढ़ते ही जाएंगे...
बाल विकास केंद्र -नयी बस्ती, खैरहा,जिला-रीवा (मप्र) से आकाश आदिवासी जी एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं. यह गीत दुनिया के उन वंचित बच्चों के लिए एक आवाज है जो आगे बढ़ने के लिए तत्पर हैं:
हम भारत के वीर सिपाही, हम बढ़ते ही जाएंगे-
बाधा चाहे जो भी आए, कभी न हम घबराएंगे-
हम भारत के वीर सिपाही...
नन्हें-नन्हें कदम हमारे, ऊँचे उठते जाएंगे-
लिए सत्य में हाथ सभी को, अपनी मंजिल पाएंगे-
हम भारत के वीर सिपाही...
आंधी-तूफान जो भी आए, हार कभी न पाएंगे-
चाहे बिजली लाख डराए, कदम न अब रुक पाएंगे-
हम भारत के वीर सिपाही...
Posted on: Dec 15, 2014. Tags: Akash Adivasi SONG VICTIMS REGISTER
Impact: We got back our NREGA job cards after 5 years but no wages yet...
Naresh Bunkar is calling from Navalpur village under Piperkhuti Panchayat in Lormi block of Mungeli district in Chhattisgarh and says 350 worked in pond digging for 30 days under NREGA in Jan-March 2014 but haven’t got their wages yet. Job cards of these workers was with sarpanch from 5 years and there was no entry.They had recorded a message on CGnet after it job cards have been returned but no payment. Pls call CEO@ 9301845345 and Collector@9425280067. Naresh@8720822286
Posted on: Dec 15, 2014. Tags: NARESH BUNKAR NREGA SONG VICTIMS REGISTER
भूखे-मजदूर-किसानों के लिए, वीर नारायण सिंह ने अपना खून बहाया था...कविता
भागीरथी वर्मा, रायपुर, छतीसगढ़ से हैं. छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अभी हाल ही में वीर नारायण सिंह का शहादत दिवस मनाया गया है. उसी सन्दर्भ में एक कविता का प्रस्तुत कर रहे हैं:
छतीसगढ़ के सोनाखान में, इंक़लाब का बिगुल बजाया था
भूखे-मजदूर-किसानों के लिए, वीर नारायण सिंह ने अपना खून बहाया था
सन 1856 के अकाल में
भूख से बिलखते, गरीब-किसानों के जीवन की रक्षा में
अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष चलाया था
छतीसगढ़ के सोनाखान में...
सोये हुए आदिवासियों को, उस वीर ने जगाया था
बेईमानों को ललकारा था
ऐ लुटेरे ! तू खाली हाथ आया है, अब खाली हाथ ही जाएगा
छतीसगढ़ के सोनाखान में...
जन आंदोलन देखकर, मक्कारों ने घबराया था
राजद्रोही बनाकर उस वीर को, जेल में ठूंसवाया था
जल्लाद अंग्रेज ने भी उस वीर के साथ, कैसा दुर्व्यवहार रचाया था
बीसों नाख़ून खींचकर, उँगलियों को लहू-लुहान बनाया था
छतीसगढ़ के सोनाखान में...
10-दिसंबर-1857 का, वह मनहूस दिन भी आया था
देश के गद्दारों ने जयस्तंभ चौक पे, उस वीर को फांसी पर लटकाया था
उस वीर के शहीद होने से, छत्तीसगढ़ के धरती में मातम सा पसराया था
छतीसगढ़ के सोनाखान में...
